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Hindi News उत्तर प्रदेशएनईआर में चलानी पड़ीं 200 से अधिक स्‍पेशल ट्रेनें, एक साल में बढ़ गए 17% यात्री 

एनईआर में चलानी पड़ीं 200 से अधिक स्‍पेशल ट्रेनें, एक साल में बढ़ गए 17% यात्री 

पूर्वोत्तर रेलवे में एक साल में रिकॉर्ड 17 फीसदी यात्री बढ़े हैं। 2022-23 में जहां 12.2 करोड़ ने लोगों यात्रा की थी, वहीं 2023-24 में यात्रियों की संख्या करीब 2 करोड़ बढ़कर 14.01 करोड़ हो गई।

एनईआर में चलानी पड़ीं 200 से अधिक स्‍पेशल ट्रेनें, एक साल में बढ़ गए 17% यात्री 
Ajay Singhआशीष श्रीवास्तव,गोरखपुरSun, 28 Apr 2024 06:30 AM
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Railway News: पूर्वोत्तर रेलवे में एक साल में रिकॉर्ड 17 फीसदी यात्री बढ़े हैं। 2022-23 में जहां 12.2 करोड़ ने लोगों यात्रा की थी, वहीं 2023-24 में यात्रियों की संख्या करीब दो करोड़ बढ़कर 14.01 करोड़ हो गई। किसी भी जोनल रेलवे में एक साल में इतनी संख्या में यात्रियों का इजाफा अब तक का रिकॉर्ड है। यात्रियों की बढ़ी संख्या की वजह से ही एनईआर को 2023-24 में रिकॉर्ड 200 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलानी पड़ीं। हालांकि त्‍योहारों के दौरान कंफर्म टिकट के लिए अब भी मारामारी है। 

पूर्वोत्तर रेलवे ने छपरा-गोरखपुर-बाराबंकी, 425 किलोमीटर की मेन लाइन पर यार्ड रिमाडलिंग, रफ्तार, विद्युतीकरण और पटरियों को मजबूत कर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई है। स्थिति यह है कि 150 से 160 ट्रेनों की क्षमता वाले ट्रैक (रेल लाइन) पर 250 से 260 ट्रेनें चल रही हैं। मालगाड़ियों की संख्या दोगुनी होने के साथ अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें भी चलने लगी हैं। ट्रेनों की संख्या ज्यादा हो जाने की वजह से अब नई ट्रेन को ट्रैक पर उतारने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। ऐसे में गोरखपुर आकर समाप्त होने वाली ट्रेनों को आगे के स्टेशनों पर बढ़ाने की प्लानिंग चल रही है।  

गोरखपुर से रोजाना 75 से 80 हजार लोग कर रहे यात्रा 
2022-23 में गोरखपुर से जहां रोजाना औसत यात्रियों की संख्या 55 से 60 हजार के बीच थी, वही इस वर्ष यह संख्या 75 से 80 हजार हो गई है। यात्रियों और ट्रेनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ही स्टेशन के रीमॉडलिंग का प्लान तैयार किया गया है। 

त्योहारों के दौरान अब भी कन्फर्म टिकट के लिए मारामारी 
फरवरी में पूरे एनई रेलवे में विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों की औसत रफ्तार में इजाफा हुआ है। वर्ष 2013-14 में गोरखपुर जंक्शन के यार्ड की रिमाडलिंग हुई थी। उस समय जंक्शन पर दस प्लेटफार्म बनने के साथ मुख्य मार्ग का दोहरीकरण भी पूरा हो गया था। रिमाडलिंग के बाद गोरखपुर कैंट से गोरखपुर जंक्शन पर ट्रेनों के प्रवेश की क्षमता 150 से 160 थी। अभी यार्ड वही है, रेल लाइनें भी वही हैं, लेकिन ट्रेनों की संख्या बढ़ गई है। इस कवायद के बाद भी त्योहारों के दौरान गाड़ियां कम पड़ जा रही हैं। नियमित ही नहीं, स्पेशल भी फुल चल रही हैं। कन्फर्म टिकट के लिए मारामारी मची हुई है।

क्‍या बोले सीपीआरओ 
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों की संख्या में दो करोड़ का इजाफा हुआ है। 17 फीसदी की बढ़ोतरी से साफ है कि पूर्वोत्तर रेलवे ने यात्रियों को बेहतर सेवाएं दी हैं। हम लगातार स्पेशल ट्रेनें भी चला रहे हैं।