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सर्दी के साथ ही फेफड़ों और दिल की क्षमता घटी, 20 फीसदी मरीज बढ़े

सर्दी के साथ ही फेफड़ों और दिल की क्षमता घट गई है। मरीज सांस फूलने, हार्ट अटैक और अस्थमा अटैक समेत दूसरी बढ़ी हुई समस्या के साथ अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।

सर्दी के साथ ही फेफड़ों और दिल की क्षमता घटी, 20 फीसदी मरीज बढ़े
Deep Pandeyहिन्दुस्तान,लखनऊWed, 29 Nov 2023 06:16 AM
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सर्दी के साथ ही दिल व अस्थमा के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ये सांस फूलने, हार्ट अटैक और अस्थमा अटैक समेत दूसरी बढ़ी हुई समस्या के साथ अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। पीजीआई, केजीएमयू, बलरामपुर समेत दूसरे अस्पतालों में दिल व अस्थमा के मरीज 20 फीसदी बढ़ गए हैं। जांच में इनके फेफड़ों और दिल की क्षमता घटी हुई निकल रही है। दवाएं खाने के बावजूद न तो बीपी नियंत्रित हो रहा और न ही सांस की तकलीफ दूर हो रही। ऐसे में डॉक्टर मरीजों की दवाएं बदलने के साथ ही खुराक बढ़ा रहे हैं।  

क्षतिग्रस्त हो जातीं दिल की मांसपेशियां
पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. नवीन गर्ग का कहना है कि बुखार, सर्दी और खांसी से फेफड़ों में संक्रमण हो जाता है। सांस लेने की तकलीफ बढ़ जाती है। दिल को पर्याप्त मात्रा में खून नहीं मिलता है। इससे दिल की मांसपेशियां प्रभावित हो जाती हैं। इसका असर दिल को खून पहुंचाने वाली धमनियों पर भी पड़ता है। खून चिपचिपा व गाढ़ा होने लगता है। इससे दिल फेल होने के साथ दौरा पड़ने की आंशका बढ़ जाती है। दवाओं से इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है। जिनमें दवाएं कारगर नहीं होती हैं, उनमें एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ती है। 
फेफड़ों की कार्यक्षमता कमजोर हुई
बलरामपुर अस्पताल के चेस्ट फिजीशियन डॉ. एके गुप्ता का कहना है कि तापमान में गिरावट से ओपीडी में सांस के 120 मरीज रोज आ रहे हैं। हफ्ते भर पहले तक यह आंकड़ा 100 के भीतर था। सर्दी से बुखार व गले में जकड़न से फेफड़ों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे इसकी कार्यक्षमता कमजोर हो रही है। कई मरीज अस्थमा अटैक के आ रहे हैं। इनहेलर व दवाओं की डोज बढ़ानी पड़ रही है।
पेशाब बढ़ाने की दवाओं से दे रहे राहत
डॉ. नवीन गर्ग बताते हैं कि सर्दी में पसीना नहीं निकलता है, जबकि लोग पानी उसी अनुपात में पीते रहते हैं। इससे फेफड़ों में पानी की मात्रा बढ़ जाती है। संक्रमण बढ़ने पर निमोनिया भी हो सकता है। इसका असर दिल की धमनियों पर पड़ता है। पेशाब बढ़ाने की दवाएं देकर मरीजों को राहत दी जाती है। ये मरीज सर्दी में खास सावधानी बरतें। सर्दी में ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। लिहाजा नियमित जांच कराएं। 

लक्षण
-सांस लेने में कठिनाई
-सीने में जकड़न या दर्द
-फेफड़ों में पानी की मात्रा बढ़ने पर खांसी
-चेहरे और पेरों में सूजन
-थकान और कमजोरी

ख्याल रखें
-धूल, धुआं और प्रदूषण से बचें
-गुनगुनी धूप निकलने पर ही टहलें
-मास्क लगाकर बाहर निकलें
-ऊनी कपड़े पहनकर बाहर निकलें
-नमक का सेवन कम करें
-मक्खन व घी का प्रयोग भी सीमित मात्रा में करें
-ठण्डी चीजें खाने से बचें
-गुनगुना पानी पीएं

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