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Hindi News उत्तर प्रदेशयूपी में बाबू के ऊपर जबरन फेंके रुपये, फिर एंटीकरप्शन टीम ने घूसखोरी में दबोचा, CCTV फुटेज में दिखी सच्चाई 

यूपी में बाबू के ऊपर जबरन फेंके रुपये, फिर एंटीकरप्शन टीम ने घूसखोरी में दबोचा, CCTV फुटेज में दिखी सच्चाई 

कन्नौज में बीएसए ऑफिस के लिपिक की घूसखोरी में गिरफ्तारी विवाद में आ गई है। रविवार को एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग लिपिक पर जबरन रुपये फेंक कर उसकी पिटाई करते दिख रहे हैं।

यूपी में बाबू के ऊपर जबरन फेंके रुपये, फिर एंटीकरप्शन टीम ने घूसखोरी में दबोचा, CCTV फुटेज में दिखी सच्चाई 
Dinesh Rathourहिंदुस्तान,कन्नौजSun, 03 Mar 2024 09:30 PM
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कन्नौज में बीएसए ऑफिस के लिपिक की घूसखोरी में गिरफ्तारी विवाद में आ गई है। रविवार को एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग लिपिक पर जबरन रुपये फेंक कर उसकी पिटाई करते दिख रहे हैं। उसके बाद एंटीकरप्शन टीम ने उसे पकड़ लिया है। पूरा मामला सीसीटीवी में कैद हो गया। सीसीटीवी की फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। चर्चा है कि आपसी विवाद में लिपिक पर रुपये फेंक कर पकड़ लिया गया। उधर एंटीकरप्शन टीम ने वायरल फुटेज की जांच की बात कही है। आपका अपना अखबार ‘हिन्दुस्तान’ वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। 

29 फरवरी को कन्नौज बीएसए आफिस के लिपिक विमल पांडेय को एंटी करप्शन टीम ने दस हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तारी का दावा करते हुए जेल भेज दिया था। रविवार को गिरफ्तारी के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें दिख रहा है कि दो लोग विमल से बात करते हुए उसे रुपये का लिफाफा पकड़ाने की कोशिश करते हैं। फिर लिफाफा उस पर फेंक कर पीटने लगते हैं। इसी बीच दो लोग कमरे में घुस कर उसकी पिटाई करते गिरफ्तार कर लेते हैं। कहा जा रहा है कि विमल ने प्राथमिक विद्यालय गौरी बांगर में तैनात शिक्षक अनुराग सिंह से एरियर भुगतान के लिए 10 हजार रुपये घूस मांगी थी लेकिन मौके पर घूस देने वाला व्यक्ति शिकायतकर्ता नहीं है। वह एक संगठन का किसी अन्य जनपद का जिला संयोजक बताया जा रहा है। अनुराग सिंह उसके बगल में खड़ा है। 

दूसरा वीडियो भी वायरल

एक दूसरे वीडियो में बीएसए उपासना रानी वर्मा के कमरे में दो व्यक्ति दाखिल होते हैं। इसमें एक व्यक्ति डीवीआर को उखाड़कर बोरी में भरता हुआ दिखाई देता है, जबकि दूसरा व्यक्ति बीएसए की मेज की रेक खोलकर कुछ देख रहा है। इसके बाद उसने अपने मुंह को गमछे से छुपाने का प्रयास किया। यह व्यक्ति आगरा का शिक्षक बताया जा रहा है। हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

गुप्त कैमरे में कैद हुआ वीडियो

सूत्रों का कहना कि विभाग में लगे हुए कैमरे का एक दूसरा डीवीआर था, जिससे यह वीडियो निकलकर सामने आया है। हालांकि अधिकारिक तौर पर कोई अभी कुछ बताने को तैयार नहीं है। कन्नौज बीएसए उपासना रानी वर्मा ने कहा, गिरफ्तारी के समय का वायरल वीडियो संज्ञान में आया है। डीएम, एसपी से मिलकर अपनी पूरी बात रखेंगे। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

डीएम से शिकायत करेंगे

उ.प्र.बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी एसोसिएशन कन्नौज अध्यक्ष अशोक कुमार का कहना का वायरल वीडियो में सब कुछ साफ हो गया है। यह लिपिक को फंसाए जाने का षडयंत्र रचा गया था। डीएम से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे। सक्षम अधिकारी से जांच की मांग करेंगे। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदयनरायन यादव ने कहा कि जबरन रुपये देकर पकड़ा गया है। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

कानपुर एंटी करप्शन इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार मिश्रा ने बताया, हमारी टीम पर डीवीआर निकाल ले जाने का आरोप लगा था, जो इस वीडियो के सामने आने पर निराधार हो गया है। विवेचक वायरल वीडियो की जांच कराएंगे। इसके असली प्रमाणित होने तक हम यही मान रहे हैं कि हमने ट्रैप बिछाकर घूसखोरी में आरोपित को पकड़ा है। 

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