DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

यूपी में चल रहे फर्जी शिक्षा बोर्ड, पैसे लेकर दी जा रही मार्कशीट

Fake Degrees

फर्जी शिक्षा बोर्ड का धंधा लगातार पैर पसार रहा है। राजधानी में फर्जी शिक्षा बोर्ड 'राजकीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान उत्तर प्रदेश लखनऊ' के नाम पर अभी भी यह धंधा चल रहा है। इस फर्जी बोर्ड की मार्कशीट के साथ ही कुछ लोगों को कुछ महीने पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार किया है लेकिन इसके नाम पर जालसाजों ने दोबारा यह खेल शुरू कर दिया है।   

सुरक्षा एजेंसी लगातार इन फर्जी बोर्ड की मार्कशीट बनाने वालों को गिरफ्तार कर रही हैं लेकिन इस तरह की फर्जी बेवसाइट पर कोई लगाम न होने के चलते खेल बदस्तूर जारी है।

राजकीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान
इसके शहर में दो फर्जी शिक्षा बोर्ड चल रहे हैं। एक  फूलबाग और दूसरा विकासनगर से संचालिक किया जा रहा है। सारा खेल सिर्फ वेबसाइट के माध्यम से चल रहा है। www.riosup.org के सहारे चल रहा है। लोगों को भ्रमित करने के लिए प्रदेश सरकार के लोगो के साथ वेबसाइट पर कई दस्तावेज भी डाले गए हैं।

विज्ञापन के सहारे कर रहे गुमराह
इस फर्जी बोर्ड के संचालन में किसी एमपी सिंह का नाम सामने आया है। हाल में, इस जालसाज की तरफ से नई दिल्ली में एक विज्ञापन जारी किया गया। जिसमें, www.riosup.org को इस फर्जी शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट होने का दावा किया गया है। पूर्व में एक बोर्ड ऑफ हायर सेकंडरी एजुकेशन दिल्ली के नाम से भी एक फर्जी शिक्षा बोर्ड सामने आया था। जिसके संचालक का नाम भी मांगे राम आचार्य उर्फ एमपी सिंह था। वर्ष 2011 में नई दिल्ली में इसकी गिरफ्तारी हुई थी। जेल से छूटने के बाद लखनऊ से इसने फर्जी बोर्ड का धंधा शुरू किया। चौक के माली खां सराह के एक स्कूल से राजेन्द्र श्रीवास्तव नाम का व्यक्ति ने इसका साथ दिया। चिनहट के एक स्कूल में इसकी फर्जी मार्कशीट तक छापी गई।

यह फर्जी बोर्ड भी दोबारा होने लगे शुरू
राजकीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान उत्तर प्रदेश लखनऊ ही नहीं बल्कि हाल में सुरक्षा एजेंसियों ने कई फर्जी बोर्ड का खुलासा कर गिरफ्तारियों की थी लेकिन इन बोर्ड के दोबारा शुरू होने की बात सामने आ रही है।

डॉ. आरपी मिश्र, शिक्षक संघ का कहना है कि यह जालसाज अपना सारा खेल वेबसाइट के सहारे चला रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों को इस पर काम करना होगा। इन जालसाजों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है।

आईटी विशेषज्ञ कपिल पाण्डे का कहना है कि तकनीकी रूप से वेबसाइट बंद कराना आसान नहीं है। आप एक सर्वर से बंद कराएंगे तो वह दूसरे सर्वर से शुरू कर देगा। हां, इस तरह की वेबसाइट को बंद करने के लिए रुटर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:many fake education boards are running in uttar pradesh