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PM मोदी का काशी आगमन; पिछले दौरों से बिल्कुल अलग है इस बार वाराणसी आना, पहली बार शपथ के बाद आएंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपनी काशी आ रहे हैं। इस दौरान वह यहां से मिली जीत के प्रति लोगों का आभार जताएंगे और पूरे देश के किसानों को सम्मान निधि की 17वीं किस्त भी जारी करेंगे।

PM मोदी का काशी आगमन; पिछले दौरों से बिल्कुल अलग है इस बार वाराणसी आना, पहली बार शपथ के बाद आएंगे
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,वाराणसीTue, 18 Jun 2024 03:12 PM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार की शाम अपनी काशी आ रहे हैं। इस दौरान वह यहां से मिली जीत के प्रति लोगों का आभार जताएंगे और पूरे देश के किसानों को सम्मान निधि की 17वीं किस्त भी जारी करेंगे। पिछले दौरों से इस बार का आगमन बिल्कुल अलग है। पीएम मोदी इससे पहले भी दोनों बार यहां से जीत मिलने के बाद लोगों का आभार जताने पहुंचे थे। दोनों बार वह बनारस से सांसद बनते ही यहां आए थे। यहां से जाने के बाद प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इस बार वह शपथ ग्रहण करने के बाद वाराणसी आ रहे हैं। दोनों बार चुनाव जीतने के बाद पहला दौरा वाराणसी का ही रहा है। इस  बार ऐसा नहीं हो रहा है। इस बार वह चुनाव जीतने के बाद विदेश का भी एक दौरा कर चुके हैं।

काशी से संसदीय राजनीति की शुरुआत करने के साथ नरेन्द्र मोदी ने गंगा के साथ अनूठा नाता जोड़ा है। वह यात्रा 2014 में शुरू हुई थी। तब मोदी ने ‘मां गंगा ने मुझे बुलाया है... के साथ काशी, गंगा और बाबा विश्वनाथ से अपनापा प्रकट किया था। बीते 10 वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री ने गंगा और काशी के प्रति लगाव को विभिन्न तरीकों से व्यक्त किया है। उनकी राजनीतिक दृष्टि से आलोचना-प्रत्यालोचना हो सकती है लेकिन यह सच्चाई शिव नगरी, देश की सांस्कृतिक राजधानी को अभिभूत करती है कि पहली बार देश का मुखिया सनातन संस्कृति के प्रति इस कदर आस्थावान दिखा है।

पीए मोदी ने 2014 में पहली बार वाराणसी को चुना और यहां से चुनाव लड़ा था। उन्होंने वाराणसी के साथ ही वड़ोदरा से भी चुनाव लड़ा और दोनों स्थानों से जीत हासिल की थी। तब 16 मई को नतीजा जारी होने के अगले ही दिन पीएम मोदी काशी आए थे। इसके करीब नौ दिन बाद 26 मई को उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।

दूसरी बार 2019 में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। इस बार रिजल्ट आने के पांच दिन बाद 27 मई को वाराणसी आए थे। यहां से लौटने के बाद 30 मई को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। अब तीसरी बार यहां से जीतने के करीब 14 दिन बाद काशी आ रहे हैं। इस बार वह दोनों बार से अलग शपथ लेने के बाद वाराणसी में लोगों का आभार जताएंगे। 

पांचवीं बार गंगा आरती में होंगे शामिल
यह पांचवां मौका होगा जब प्रधानमंत्री गंगा सेवा निधि की ओर से होने वाली गंगा आरती में शामिल होंगे। 2014 में लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के अगले ही दिन पहली बार गंगा आरती में शामिल हुए थे। दूसरी बार जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के 2015 में साथ गंगा आरती में शामिल हुए थे। तीसरी बार वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री ने गंगा आरती देखी थी, जबकि चौथी बार 13 दिसंबर 2021 को काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करने के बाद क्रूज से गंगा आरती का दर्शन किया था।

गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि गंगा आरती के उपरांत प्रधानमंत्री को भेंट करने के लिए बेहद खास स्मृति चिह्न तैयार कराया गया है। यह स्मृति चिह्न गंगा, काशी के घाट और प्रधानमंत्री के चित्रों का बेहद आकर्षक कोलाज है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांचवी बार मां गंगा की महाआरती में शामिल होने से पूर्व वैदिक रीति से गंगा पूजन करेंगे।

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