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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशकानपुर देहात: एसडीएम ने 210 साल पुरानी रामलीला रुकवाई तो महंत ने त्‍यागा अन्‍न-जल

कानपुर देहात: एसडीएम ने 210 साल पुरानी रामलीला रुकवाई तो महंत ने त्‍यागा अन्‍न-जल

कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र 210 साल पुरानी रामलीला रोके जाने से नाराज एक महंत ने अन्‍न जल त्‍याग दिया है। प्रशासन का कहना है कि रामलीला के मंचन की इजाजत नहीं ली गई थी इसीलिए रोक लगाई गई।

कानपुर देहात: एसडीएम ने 210 साल पुरानी रामलीला रुकवाई तो महंत ने त्‍यागा अन्‍न-जल
Ajay Singhवार्ता,कानपुर देहातTue, 04 Oct 2022 01:44 PM

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यूपी के कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र में करीब 210 सालों से होने वाली रामलीला को एसडीएम ने रुकवा दिया तो इससे नाराज एक महंत ने अन्‍न जल का त्‍याग कर दिया है। एसडीएम का कहना था कि पहले से इजाजत लिए बगैर रामलीला का आयोजन किया जा रहा था इसीलिए यह कार्यवाही की गई। उधर, महंत और रामलीला कमेटी के अध्‍यक्ष स्‍थानीय नागरिकों के साथ धरने पर बैठ गए। फिर महंत ने अन्‍न जल का त्‍याग करने का एलान कर दिया। बाद में एडिशनल एसपी ने समझाबुझाकर मामला शांत कराया।बड़ी मुश्किल से महंत अनशन वापस लेने पर माने और तब जाकर रामलीला का मंचन शुरू हो सका। 

आयोजन से जुड़े लोगों ने जिलाधिकारी से लिखित शिकायत कर एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। वही, जिला प्रशासन ने मंगलवार को इलाके में स्थिति को तनावपूर्ण होते देख सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया है।

दरअसल, कानपुर देहात के शिवली में साकेत धाम मंदिर पर हर साल की तरह इस साल भी 210वीं रामलीला का मंचन रविवार की देर रात हो रहा था। इस दौरान रात लगभग 12:00 से 1:00 के बीच मैथा के एसडीएम महेंद्र कुमार पहुंचे और रामलीला को बंद करवा दिया। इस दौरान क्षेत्रीय लोगों ने जब कारण पूछा तो एसडीएम ने अनुमति ना होने की बात कही। दूसरी ओर धार्मिक कार्यक्रम का हवाला देते हुए लोगों ने रामलीला को चालू रखने की बात कही, लेकिन एसडीएम ने महंत और क्षेत्रीय लोगों की बात को अनसुना कर दिया। इससे क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश भड़क गया। स्थानीय लोगों की नाराजगी को बढ़ता देख एसडीएम स्थल से चले गए।

रामलीला समिति के अध्यक्ष वैभव तिवारी ने कहा कि 10 दिन पूर्व ही अनुमति मांगी गई थी। उनके आवेदन पर सभी जगह से आख्या लगकर एसडीएम कार्यालय में पहुंच भी गई थी। सभी विभागों की आख्या होने के बावजूद भी एसडीएम ने अनुमति पत्र पर दस्तखत ही नहीं किये।

तिवारी ने बताया कि 210 साल से रामलीला हो रही है। इस स्थान को लीला मंचन की जन्मस्थली माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज तक कभी भी किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हुई और ना ही किसी ने रामलीला को रुकवाया है। पहली बार रामलीला का मंचन रुकवाया गया है। इससे नाराज होकर स्थानीय लोगों ने एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की।

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