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Hindi News उत्तर प्रदेशअयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की भवन-निर्माण समिति की बैठक स्थगित

अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की भवन-निर्माण समिति की बैठक स्थगित

अयोध्या -दिव्य धाम में रामलला प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से लागू किसी व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ। प्राण-प्रतिष्ठा के मुख्य आचार्य पं लक्ष्मीकांत दीक्षित के आकस्मिक निधन से बैठक स्थगित कर दी गई।

अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की भवन-निर्माण समिति की बैठक स्थगित
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,अयोध्याSun, 23 Jun 2024 07:44 AM
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राम मंदिर के प्रथम व द्वितीय तल के साथ परकोटा व परिसर में प्रस्तावित निर्माण कार्य अपनी गति से चल रहे हैं। भीषण गर्मी से प्रभावित कार्य को रात्रि कालीन समय में पूरा किया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की भवन-निर्माण समिति ने सभी कामों को पूरा करने की अलग-अलग डेड लाइन तय की है। इसके चलते प्रगति की समीक्षा हर सप्ताह वर्चुअल रीति से हो रही है जबकि हर पखवाड़े भौतिक सत्यापन के साथ समीक्षा की जा रही है। इसी सिलसिले में यहां बैठक शनिवार से प्रस्तावित थी लेकिन रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के मुख्य आचार्य पं लक्ष्मीकांत दीक्षित के आकस्मिक निधन से बैठक स्थगित कर दी गयी। इसकी जानकारी देते हुए तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डा अनिल मिश्र ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद से राम मंदिर में लागू किसी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

उन्होंने बताया कि यहां भक्तों को नियमित रूप से आरती दर्शन मिल रहा है और उन्हें प्रसाद के साथ चरणामृत भी दिया जा रहा है। भक्तों की भारी भीड़ के बीच आम श्रद्धालुओं को चंदन-टीका लगाने की कोई व्यवस्था नहीं रही है। मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान इत्यादि के लिए दानपात्र लगाए गये हैं। इसके अलावा नकदी अथवा वस्तुओं के दान के लिए काउंटर लगाए गये हैं जहां से श्रद्धालु दान के उपरांत कम्प्यूटराइज पर्ची प्राप्त कर सकते हैं अथवा आनलाइन दान भी दे सकते हैं।

उन्होंने बताया कि भवन निर्माण समिति की बैठक रविवार व सोमवार को प्रस्तावित है। उधर इस बैठक के लिए शनिवार को अयोध्या पहुंचे भवन निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने अपराह्न तीन बजे राम मंदिर पहुंच कर रामलला का दर्शन किया। इसके उपरांत राम मंदिर के प्रथम व द्वितीय तल पर चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। इसके साथ परकोटा निर्माण की प्रगति का भी भौतिक सत्यापन किया।

 

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