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Hindi News उत्तर प्रदेशमायावती की उम्‍मीदें...आकाश आनंद की वापसी; BSP का खोया जनाधार पाने की चुनौती

मायावती की उम्‍मीदें...आकाश आनंद की वापसी; BSP का खोया जनाधार पाने की चुनौती

मायावती भतीजे आकाश आनंद के सहारे एक बार फिर से पुराना जनाधार हासिल करना चाहती हैं। LS चुनाव में भले ही बसपा को एक भी सीट न मिली हो, लेकिन आकाश आनंद के भाषणों ने युुवाओं में जोश भरने का काम जरूर किया।

मायावती की उम्‍मीदें...आकाश आनंद की वापसी; BSP का खोया जनाधार पाने की चुनौती
Ajay Singhशैलेंद्र श्रीवास्तव,लखनऊMon, 24 Jun 2024 07:23 AM
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Akash Anand: बसपा सुप्रीमो मायावती भतीजे आकाश आनंद के सहारे यूपी की राजनीति में एक बार फिर से पुराना जनाधार हासिल करना चाहती हैं। लोकसभा चुनाव में भले ही बसपा को एक भी सीट न मिली हो, लेकिन आकाश आनंद की सभाओं और उनके भाषणों ने युवाओं में जोश भरने का काम ज़रूर किया। मायावती ने मई में भले ही उन्हें दोनों पदों से मुक्त कर दिया था, लेकिन उनकी वापसी की मांग अंदरखाने में लगातार चलती रही। शायद यही वजह रही कि उन्होंने आकाश पर फिर भरोसा जताते हुए जिम्मेदारियां दी हैं । मिशन 2027 के लिए आकाश के सामने खोया जनाधार पाने की चुनौती होगी।

विधानसभा चुनावों पर नजर लोकसभा चुनाव में बसपा सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ी। मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को स्टार प्रचारक बनाते हुए पूरे यूपी की कमान सौंपी थी। आकाश की पहली सभा नगीना लोकसभा सीट पर लगायी गई जहां सर्वाधिक दलित ़खासकर जाटव आबादी के लोग रहते हैं। आकाश एक दिन में दो से तीन सभाएं कर रहे थे लेकिन सीतापुर में उनकी ज़ुबान से निकले एक शब्द ने उनके ़िखला़फ एफआईआर करा दी। इसके बाद मायावती ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया। इतना ही नहीं सात मई को अपरिपक्व बता कर उत्तराधिकारी के साथ ही राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर के पद से मुक्त कर दिया लेकिन यह माना जा रहा था कि मायावती ने एक सोची समझी चाल के तहत उन्हें हटाया है जिससे लोकसभा चुनाव में हार का ठीकरा आकाश पर न फोड़ा जाए। मायावती अच्छे तरी़के से जानती हैं कि काडर को संभाले रखने के लिए पार्टी की ज़िम्मेदारी युवा हाथों में होनी चाहिए इसलिए उन्होंने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले फिर आकाश को मैदान में उतारा है।

मायावती को वोट बैंक खिसकने की चिंता

खराब परिस्थितियों में भी 19 फीसदी मत पाने वाली बसपा इस लोकसभा चुनाव में घटकर 9.39 फीसदी पर पहुंच गई। इससे यह माना जाने लगा कि बसपा का आधार वोट बैंक खिसक रहा है। समीक्षा के बाद यह बात सामने आयी कि 16 सीटों पर बसपा का अपना मूल आधार वोट बैंक इंडिया गठबंधन में शिफ़्ट हुआ है। इसके बाद से पार्टी के अंदर मंथन का दौर शुरू हुआ कैसे खिसकते हुए जनाधार को रोका जाए। मायावती ने फीडबैक के आधार पर आकाश आनंद को कमान देकर जनाधार को रोकने की रणनीति तैयार की है। साथ ही समाज को यह सन्देश भी दिया है कि उनकी पार्टी का भावी नेता बिरादरी का ही होगा।