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उत्तर प्रदेशआगरा में नाइट कर्फ्यू के दौरान व्यापारी की लूटपाट के बाद हत्या, घर से लाखों के जेवरात गायब

आगरा। वरिष्ठ संवाददाताPublished By: Yogesh Yadav
Tue, 13 Apr 2021 10:22 PM
आगरा में नाइट कर्फ्यू के दौरान व्यापारी की लूटपाट के बाद हत्या, घर से लाखों के जेवरात गायब

आगरा शहर में सोमवार रात नाइट कर्फ्यू लागू होने के बाद भी फ्रीगंज में एक वृद्ध कारोबारी की हत्या हो गई। बिना नंबर की कार से अपार्टमेंट पहुंची महिला समेत चार लोगों ने खुद को व्यापारी का रिश्तेदार बताकर चौकीदार से अपार्टमेंट का गेट खुलवाया। चारों ने व्यापारी के फ्लैट में पहुंचकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद कमरे में रखी अलमारी और तिजोरी से लाखों रुपये की नकदी-जेवरात लूटकर रात 2 बजे फरार हो गए। मंगलवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही अपार्टमेंट में सनसनी फैल गई। सूचना पर थाना पुलिस के साथ आईजी रेंज नवीन अरोड़ा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। 

हरीपर्वत थाना क्षेत्र में घास की मंडी स्थित रामादेवी मार्केट में भूतल पर 30 दुकाने हैं। मार्केट के प्रथम और दूसरे तल पर तिरंगा अपार्टमेंट है। इसमें 26 फ्लैट बने हुए हैं। अपार्टमेंट के प्रथम तल पर फ्लैट नंबर 10 में किशन गोपाल (67) अकेले रहते थे। उनका आढ़त का काम है। किशन अग्रवाल की बहन अलका अग्रवाल भाजपा नेता हैं। अपार्टमेंट के चौकीदार श्रीराम से किशन गोपाल ने पुलिस को बताया कि मंगलवार सुबह दस बजे तक रोज की तरह दूध और फल मंगाने के लिए आवाज नहीं दी। इस पर चौकीदार उनके फ्लैट पर पहुंचा।

मुख्य दरवाजा खुला हुआ था, अंदर वाले कमरे के दरवाजे की कुंडी बाहर से लगी हुई थी। चौकीदार ने कुंडी खोली तो होश उड़ गए। कमरे में फर्श पर किशन गोपाल का शव पड़ा हुआ था। उनके दोनों पैर चादर से बंधे और चेहरे पर गमछा पड़ा हुआ था। कमरे में रखी तिजोरी और अलमारी खुली पड़़ी थीं। उन्हें चाबियों से खोला गया था, उसमें रखा सारा सामान गायब था। चौकीदार के शोर मचाने पर अपार्टमेंट के लोगों ने पुलिस को हत्या और लूट की जानकारी दी। थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। इसके बाद आईजी रेंज नवीन अरोड़ा और एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने घटना स्थल का मुआयना किया। 

किशन गोपाल ने कार सवारों को रिश्तेदार बताया
चौकीदार श्रीराम ने अधिकारियों को बताया कि सोमवार रात नाइट कर्फ्यू लागू होने के चलते अपार्टमेंट का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था। रात करीब 11 बजे सफेद रंग की बिना नंबर की एक कार से एक महिला और तीन युवक अपार्टमेंट पर पहुंचे। इनमें एक युवक ने किशन गोपाल को अपना फूफा बताते हुए उनके पास जाने को कहा। कार में नंबर नहीं होने के चलते उसने प्रथम तल पर फ्लैट में रहने वाले कृष्णा को इस बारे में बताया। किशन गोपाल से जानकारी करने पर उन्होंने कार सवारों को अपना रिश्तेदार बताया। इसके बाद महिला और तीनों युवक कार को अंदर खड़ी करके फ्लैट पर चले गए।

महिला ने चौकीदार के सिरहाने से उठाई चाबी
चौकीदार ने पुलिस को बताया कि आधी रात करीब दो बजे वह अपार्टमेंट के मुख्य गेट के पास अपने पलंग पर सो रहा था। इसी दौरान महिला बिना बताए सिरहाने रखी चाबी को निकालने लगी तो उसकी आंख खुल गई। आधी रात को उसके इस तरह जाने का कारण पूछने पर महिला ने बताया कि अस्पताल में भर्ती उसके रिश्तेदार खत्म हो गए हैं। इसलिए इमरजेंसी में जाना पड़ रहा है। अपार्टमेंट का मुख्य गेट खुलवाने के बाद कार सवार वहां से चले गए। मंगलवार को हत्या की जानकारी होने पर परिवार के लोग भी वहां पहुंच गए। परिवार के लोगों का कहना था कि हत्यारे लाखों की नकदी-जेवरात लूटकर ले गए हैं। किशन अग्रवाल की पत्नी मंजू अग्रवाल और बेटे निखिल अग्रवाल की मौत हो चुकी है। बहन अलका अग्रवाल ने बताया कि वह कई साल से अकेले रहते थे। परिवार और परिचित उनसे मिलने आते रहते थे।

आईजी रेंज नवीन अरोड़ा के अनुसार हत्याकांड का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हैं। सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर हत्यारों का सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। हत्यारोपी जल्दी ही पकड़े जाएंगे।

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