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28 सितम्बर, 2020|2:09|IST

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यूपी: बैंड-बाजा न बाराती, लॉकडाउन में हो रहींं सोशल डिस्‍टेंसिंग वाली शादियांं

लॉकडाउन में भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ तय मुहूर्त पर शादियां जारी हैंं। शादी की तारीख आगे बढ़ाने की जगह ताम-झाम और धूम-धाम छोड़कर दूल्हा-दुल्हन तथा उनके घरवाले सादगी भरी शादी को तरजीह दे रहे हैं। शादी कराने वाले पंडित जी भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने पर ही शादी कराने को तैयार हो रहे हैं। वहीं वीडियो कॉलिंग के जरिये दूल्हा-दुल्हन के घरवाले शादी देख रहे हैं तथा वहीं से ऑनलाइन आर्शीवाद भी दे रहे हैं। जिनकी शादी मंदिर में हो रही है उनकी शादी की अन्य रश्में ऑनलाइन की जा रही है। वहीं घरों में होने वाली शादी में भी गिने-चुने लोग ही मौजूद रह रहे हैं।

बाइक से आया दूल्हा,शादी करके ले गया दुल्हनियां
लॉकडाउन में एक दूल्हा अपनी मां के साथ बाइक से शादी करने पहुंचा, शाहपुर के दुर्गा मंदिर में उसने शादी की। शादी में बराती के तौर पर दूल्हे की मां और घराती के तौर पर दुल्हन के पिता मौजूद रहे। शादी के बाद में बाइक पर बैठाकर दूल्हा अपनी दुल्हनियां को ले गया।

देवरिया के बरहज थाना क्षेत्र के भरेवा गांव निवासी रंजीत जायसवाल के बेटे अजय कुमार जायसवाल की शादी शुक्रवार को शाहपुर में दुर्गा मंदिर में कप्तानगंज के मोरध्वज की बेटी रीना से हुई। अजय कुमार अपनी मां विद्वावती के साथ गुरुवार की रात में करीब नौ बजे गोरखपुर आ गया था। यहां शिवपुर सहबाजगंज में उसके चाचा रहते हैं। तय दिन पर ही शादी के लिए दोनों परिवारों ने इलाके के पार्षद चंद्रशेखर सिंह से सम्पर्क किया। शाहपुर के दुर्गा मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर शादी करने की सहमति बनी। लड़के की तरफ से मां और लड़की की तरफ पिता शादी में शामिल हुए। पंडित कमलेश त्रिपाठी ने उनकी शादी कराई। दूल्हा अजय ने बताया कि दीपावली में शादी तय हुई थी एक मई की तारीख रखी गई थी। शादी के लिए शहर का मैरेज लॉन भी बुक किया गया था। शादी को टालने की जगह दोनों परिवार ने उसी दिन उसी मुहूर्त में शादी करने की सहमति जताई। अजय के पिता लॉक डाउन में दिल्ली फंस गए हैं। उन्होंने वीडियो कालिंग के जरिये शादी देखी और वर-वधु को आर्शीवाद दिया। उधर, शादी के बाद अपनी दुल्हन को बाइक पर बैठाकर अजय अपने चाचा के घर शिवपुर सहबाजगंज ले गया। लॉक डाउन खुलने के बाद वह गांव जाएगा।

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सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ एक दूजे के हुए इंजीनियर दूल्हा और शिक्षक दुल्हन 
गोरखनाथ क्षेत्र के शक्तिपुरम कॉलोनी में वर और कन्या पक्ष के लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखते हुए शादी की। इंजीनियर दूल्हा चार बारातियों के साथ देवरिया से बारात लेकर पहुंचा और शिक्षक दुल्हन से शादी के बंधन में बंध गया। दोनों पक्षों से मौजूद पांच-पांच लोग शादी के गवाह बने। 

