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केंद्रीय मंत्री मेनका के खिलाफ विधायकों ने गरमाई सियासत

दशकों तक पीलीभीत की राजनीति को अपनी उंगलियों पर घुमाने वाली गांधी परिवार की छोटी बहू और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के खिलाफ बगावत के सुर तेज हो गये हैं। उनकी ही पार्टी के विधायक और संगठन के नेता मेनका गांधी की सियासी जमीन को खींचने में लगे हैं। विरोधी विधायकों को भाजपा के एक मंत्री और संगठन के जिले से लेकर क्षेत्र तक के नेताओं की खुराक मिल रही है। इस वजह से मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विरोधी विधायक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने मेनका गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने के लिये भाजपा नेता दिल्ली के दरबार में हाजिरी लगाने के लिये निकल पड़े हैं। 

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी 1989 से पीलीभीत की राजनीति में सक्रिय हैं। 30 सालों के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ जब मेनका गांधी को इतना विरोध झेलना पड़ा हो। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और उनके सांसद बेटे वरुण गांधी ने कभी भी संगठन और आरएसएस की परवाह नहीं की। जब भी मौका मिला,  संगठन के खिलाफ मां बेटे जहर ही उगलते आये। यही वजह है कि पीलीभीत भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता को छोड़कर संगठन के अन्य नेता मेनका गांधी से दूर खड़े नजर आते हैं। पीलीभीत में मेनका गांधी ने संगठन के बजाय व्यक्तिगत संबंधों को ज्यादा तरजीह दी। इसी का नतीजा रहा कि मेनका गांधी के करीबी लोग उनके साथ ही सियासती चोला बदलते रहे।

मेनका गांधी का विरोध करने वाले विधायक व पार्टी के अन्य नेता अपने राजनीतिक कद को बढ़ाने के लिये क्षेत्रवाद के मुद्दे को हवा दे रहे हैं। उनका कहना है कि जिले के किसी भी स्थानीय नेता को टिकट दिया जाये। इस बार पीलीभीत से मां बेटे का टिकट नहीं होना चाहिये। संगठन के नेताओं से अभद्रता, पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर काम करने और जनता से सीधे रूबरू न होने समेत कई गंभीर आरोप केंद्रीय मंत्री पर लगाये गये हैं।

ऐसे समय लगे आरोप जब सीट छोड़ रहीं थी मेनका
लोकसभा चुनाव की सरर्गिमयां तेज हो गई हैं। मेनका गांधी अपने बेटे वरुण को पीलीभीत से चुनाव लड़ाने की तैयारी में थीं। खुद हरियाणा के करनाल से चुनाव लड़ने के लिये टिकट की जुगत में थीं। ऐसे वक्त में पार्टी के कद्दावर नेताओं और विधायकों के विरोध की वजह से केंद्रीय मंत्री की चुनावी तैयारी गड़बड़ा गई है।

सीओ के ट्रांसफर को लेकर मेनका से टकराये थे विधायक छत्रपाल
बहेड़ी विधायक छत्रपाल गंगवार सीओ अशोक कुमार के ट्रांसफर को लेकर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के आमने सामने आ गये थे। विधायक का विवाद तीन महीने पहले शुरू हुआ था। विधायक सीओ को बहेड़ी से हटाने के लिये डीजीपी से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की। इसके बाद एसएसपी मुनिराज ने सीओ का ट्रांसफर नवाबगंज कर दिया था। हालांकि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के नाराजगी जताने पर सीओ को बहेड़ी वापस कर दिया गया। इसके बाद से सीओ को दोबारा हटवाने के लिये विधायक छत्रपाल ने मंत्रियों से लेकर डीजीपी तक कई बार शिकायत की, लेकिन सीओ नहीं हटे। बाद में डीआईजी राजेश पांडेय और एसएसपी मुनिराज ने लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुये विधायक छत्रपाल को मनाने की कोशिश की। इसके बाद कब्रिस्तान की जमीन के एक विवाद में विधायक की शिकायत पर एसएसपी ने इंस्पेक्टर देवरनिया मनोज कुमार को हटाकर काफी कुछ मामले में भरपाई की कोशिश की थी। हालांकि इस विवाद के बाद बहेड़ी विधायक मेनका गांधी के खिलाफ खुलकर सामने आ गये। रविवार को पीलीभीत में उन्होंने पे्रस कांफ्रेंस तक कर डाली।

पीलीभीत की जनता के साथ धोखा हो रहा है

बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मापूर्व मंत्री और पांच बार के विधायक डा. विनोद तिवारी कहते हैं कि 1989 से लगातार पीलीभीत की जनता यह दंश झेल रही है। उनका कहना है कि पीलीभीत की जनता के साथ धोखा हो रहा है। विकास कार्य संतोषजनक ढंग से नहीं हो रहे हैं। जनता अब किसी स्थानीय नेता को ही सांसद के रूप में देखना चाहती है। जनता को लगने लगा है कि मेनका गांधी और वरूण गांधी के रहते न तो उनकी समस्याओं का समाधान होगा और न ही क्षेत्र का विकास होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से कल मुलाकात का वक्त मुकर्रर हुआ है। उनके समक्ष अपनी बात कही जाएगी। फैसला लेना हाईकमान की बात है।

विधायक संजय सिंह गंगवार

शहर विधायक संजय सिंह गंगवार कहते हैं कि कल वह व्यस्तता के कारण प्रेसवार्ता में शरीक नहीं हो सके। कहते हैं कि अगर किसी स्थानीय नेता को टिकट मिलता है तो ज्यादा बेहतर होगा अगर कोई स्थानीय स्तर का जनप्रतिनिधि चुना जाता है तो जनता उससे सीधे संवाद स्थापित कर सकती है। अपनी दुख परेशानी उसके समक्ष रख सकती है। विकास पर भी जनप्रतिनिधि की सीधी नजर रहेगी। हालांकि वह यह भी कहते हैं कि पार्टी में अनुशासन जरूरी है। इसीलिए हाईकमान जिसको भी प्रत्याशी बनाया जाएगा उसको पूरे समर्पण के चलते चुनाव लड़ाया जाएगा। हमारा उद्देश्य नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना और देश में भाजपा की सरकार बनाना है।

 

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  • Web Title:MLAs against the Union Minister Maneka