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27 दिसंबर, 2020|11:47|IST

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आंदोलन रंग लाया: इंटर्न डाक्टरों का मानदेय बढ़ाने के लिए समिति गठित

सरकारी मेडिकल कालेजों, संस्थानों व विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस व बीडीएस परीक्षा पास छात्रों को अनिवार्य रोटेटिंग इन्टर्नशिप के दौरान मिलने वाले इंटर्नशिप भत्ता 7500 रुपये को बढ़ाने के प्रकरण पर अपनी संस्तुति देने के लिए सरकार ने एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। 

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा की ओर से जारी आदेश के तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव इस समिति के अध्यक्ष होंगे जबकि वित्त एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव इसके सदस्य होंगे। आदेश में कहा गया है कि यदि समिति को चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक कार्यालय के विशेषज्ञ की समिति की बैठकों में आमंत्रित कर सुझाव लेने की जरूरत महसूस होगी तो समिति के अध्यक्ष ऐसे विशेषज्ञ को समिति की बैठकों में आमंत्रित कर सकते हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि समिति अपनी संस्तुति आगामी 5 दिसम्बर तक चिकित्सा शिक्षा विभाग को देगी।

पिछले दिनों केजीएमयू के इंटर्न डॉक्टर भत्ता (स्टाइपेंड) बढ़ाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। इंटर्न डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन से कई बार गुहार लगाई। इसके बावजूद भत्ते के मसले पर सुनवाई नहीं हुई। केजीएमयू में 250 एमबीबीस व बीडीएस इंटर्न डॉक्टर हैं। एमबीबीएस व बीडीएस इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि पिछले 10 सालों से भत्ता में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। जबकि महंगाई में कई गुना इजाफा हुआ है। 

इंटर्न का कहना था कि रोज के हिसाब से 250 रुपये ही स्टाइपेंड प्रदान किया जा रहा है। जो कि दैनिक मजदूर से भी कम है। हमें इतना कम भत्ता क्यों प्रदान किया जा रहा है? इंटर्न डॉक्टरों ने केंद्रीय चिकित्सा संस्थान व दूसरे मेडिकल संस्थानों की भांति 23500 से 30 हजार रुपये देने की मांग की है। 

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  • Web Title:Movement brought color: Committee set up to increase honorarium of intern doctors