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लखनऊ में आशियाने के सपने पर चोट, LDA को 12 करोड़ की चपत लगाकर एजेंसी चंपत 

यूपी की राजधानी लखनऊ में दक्षिण भारत की एक एजेंसी विकास प्राधिकरण को 12 करोड़ रुपए की चपत लगाकर चंपत हो गई है। इस कम्पनी को जानकारीपुरम विस्तार में अपार्टमेंट के निर्माण का ठेका दिया था।

लखनऊ में आशियाने के सपने पर चोट, LDA को 12 करोड़ की चपत लगाकर एजेंसी चंपत 
Ajay Singhप्रमुख संवाददाता,लखनऊThu, 16 Jun 2022 07:50 AM

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दक्षिण भारत की कम्पनी एलडीए को 12 करोड़ की चपत लगाकर चंपत हो गयी। एलडीए ने इस कम्पनी को जानकारीपुरम विस्तार में सृष्टि व स्मृति अपार्टमेंट के निर्माण का ठेका दिया था। कम्पनी ने मकानों का निर्माण पूरा नहीं कराया। एलडीए को काम पूरा कराने के लिए दूसरी कम्पनियों को टेण्डर देना पड़ा। एलडीए के मुख्य अभियन्ता इंदूशेखर सिंह ने कम्पनी से वसूली के लिए आरसी जारी की है।

एलडीए ने जानकीपुरम विस्तार में कंपनी मार्ग लिमिटेड को सृष्टि अपार्टमेंट के निर्माण की जिम्मेदारी 12 मई 2010 को दी थी। जबकि स्मृति अपार्टमेंट के निर्माण की जिम्मेदारी 25 अप्रैल 2011 को दी गयी। कम्पनी को तीन वर्षों में फ्लैट बनाकर लोगों को कब्जा देना था। कम्पनी वर्ष 2018 तक मकान नहीं बना पायी और उसने अपना काम समेट लिया। एलडीए ने उसे ब्लैक लिस्टेड कर दिया था।

एलडीए ने वसूली के लिए कंपनी को नोटिस भेजा
निर्धारित समय पर सृष्टि और स्मृति अपार्टमेंट का काम पूरा न कर एलडीए को 12 करोड़ का नुकसान पहुंचाने वाली कंपनी के खिलाफ एलडीए के मुख्य अभियन्ता इंदूशेखर सिंह ने 13 जून 2022 को वसूली के लिए आरसी जारी की है। डीएम लखनऊ व तहसीलदार सदर के नाम से जारी आरसी में एलडीए ने कम्पनी से इसकी वसूली कराकर प्राधिकरण में जमा कराने को कहा है।

कम्पनी का यूपी में कोई चल कार्यालय नहीं 
एलडीए को कम्पनी की यूपी में कोई भी चल अचल सम्पत्ति व कार्यालय नहीं मिला है। मार्ग कम्पनी ने एलडीए की जानकीपुरम योजना में कार्यालय बनाया था। इसी पते पर प्राधिकरण के इंजीनियर कम्पनी से पत्राचार कर रहे थे। कम्पनी के भागने के बाद जब एलडीए को 12 करोड़ के नुकसान की जानकारी हुई तो उसकी सम्पत्तियों की तलाश की गयी। पता चला कि कम्पनी का यूपी में कहीं कोई कार्यालय ही नहीं है। उसका पता 4/318 राजीव गांधी सलाय कोटिवक्कम, चेन्नई मिला है। जबकि एक और पता 18/13 5वां फ्लोर पूसा लेन, डब्ल्यूवीए करोल बाग नई दिल्ली मिला है। एलडीए के पास कम्पनी की किसी अन्य चल अचल सम्पत्ति का कोई ब्योरा नहीं है। एलडीए के मुख्य अभियन्ता इन्दूशेखर सिंह ने बताया कि कम्पनी ने एलडीए को 12 करोड़ का चूना लगाया है। उसका यूपी में कोई पता ठिकाना नहीं मिल रहा है। कम्पनी एलडीए को हुए नुकसान की भरपायी नहीं कर रही है। इसके लिए उसे दो दिन पहले आरसी जारी की गयी है। कम्पनी के चेन्नई व दिल्ली स्थित कार्यालय को नीलाम कर रकम की रिकवरी करायी जाएगी।

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