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लखनऊ : भ्रष्टाचार की जांच व आय-व्यय का ब्योरा देने से बच रहे अधिकारी

लखनऊ नगर निगम के अधिकारियों पर खुलेआम भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। कार्यकारिणी की बैठक में अधिकारी को इंगित कर सदस्य ने आरोप जड़े। महापौर ने जांच बैठाई। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने...

लखनऊ : भ्रष्टाचार की जांच व आय-व्यय का ब्योरा देने से बच रहे अधिकारी
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हिन्दुस्तान टीम,लखनऊTue, 14 Jul 2020 11:10 AM
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लखनऊ नगर निगम के अधिकारियों पर खुलेआम भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। कार्यकारिणी की बैठक में अधिकारी को इंगित कर सदस्य ने आरोप जड़े। महापौर ने जांच बैठाई। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने आदेश दिया। 11 दिन बीत गए लेकिन जांच शुरू न हो सकी। यही हाल आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत करने का है। अधिकारी मामले को टालने में जुटे हैं। महापौर सिर्फ स्पष्टीकरण मांगने तक सीमित हैं। 

बीते दो जुलाई को कार्यकारिणी समिति की बैठक में सदस्य नागेन्द्र सिंह चौहान ने सहायक लेखाधिकारी एपी तिवारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाया था। कार्यकारिणी में खूब हंगामा हुआ था। अध्यक्षता कर रही महापौर संयुक्ता भाटिया ने मामले की जांच करने का आदेश दिया था। नगर आयुक्त डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने भी तत्काल अपर नगर आयुक्त अमित कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। लेकिन हालत यह है अब तक जांच शुरू ही नहीं हो सकी। अपर नगर आयुक्त अमित कुमार ने कहा अब तक उनको पास जांच का कोई पत्र आया ही नहीं है। बिना किसी कागज के जांच कैसे शुरू की जाए। 

यही हाल आय-व्यय के ब्योरे को लेकर है। महापौर ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में 14वें वित्त की धनराशि के खर्च का ब्योरा मांगा था। इसके लिए छह जुलाई को दोबारा बैठक बुलाई गई थी। लेकिन उस बैठक में न तो नगर आयुक्त पहुंचे और न मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी। बैठक निरर्थक साबित हुई। महापौर ने निर्देश दिया था कि जब दस्तावेज उपलब्ध हो जाएं तो बैठक की तारीख तय की जाए। सप्ताहभर बीतने के बाद भी बैठक की तारीख तय नहीं हो सकी है।


नगर निगम के अधिकारी हर मामले को टालने में जुटे हैं। अब तक जांच क्यों नहीं शुरू हुई व आय-व्यय का ब्योरा क्यों नहीं प्रस्तुत हुआ इस संबंध में नगर आयुक्त से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
संयुक्ता भाटिया, महापौर