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10 जुलाई, 2020|3:28|IST

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Exclusive: कैंसर से लड़ चुकीं मनीषा कोईराला को कोरोना से लगा था डर, अब सीख लिया इससे बचना, जानें कैसे

1942: ए लव स्टोरी, अग्नि साक्षी, गुप्त, बॉम्बे, अकेले हम अकेले तुम, दिल से, खामोशी सहित 105 से ज्‍यादा फिल्‍मों में अपने बेहतरीन अभियन से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली मनीषा कोईराला शुरू-शुरू में कोरोना से काफी डर गई थीं लेकिन अब उन्‍होंने इससे बचना सीख लिया है। 

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लॉकडाउन शुरू होने से अभी तक मुंबई के अपने घर में रह रहीं मनीषा मंगलवार को नेपाल जाने के रास्‍ते में थोड़ी देर के लिए गोरखपुर एअरपोर्ट पर रुकीं। यहां 'हिन्‍दुस्‍तान' से हुई एक्‍सक्‍लूसिव बातचीत में उन्‍होंने कोरोना को लेकर अपने अनुभव साझा किए। मनीषा हाल में 'लिपुलेख' पर अपने ट्वीट के चलते चर्चा में आई थीं लेकिन मंगलवार को उन्‍होंने राजनीति पर कोई भी बातचीत करने से इनकार कर दिया। कोरोना पर अपनी बात रखते हुए उन्‍होंने कहा कि शुरुआ त में वह और उनका परिवार इससे बहुत डर गए थे। वह कैंसर से जूझ चुकी हैं। लेकिन कोरोना बहुत अलग है। शुरू-शुरू में तो समझ ही नहीं आ रहा था कि क्‍या करें और क्‍या न करें। बाहर से सामान,सब्जियां वगैरह मंगवाने में भी बहुत डर लगता था लेकिन धीरे-धीरे उसे स्‍ट्रेलाइज करना सीख लिया। सब्जियों को अच्‍छी तरह धोना, सामानों को सुरक्षित ढंग से इस्‍तेमाल करना सीखा।

उन्‍होंने कहा कि सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक हर शख्‍स के लिए बार-बार हाथ धोते रहना बहुत जरूरी है। हाथों के जरिए मुंह,नाक या आंख तक पहुंचकर वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।

 

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घर में रहते-रहते घबड़ाहट हो रही थी
मनीषा कोईराला ने कहा कि जबसे लॉकडाउन लगा तबसे वह घर में ही थीं। घर में बंद-बंद कभी-कभी बहुत घबड़ाहट होती थी। उन्‍होंने कहा कि सभी लोग जो बाहर काम करते हैं लम्‍बे समय तक घर पर रहने में परेशानी का अनुभव करते हैं। वह भी हमेशा सक्रिय रही हैं और काम के सिलसिले में ज्‍यादातर बाहर ही रही हैं। अचानक जब घर में रहना पड़ा तो मुश्किल होने लगी। लेकिन जितना हो सके सबको घर में रहने का अभ्‍यास करना चाहिए। बहुत जरूरी हो तो ही पूरी सुरक्षा के साथ निकलना चाहिए। घर पर रहते समय अपने मानसिक और शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य को ठीक रखना बहुत जरूरी है। सदगुरु, श्री श्री रविशंकर, रामदेव और बालकृष्‍ण सहित कई महत्‍वपूर्ण लोग काफी कुछ बता रहे हैं। उन्‍हें सुनकर, फालो करके स्‍वस्‍थ और सुरक्षित रहा जा सकता है। सबसे ज्‍यादा जरूरी है खुश रहना और सुरक्षित रहना। 

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एक-दूसरे का ख्‍याल रखें
मनीषा कोईराला ने कहा कि कोरोना काल में सबसे ज्‍यादा जरूरी है एक-दूसरे का ख्‍याल रखना। संकट की इस घड़ी में अपनी मानवता को जिंदा रखना होगा। बीमार से नफरत करने की बजाए उनका ख्‍याल रखना होगा। अभिनय, फिल्‍म निर्माण या निर्देशन, भविष्‍य में इन तीनों में से किस क्षेत्र में नज़र आएंगी इस सवाल पर मनीषा कोईराला ने कहा कि वह कुछ अच्‍छे प्रोजेक्‍टस पर विचार कर रही हैं लेकिन अभी उन्‍हें खुद नहीं पता कि वह क्‍या चुनेंगी। 

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  • Web Title:manisha koirala was afraid of corona now learnt to safe herself manisha koirala talked to hindustan in gorakhpur