हरपुर-बुदहट थाना क्षेत्र के सिधौली गांव निवासी प्रह्लाद सिंह सिविल बार कोर्ट बांसगांव में पेशकार हैं। प्रह्लाद सिंह शहर के गोरखनाथ क्षेत्र के शक्तिपुरम कॉलोनी बिलन्दपुर खंता में आवास बनवाकर पत्नी कंचन सिंह, बड़ी बेटी रचना सिंह व छोटी बेटी अमृता के साथ रहते हैं। प्रह्लाद के इकलौते पुत्र अनुज कुमार सिंह नोएडा की एक कंपनी में इंजीनियर हैं। बड़ी बेटी रचना सिंह महाराणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय जंगलधूषण में शिक्षिका हैं। प्रहलाद सिंह ने पिछले साल ही बेटी रचना की शादी देवरिया जिले के गौरीबाजार क्षेत्र के गौरी बुजुर्ग, देवगांव निवासी श्रवण सिंह के पुत्र संजीव कुमार सिंह के साथ तय कर रखी थी। संजीव कुमार सिंह पुणे की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। एक मई को शादी की तिथि तय थी। 

इसके लिए शहर का एक मैरेज हाल भी बुक किया गया था। लेकिन कोरोना वायरस की महामारी के चलते शादी करना मुश्किल दिख रहा था। प्रह्लाद सिंह ने कुछ दिन पहले ही अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह को प्रार्थना पत्र देकर सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए घर पर ही बेटी की शादी सम्पन्न कराने की गुहार लगाई जिसके बाद उन्हें प्रशासन की ओर से शर्तों के आधार पर अनुमति मिल गई। इसके साथ ही दूल्हे के परिवार को देवरिया से आने के लिए प्रशासन ने पास भी जारी कर दिया। प्रह्लाद सिंह ने अनुमति मिलने के बाद जानकारी अपने समधी श्रवण सिंह को दी। शुक्रवार को रचना और संजीव ने अग्नि को साक्षी मानकर एक दूसरे का हाथ थाम लिया। रचना और संजीव ने बताया कि वह दोनों इस शादी से खुश हैं। हर रस्म को उन्होंने बड़ी ही सतर्कता से निभाई है।

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दूल्‍हे की मां की पहल पर हुई बिना बारात की शादी 
शनिवार को लॉकडाउन के बीच एक बारात निकली जिसमें न बैंड बाजा था, न ही बाराती। सहजनवां के काली मंदिर में दिन में ही सनातन परम्परा के मुताबिक विवाह की रस्में सम्पन्न हुई। शादी के बाद मंदिर से ही दुल्हन की ससुराल के लिए विदाई भी हो गई।

 

हरपुर बुदहट निवासी पवन कुमार गुप्ता पुत्र स्वर्गीय मकसूदन गुप्ता किराना के व्यापारी हैं। मॉ अजंली देवी ने नवम्बर 2019 में ही मिठौरा महराजगंज निवासी रामजी निगम की बेटी ज्योति के साथ पवन की सगाई की थी। एक मई को शादी की तिथि तय थी। काफी धूम-धाम से शादी करने का दोनों ही परिवारों का मन था। लेकिन लॉकडाउन के बीच ऐसा संभव नहीं था। लेकिन पवन की मॉ अंजली देवी ने ही पहल की। लकड़ी के पिता रामजी निगम और मां साधना देवी को उन्होंने तैयार किया कि लॉकडाउन के बीच मंदिर में ही शादी कर लेते हैं। दोनों ही पक्षों ने काफी सोच विचार के बाद यह फैसला किया। 

नजदीकी रिश्तेदारों को भी इस फैसले में शामिल किया। शनिवार को अपनी बेटी ज्योति और पत्नी साधना को एक गाड़ी में लेकर महराजगंज से काली मंदिर में रामजी निगम पहुंचे। उन्होंने घर में हल्दी समेत अन्य रस्में पहले ही पूरी कर रखीं थी। उधर लड़के वालों ने अपनी मांगलिक रस्में निभाते हुए तय समय पर शनिवार को काली मंदिर पहुंचे। शादी की सभी रस्में निभाते हुए तकरीबन 2.30 घंटे में विवाह विधि पूर्वक सम्पन्न हुआ। उसके बाद ज्योति विदा होकर ससुराल चली गईं। 

अनुज मलिक ने दी थी मंजूरी
लड़का पक्ष ने विवाह के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट अनुज मलिक से अनुमति ली थी। विश्वास दिलाया था कि सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए विवाह के अनुष्ठान को पूर्ण कराएंगे। जिसका उन्होंने अनुपालन भी किया। उधर लड़की वालों ने भी महराजगंज जिला प्रशासन से अनुमति लिया था। 
 

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  • Web Title:marriages without band and barati during lockdown with social distancing and simplicity in gorakhpur