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ड्रोन से होगी मतगणना स्थल सुरक्षा की निगरानी, सोशल मीडिया पर भी निगाहें

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उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर 23 मई की सुबह 7 बजे से शुरू होने मतगणना के लिए मतगणना स्थल के भीतर व उसके आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम किये गये हैं। इसके अलावा मतगणना से उपजे हालात पर नियंत्रण रखने व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिये हर जिले के पुलिस प्रशासन को सतर्क किया गया है। राज्य के 36 जिलों को साम्प्रदायिक दृष्टि से और 22 जिलों को सियासी नजरिये से संवेदनशील माने गये हैं।

प्रदेश के आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बुधवार को यहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ प्रेस कान्फ्रेंस में उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मतगणना के कार्य में बाधा डालने और जिले में अफवाह फैलाकर या शरारतपूर्ण हरकत के जरिये माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया की लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक सोशल मीडिया पर प्रसारित-प्रकाशित असत्य, भ्रामक व उत्तेजना फैलाने वाली पोस्ट के मामले में 74 मुकदमे दर्ज करवाये गये हैं। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। मतगणना स्थल से या अन्यत्र किसी भी स्थान से विजय जुलूस निकाले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

मतगणना प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए आयोग द्वारा 149 प्रेक्षक तैनात किये गये हैं। जो संसदीय क्षेत्र एक से अधिक जिलों में हैं वहां पर एक से अधिक प्रेक्षक तैनात किये गये हैं। पूरी मतगणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

सभी काउंटिंग एजेंटों को बिना फोटोयुक्त पास के प्रवेश नहीं मिल सकेगा। सुरक्षा के लिहाज से मतगणना हाल के चारों ओर तीन सुरक्षा स्तर बनाए गए हैं। सुरक्षा की व्यवस्था तीनों परिधियों में सुनिश्चित की जायेगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिये  121 कंपनी केन्द्रीय रिजर्व बल, 150 कंपनी पीएसी एवं एक लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गयी है। काउन्टिंग रूम में मतगणना कक्ष के अन्दर जब तक किसी विशेष परिस्थिति में आरओ से आदेश न मिले पुलिस प्रवेश नहीं करेगी। मतगणना स्थल में कोई व्यक्ति अनधिकृत प्रवेश नहीं करेगा।

100 मीटर के दायरे में इंट्री पर सख्ती
प्रदेश के सभी 75 जिलों में 80 लोकसभा क्षेत्र और दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए हुए चुनाव की मतगणना होगी। इसके लिए मतगणना स्थल पर त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है। सबसे संवेदनशील पहला 100 मीटर का दायरा होगा। इसमें बिना फोटो पहचान पत्र किसी को भी इंट्री नहीं मिलेगी। यहां केवल राजनैतिक दल के एजेंट, मतगणना कर्मी, अधिकारी और पासधारक मीडिया को ही जाने की अनुमति होगी। इस क्षेत्र में मोबाइल का प्रयोग भी नहीं हो सकेगा। मीडिया को केवल मीडिया सेंटर तक ही मोबाइल ले जाने की अनुमति है। मतगणना के दूसरे और तीसरे स्तर की सुरक्षा पर सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जाएगी। 

इसके अलावा सभी जिलों को पब्लिक एड्रेस सिस्टम को अपडेट करने को कहा गया है ताकि सूचनाओं को सटीक प्रसारण हो सके। मतगणना स्थल के अलावा शहर या जिलों में भी पुलिस-पैरामिलिट्री की गश्त जारी रहेगी। सिविल ड्रेस में पुलिस मतगणना स्थल के अलावा शहरों में भी मौजूद रहेगी। ताकि किसी तरह की अवांछित हलचल को पकड़ा जा सके।

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  • Web Title:Monitoring through drone on counting place and on social media too