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उत्तर प्रदेश18 ऑक्सीजन कन्स्ट्रेटर के साथ मेडिकल फर्म का संचालक गिरफ्तार, रासुका लगेगा

वरिष्ठ संवाददाता,लखनऊPublished By: Amit Gupta
Mon, 10 May 2021 10:09 PM
18 ऑक्सीजन कन्स्ट्रेटर के साथ मेडिकल फर्म का संचालक गिरफ्तार, रासुका लगेगा

कोरोना महामारी के दौरान जिन्दगी बचाने की जद्दोजहद कर रहे लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर की कालाबाजारी करने वाले मेडिकल फर्म के संचालक को हुसैनगंज पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। यह फर्म संचालक नये कंस्ट्रेटर की कीमत 40-45 हजार रुपये के बराबर किराया वसूल रहा था। उसके पास से 18 कन्स्ट्रेटर,  तीन ऑक्सीजन सिलेण्डर और दो लाख रुपये बरामद हुए हैं। फर्म संचालक के साथ कई निजी अस्पताल के पैरा मेडिकल स्टॉफ मिले हुये थे। इन्हें वह कमीशन देता था। पुलिस अब इन कर्मचारियों को भी ढूंढ रही है। वहीं फर्म संचालक के खिलाफ जल्द ही रासुका लगाने की संस्तुति भी की जाएगी। कन्स्ट्रेटर की यह अब तक की यह सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है। 

एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक आरोपी सुभाष चन्द्रा वृन्दावन योजना में मैट्रिक्स हेल्थ केयर सेंटर चला रहा था। वह मूल रूप से जौनपुर के नारायण गांव का रहने वाला है। सुभाष की फर्म कई अस्पतालों में सर्जिकल उपकरण की सप्लाई करती है। कोरोना संक्रमण के कारण बड़े पैमाने पर मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता पड़ रही थी। ऐसे में सुभाष ने अपने सम्पर्कों के जरिए ऑक्सीजन कन्स्ट्रेटर किराए पर देने का धंधा शुरू कर दिया। 

नये कन्स्ट्रेटर की कीमत के बराबर किराया वसूला
इंस्पेक्टर हुसैनगंज दिनेश सिंह विष्ट के अनुसार नया कंसंट्रेटर 40 से 55 हजार के बीच आता है। कोरोना संक्रमण के कारण कन्स्ट्रेटर की मांग भी तेजी से बढ़ गई थी। मार्केंट और ऑनलाइन वेबसाइट पर भी कन्स्ट्रेटर उपलब्ध नहीं थे। इसे देखते हुए सुभाष मुंहमांगे दाम पर ऑक्सीजन कन्स्ट्रेटर किराए पर देता था। आरोपी ने कुबूला कि वह 40 से 45 हजार रुपये प्रति सप्ताह किराए के तौर पर लेता था। मरीज की गम्भीर स्थिति को देखते हुए तीमारदार भी आसानी से मुंहमांगी रकम देने को तैयार हो जाते थे।  

अस्पताल कर्मियों के जरिए मिलते थे ग्राहक
निजी अस्पतालों में सुभाष मेडिकल उपकरणों की सप्लाई करता है। अस्पतालों के कर्मचारियों से भी उसके सम्पर्क हैं। इसी का फायदा सुभाष उठाता था। अस्पताल कर्मियों के जरिए तीमारदार किराए पर कन्स्ट्रेटर लेने के लिए सुभाष से सम्पर्क करते थे। इसके बदले अस्पताल कर्मियों को भी दो से तीन हजार रुपये कमीशन के तौर पर देता था। इंस्पेक्टर के मुताबिक तीमारदारों से रुपये ऐंठने में शामिल अस्पताल कर्मियों की डिटेल जुटा कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

रासुका लगेगा
एडीसीपी ने बताया कि ऐसी महामारी के समय ऐसा कृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। सुभाष व अन्य आरोपियों के खिलाफ सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रासुका लगाने की संस्तुति की जाएगी। इस मामले में जल्द ही कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
 

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