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कॉडर से कैंडिडेट देकर वोट सहेज रहीं मायावती, इन आठ प्रत्‍याशियों पर बढ़ाया फोकस

मायावती ने LS चुनाव में खिसकते जनाधार को बांधे रखने के लिए कॉडर के लोगों को टिकट देकर समाज में नया संदेश दिया है। उन्होंने यह बताने की कोशिश की है कि उनके लिए समाज ही सर्वोपरि है।

कॉडर से कैंडिडेट देकर वोट सहेज रहीं मायावती, इन आठ प्रत्‍याशियों पर बढ़ाया फोकस
Ajay Singhशैलेंद्र श्रीवास्तव,लखनऊMon, 22 Apr 2024 05:23 AM
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Lok Sabha Election 2024:  बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनाव में खिसकते जनाधार को बांधे रखने के लिए कॉडर के लोगों को टिकट देकर समाज में नया संदेश दिया है। उन्होंने यह बताने की कोशिश की है कि उनके लिए समाज ही सर्वोपरि है। वह केवल बातें ही नहीं करती हैं समाज के लोगों को आगे बढ़ाने का काम भी करती हैं। बसपा ने अभी तक कॉडर के आठ नेताओं को टिकट दिया है। इतना ही नहीं इनके प्रचार का जिम्मा भी मायावती ने उठाया है। वह उनके क्षेत्रों में जाएंगी और प्रचार भी करेंगी, जिससे यह संदेश जा सके दलितों की असली शुभचिंतक वही हैं।

वोट बैंक को लेकर सहमी बसपा
लोकसभा चुनाव वर्ष 2014 की बात करें तो बसपा एक भी सीट नहीं जीत पाई। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में वह सिर्फ एक सीट पर जीती। पिछले कुछ चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद से ही राजनीतिक गलियारे में यह चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि बसपा का वोट बैंक खिसक रहा है? पहले की तरह वह अब बसपा के साथ नहीं है? यह भी कहा जाने लगा कि बसपा में अब नंबर दो की हैसियत में कॉडर का कोई नेता नहीं है? मायावती ने इसके बाद लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया और पहली बार लोकसभा चुनाव में यूपी में समाज के लोगों को अपने पक्ष में बांधे रखरने के लिए जिम्मा सौंपा। 

इसीलिए खेला कार्ड
कई चुनावों बाद कांशीराम की तरह एक बार फिर कॉडर के लोगों को टिकट देने में तरजीह दी गई है। खासकर सुरक्षित सीटों पर कॉडर का कार्ड खेला है। प्रदेश में 80 लोकसभा सीटों में 17 आरक्षित हैं। एक समय था कि सुरक्षित सीटों पर बसपा का कब्जा रहता था लेकिन समय ने ऐसी करवट बदली कि इन पर अन्य पार्टियों का कब्जा हो गया। इन सुरक्षित सीटों पर मायावती ने कॉडर के लोगों पर दांव लगाकर समाज को साधने का काम किया है। इससे समाज में संदेश जाएगा और वोट बैंक खिसकने से रुकेगा।

बसपा में कॉडर ही सब कुछ
बसपा वर्ष 2007 में काडर और सोशल इंजीनियरिंग के भरोसा सत्ता में आई थी। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना रहा है कि बाहरी लोगों को बढ़ावा देने से बसपा का काडर कमजोर हुआ। इसीलिए कांशीराम की तर्ज पर मायावती कॉडर को बढ़ावा दे रही हैं। लोकसभा चुनाव से पहले इस बार गांव-गांव कॉडर कैंप लगाए हैं। इसके सहारे दलितों के हितों की चिंता जाहिर की गई और बताया गया कि सत्ता में भागीदारी के बिना कुछ होने वाला नहीं है। लोकसभा चुनाव के लिए जब टिकटों का बंटवारा हुआ तो कॉडर के लोगों से पूछा गया कि कितने लोग चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। इसके आधार पर टिकट बांटा गया है। फुलपुर से जगन्नाथ पाल को टिकट दिया गया है। कांशीराम वर्ष 1996 में फुलपुर से चुनाव लड़े थे, तब जगन्नाथ पाल उनके प्रस्तावक थे।

कहां से कॉडर के लोगों को टिकट
- हरदोई सु             भीमराव अंबेडकर
- फूलपुर               जगन्नाथ पाल
- आजमगढ़            भीम राजभर
- राबर्ट्सगंज            धनेश्वर गौतम
- बुलंदशहर            गिरीश चंद्र जाटव
- जालौन               सुरेश चंद्र गौतम
- कौशांबी              शुभ नारायण
- लालगंज             डा. इंदू चौधरी

चुनाववार बसपा का मत प्रतिशत
वर्ष        सीट       मत प्रतिशत 
2019     10         19.43 
2014     00         19.06 
2009     20         27.04

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