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Hindi News उत्तर प्रदेशबरेली कारागार में डॉन बबलू जैसे कई बड़े अपराधी, धनंजय के आने से और बढ़ी जेल प्रशासन की टेंशन

बरेली कारागार में डॉन बबलू जैसे कई बड़े अपराधी, धनंजय के आने से और बढ़ी जेल प्रशासन की टेंशन

केंद्रीय कारागार बरेली को प्रदेश की अति संवेदनशील जेलों में गिना जाता है। अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव समेत कई बड़े अपराधी यहां पहले से बंद हैं। धनंजय के बाद जेल प्रशासन टेंशन और बढ़ गई है।

बरेली कारागार में डॉन बबलू जैसे कई बड़े अपराधी, धनंजय के आने से और बढ़ी जेल प्रशासन की टेंशन
Dinesh Rathourवरिष्ठ संवाददाता,बरेलीSat, 27 Apr 2024 10:41 PM
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केंद्रीय कारागार बरेली को प्रदेश की अति संवेदनशील जेलों में गिना जाता है। अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव समेत कई बड़े अपराधी यहां पहले से बंद हैं। ऐसे में बाहुबली धनंजय सिंह को यहां शिफ्ट करने से जेल प्रशासन की चिंता और ज्यादा बढ़ गई है। केंद्रीय कारागार बरेली अति संवेदनशील जेल होने और यहां की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए समय-समय पर बड़े अपराधियों को यहां शिफ्ट किया जाता है। अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव और उसके साथी पिछले कई साल से यहां बंद हैं। पूर्व में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को भी इस जेल में रखा जा चुका है। इसके अलावा कश्मीर के कुछ अलगाववादी और पाकिस्तानी समेत तमाम बड़े अपराधी यहां बंद हैं। मगर पिछले कुछ दिनों से जेल की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, जिसके चलते धनंजय सिंह के यहां शिफ्ट होने से जेल प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

महीने भर में वायरल हुए थे दो अपराधियों के फोटो

केंद्रीय कारागार में बंद शाहजहांपुर के पीडब्ल्यूडी ठेकेदार राकेश यादव के हत्यारोपी मेरठ के शूटर आसिफ खान का 11 मार्च को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यह वीडियो केंद्रीय कारागार में ही इंस्टाग्राम पर लाइव आकर बनाया था। मामला खुलने के बाद तीन जेल वार्डर सस्पेंड कर राका पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई लेकिन अब तक उसे मोबाइल देने वाले का खुलासा नहीं हुआ। इसके बाद 13 मार्च को गोंडा में थाना कटरा बाजार के खिंदूरी गांव निवासी गैंगस्टर समीर खान उर्फ राका के कई फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। राका ने ये सभी जेल की बैरक के अंदर कपड़े बदल-बदल कर खिंचवाए थे। हालांकि 11 मार्च को राका यहां से रिहा हो चुका था। फोटो वायरल होने के बाद रिपोर्ट दर्ज हुई लेकिन यह अब तक पता नहीं चला कि जेल में उसका मददगार कौन है।

अशरफ ने जेल में रची थी उमेश पाल की हत्या की साजिश

प्रयागराज के गवाह उमेश पाल के हत्याकांड की साजिश बरेली के दूसरे केंद्रीय कारागार में रची गई थी। यह साजिश माफिया अतीक के भाई अशरफ ने यहां बंद रहने के दौरान रची। इस मामले में जेल के दो बंदीरक्षकों समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था, जिनमें माफिया अशरफ का साला अब्दुल समद उर्फ सद्दाम, लल्ला गद्दी और आतिन जफर आदि शामिल हैं।

केंद्रीय कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक अविनाश गौतम ने बताया, धनंजय सिंह को प्रशासनिक आधार पर यहां शिफ्ट किया गया है। मेडिकल कराकर उन्हें जेल में दाखिल कर लिया गया है। वह अति संवेदनशील श्रेणी के बंदी हैं इसलिए कड़ी निगरानी में रखा गया है।