मेरठ की छतों पर सुखाए जा रहे थे एक क्विंटल से ज्यादा देसी बम, छह मजदूर गिरफ्तार, दो लोग फरार

हिन्दुस्तान टीम ,मेरठ Last Modified: Sun, Nov 01 2020. 16:44 IST
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दिवाली के नजदीक आते ही कई जगहों से बारूद की अवैध फैक्ट्री और घरों में अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने की खबर तो आपने सुनी होगी। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से आई खबर होश उड़ा कर रख देने वाली है। शहर की छतों का नजारा देखकर सभी दंग रह गए। हैरानी तो तब हुई जब पुलिस को भी इस बात का यकीन नहीं हुआ। 

मेरठ में इन दिनों पुलिस ने अवैध पटाखा बनाने वालों के खिलाफ अभियान चला रखा है। इसके चलते पुलिस शहर के कई मोहल्लों में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि मवाना क्षेत्र के एक बंद मकान में अवैध रूप से पटाखा कारखाना चलाया जाता है। यहां भारी मात्रा में बारूद मौजूद है। आनन-फानन पुलिस मौके पर पहुंची तो बंद मकान को खुलवाया।  मकान का दरवाजा खुलते ही पुलिस दंग रह गई। पुलिस की छापेमारी की सूचना पाकर यहां अफरा-तफरी मच गई। छापेमारी के दौरान पुलिस मकान की छत पर पहुंची तो यहां का नजारा पहले से ज्यादा चौंकाने वाला था।

छत पर जो तस्वीर दिखी उसे देखकर सबकी आंखे फटी की फटी रह गईं। छतों पर भारी मात्रा में देसी बम सुखाए जा रहे थे। पुलिस ने छत से करीब एक क्वींटल से ज्यादा के देसी बम बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि पूरे मकान से करीब पांच क्वींटल निर्मित, अर्धनिर्मित पटाखे और बारूद मिला है। बताते हैं कि बंद मकान के अंदर से जो पटाखे और बारूद बरामद हुआ वह इतना खतरनाक है कि इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। अगर यहां धमाका होता तो आसपास के कई घर तबाह हो सकते थे 

छह मजदूर गिरफ्तार 
मेरठ शहर के मवाना क्षेत्र में अवैध पटाखा कारखाना चलाते मिले छह मजदूरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पटाख मालिक रिजवान और एक अन्य भागने में सफल रहा है। पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान पकड़े गए पटाखों की कीमत लाखों में है। 

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