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Hindi News उत्तर प्रदेशमहर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली मार्ग बनने से पहले जांच के दायरे में, प्रस्‍ताव तैयार करने वालों पर लटक रही तलवार 

महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली मार्ग बनने से पहले जांच के दायरे में, प्रस्‍ताव तैयार करने वालों पर लटक रही तलवार 

महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली परियर जाने वाले मार्ग में आबादी क्षेत्र का हिस्सा जर्जर हो गया है। यह स्थानीय लोगों को दर्द दे रहा है। जर्जर हिस्से को बनाने का प्रस्ताव तैयार होते ही बाधा खड़ी हो गई है।

महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली मार्ग बनने से पहले जांच के दायरे में, प्रस्‍ताव तैयार करने वालों पर लटक रही तलवार 
Ajay Singhहेमंत श्रीवास्‍तव ,लखनऊSat, 13 Jan 2024 08:23 AM
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Maharishi Valmiki: अयोध्या नगरी सज रही है। विकास कार्यों से रामनगरी का हर कोना जगमगा रहा है। वहीं उन्नाव जिले में महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली परियर जाने वाले मार्ग में आबादी क्षेत्र का हिस्सा जर्जर हो गया है, जो स्थानीय लोगों को दर्द दे रहा है। इस जर्जर हिस्से को बनाने का प्रस्ताव तैयार होते ही शुरू हुई राजनीति से बाधा खड़ी हो गई है। मार्ग तैयार करने का प्रस्ताव ही जांच के दायरे में आ गया है। प्रस्ताव तैयार करने वाले तीन इंजीनियरों और एक जूनियर इंजीनियर पर निलंबन की तलवार लटक रही है। शासन स्तर पर इस प्रकरण का बारीकी से परीक्षण कराया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि क्षतिग्रस्त सड़क बनाने का जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसमें सीसी के ऊपर सीसी डालने का जिक्र है। जो नियम विरुद्ध है। पुरानी सीसी रोड को तोड़ कर फिर से एक लेयर में ही पूरी ढलाई किए जाने का नियम है।

दूसरी तरफ बताया जाता है कि इस मार्ग के निर्माण में आई बाधा का कारण ठेकेदारों का विवाद है। एक ठेकेदार ने इस मार्ग को बनाने के प्रस्ताव को कटघरे में खड़ा करते हुए विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत कर दी। जिसके बाद एक उच्चाधिकारी ने प्रस्ताव तैयार करने वाले इंजीनियरों के निलंबन की संस्तुति करते हुए प्रस्ताव विभागाध्यक्ष के माध्यम से शासन को प्रेषित कर दिया। 

विधायक ने मंत्री को लिखा निरीक्षण के बाद फैसला हो

उन्नाव सदर के विधायक पंकज गुप्ता ने पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद को पत्र लिखकर मांग की है कि मार्ग का निरीक्षण कराने के बाद ही नियमानुसार कोई कार्रवाई की जाए। उन्होंने मार्ग के आबादी वाले हिस्से में नाली व सड़क की मोटाई बढ़ाते हुए निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने वाले इंजीनियरों के खिलाफ प्रस्तावित निलंबन की कार्रवाई को गलत बताया है।

डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने पुरानी खामियों का ब्योरा बताया

वहीं डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष एनडी द्विवेदी ने प्रमुख अभियंता ग्रामीण सड़क को पत्र लिखकर मार्ग निर्माण का प्रस्ताव देने वाले इंजीनियरों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई को रद्द करने के संबंध में पूर्व में इस सड़क के निर्माण से अब तक हुई लापरवाहियों का ब्योरा दिया है। समस्त तथ्यों का संज्ञान लेते हुए ही कार्रवाई किए जाने की मांग की है। संघ का कहना है कि पूर्व में सड़क बनाने में जो गलतियां की गई हैं उसकी भी जांच होनी चाहिए। 

2018 में चौड़ीकरण के समय मोटाई कम करने से टूटी सड़क

उन्नाव-सरोसी-परियर मार्ग की कुल लंबाई 21.725 किमी है। 2018 में इस मार्ग का चौड़ीकरण किया गया था। उस समय नियमानुसार इस मार्ग का क्रस्ट (मोटाई) 43 सेमी किया जाना चाहिए थी। डिजाइन में 43 सेमी होने के बाद भी आबादी क्षेत्र की 2100 मीटर सीसी रोड की मोटाई महज 18 सेमी स्वीकृत की गई। वहीं मार्ग के शेष हिस्से में डिजाइन में तय 43 सेमी मोटाई में मार्ग का चौड़ीकरण किया गया। पेरियर घाट पर सालों से बालू खनन होने से भारी वाहनों के आवागमन से आबादी क्षेत्र का हिस्सा मोटाई कम होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। 

क्‍या बोले अफसर
पीडब्‍ल्‍यूडी के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने कहा कि इस पूरे प्रकरण का बारीक परीक्षण कराया जा रहा है। सड़क निर्माण का प्रस्ताव जो भेजा गया है उसमें भी कुछ खामियां हैं। नियमों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। 

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