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Hindi News उत्तर प्रदेशसड़क खराब, विकास कार्य का शिलापट्ट नहीं लगा... सीएम योगी को विधायकों-सांसदों ने गिनाए हार और मार्जिन कम होने के कारण

सड़क खराब, विकास कार्य का शिलापट्ट नहीं लगा... सीएम योगी को विधायकों-सांसदों ने गिनाए हार और मार्जिन कम होने के कारण

योगी ने विधायकों-सांसदों से हार पर चर्चा की। इस दौरान महराजगंज के एक विधायक ने कम वोट को लेकर सड़क खराब होने की दलील दी तो कुशीनगर के एक विधायक ने विकास परियोजनाओं के शिलापट्ट नहीं लगने के कारण बताया।

सड़क खराब, विकास कार्य का शिलापट्ट नहीं लगा... सीएम योगी को विधायकों-सांसदों ने गिनाए हार और मार्जिन कम होने के कारण
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,गोरखपुरSun, 16 Jun 2024 06:44 PM
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर मंडल के नव निर्वाचित सांसदों और विधायकों के साथ लोकसभा चुनाव परिणामों को लेकर चर्चा की। लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में पिछड़ने या घटे वोट के अंतर को लेकर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से वजह की जानकारी ली और उन्हें अभी से 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जुटने की नसीहत दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बूथवार मिले वोटों को लेकर समीक्षा करें। वोटर लिस्ट की खामियों को जल्द से जल्द दूर करा लें। इस दौरान महराजगंज के एक विधायक ने कम वोट को लेकर सड़क खराब होने की दलील दी तो कुशीनगर के एक विधायक ने विकास परियोजनाओं के शिलापट्ट नहीं लगने की बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी खामियां दूर होंगी। इसके बाद उन्होंने जरूरी टिप्स दिये और अभी से अमल करने की नसीहत भी दी। गोरखपुर मंडल में पांच सांसद हैं लेकिन तीन ही उपस्थित हुए। मोदी सरकार में मंत्री बनए गए दो सांसद महराजगंज से पंकज चौधरी और बांसगांव से कमलेश पासवान बैठक में उपस्थित नहीं हुए।

एनेक्सी भवन सभागार में करीब सवा घंटे चली बैठक में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले नवनिर्वाचित सांसदों को बधाई दी और विधायकों को चुनाव में पूरे मनोयोग से जुटने के लिए साधुवाद दिया। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री सभी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड लेकर बैठे थे। उन्होंने एक-एक विधानसभा सीट को लेकर विधायकों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने 2022 के विधानसभा चुनाव और लोकसभा 2024 में मिले वोटों के अंतर पर चर्चा की। इसके बाद विधायकों ने भी वोट का अंतर कम होने को लेकर अपनी बात रखी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वोटर लिस्ट पर अभी से काम करें। जिनका नाम सूची में नहीं है, उसे हर हाल में शामिल कराएं। जन कल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी ठीक से होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव में नोटा की बढ़ती संख्या को लेकर कहा कि नोटा का बटन दबाने वालों को चिन्हित करें। जिन्होंने नोटा का प्रयोग किया है, उनसे संपर्क करें। उनके नोटा के प्रयोग की वजह जानें। उसके बाद मिलकर रणनीति बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने भ्रम पैदा करने वाले मुद्दों को जनता के बीच उछाला। इसका जमीन पर प्रतिकार जिस तरह होना चाहिए था, वह नहीं हुआ। 2024 में जो गलती हुई वह 2027 में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2022 के प्रदर्शन को दोहराने में जो भी प्रयास करने हो कीजिये। 

80 साल के वोटरों से संपर्क करने में रहे विफल
मुख्यमंत्री ने कहा कि 80 साल से अधिक उम्र के वोटरों को घर से ही मतदान करने की सुविधा मिली थी। इनसे संपर्क कर वोट को लेकर जो प्रयास होने चाहिए थे, वे नहीं हुए। इसका फर्क वोटों के मार्जिन पर साफ दिख रहा है।

लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन
योगी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है। हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है कि वह जनता की समस्याएं और उनकी अपेक्षाएं सुनें तथा उसके अनुरूप विकास और जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाए। आमजन की संतुष्टि ही किसी जनप्रतिनिधि के काम का मानक है, इसलिए आम आदमी का विश्वास जीतें और इस विश्वास की डोर को और मजबूत करते रहें।

विधानसभा क्षेत्र में पिछड़ने वाले विधायकों से हंसी भी 
गंभीर विषय पर हुई बैठक बोझिल न बने इसलिए मुख्यमंत्री कई बार हल्के-फुल्के अंदाज में भी दिखे। देवरिया के एक विधायक बैठक में आधे घंटे की देरी से पहुंचे। इनके विधानसभा क्षेत्र में इस बार लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा पिछड़ गई है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने थोड़ी हंसी भी की। हालांकि उन्होंने पूरी संजीदगी से हार की वजह को लेकर एक-एक बिंदु को जानने की कोशिश की। 

पांच में से तीन सांसद रहे मौजूद
गोरखपुर मंडल के दो सांसद महराजगंज से पंकज चौधरी और बांसगांव से कमलेश पासवान केन्द्र सरकार में मंत्री बनाए गए हैं, जो इस बैठक में नहीं उपस्थित रहे। बैठक में देवरिया से नवनिर्वाचित सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, गोरखपुर सांसद रवि किशन शुक्ला और कुशीनगर से सांसद विजय दूबे बैठक में उपस्थित रहे। इसके साथ ही गोरखपुर विधायक ग्रामीण विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ला, महेन्द्र पाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, फतेह बहादुर सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, विवेकानंद पांडेय समेत गोरखपुर मंडल के ज्यादातर विधायक बैठक में शामिल रहे।