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लोकसभा चुनावः शफीकुर्रहमान बर्क को फिर अखिलेश ने दिया टिकट, देश के सबसे बुजुर्ग सांसद पर क्यों फिदा सपा

सपा को भी अपने बयानों के कारण असहज करने वाले शफीकुर्रहमान बर्क को अखिलेश यादव ने बार फिर लोकसभा का टिकट दे दिया है। देश के सबसे बुजुर्ग सांसद पर सपा प्रमुख ने आखिर क्यों दांव लगाया।

लोकसभा चुनावः शफीकुर्रहमान बर्क को फिर अखिलेश ने दिया टिकट, देश के सबसे बुजुर्ग सांसद पर क्यों फिदा सपा
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,संभलTue, 30 Jan 2024 09:54 PM
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लोकसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव ने मंगलवार को 16 प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया। इन प्रत्याशियों में देश के सबसे बुजुर्ग सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क का भी नाम हैं। बर्क अपने बयानों के लिए हमेशा से चर्चा में रहते हैं। उनके बयानों के कारण सपा को कई बार असहज स्थिति से गुजरना पड़ा है। कभी मायावती की तारीफ तो कभी मुसलमानों को लेकर आक्रामक बयान देकर भी बर्क के कारण सपा निशाने पर रही है। इन सभी के बाद भी बर्क ने सपा की पहली ही सूची में स्थान बना लिया है। इसके पीछे सपा की पीडीए वाली रणनीति माना जा रहा है। पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्संख्यक का एजेंडा लेकर चुनावी मैदान में उतरे अखिलेश के पास संभल में बर्क से बड़ा अल्पसंख्यक चेहरा नहीं था। 94 वर्ष के डा. बर्क अपने 57 वर्ष के सियासी सफर में चार बार विधायक व पांच बार सांसद रह चुके हैं।

डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने चुनावी सियासत में कदम 1967 में रखा। यही वह वर्ष था जब मुलायम सिंह यादव ने भी अपनी सियासी पारी की शुरुआत की थी। अपने 57 वर्ष से अधिक के सियासी सफर में डा. बर्क ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। 1974 में वह पहली बार विधान सभा चुनाव जीते थे। इसके बाद 1998, 1999, 2004, 2009 में चुनाव जीतकर सांसद बने थे। मगर 2014 में भाजपा के सतपाल सैनी से करीब 5 हजार वोट से हार गए थे। हालांकि, 2019 में संभल लोकसभा सीट से 89 वर्ष की उम्र में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुने गए।

उन्होंने बीजेपी के परमेश्वर लाल सैनी को 1,74,826 वोटों से हराया। उन्होंने अपने जीवन में दस विधान सभा चुनाव लड़े, जिसमें चार विधान सभा चुनाव जीते और छह हार गए। 94 वर्ष की उम्र में भी डा. शफीकुर्रहमान बर्क में युवाओं जैसा जोश है। उन्हें पहले से ही उम्मीद थी कि उन्हें लोकसभा चुनाव 2024 में प्रत्याशी बनाया जाएगा और वह अपना 2019 का रिकार्ड तोड़कर जीत का कीर्तिमान रचेंगे।

डा. बर्क को प्रत्याशी घोषित किए जाने पर उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने बताया कि अखिलेश यादव ने उन पर जो भरोसा जताया है। वह उसे पूरा करने का काम करेंगे और इस वर्ष रिकार्ड मतों से जीत हासिल करेंगे। 

मुलायम सिंह के लिए संभल छोड़कर मुरादाबाद से लड़ा था चुनाव
संभल। डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने वर्ष 1998 में संभल लोकसभा सीट से मुलायम सिंह यादव को चुनाव लड़ाया था जबकि वह खुद मुरादाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे। मुलायम सिंह यादव को उस चुनाव में 3,76,828 मत जबकि उनके प्रतिद्वंदी डीपी यादव को 2,10,146 मत मिले थे। मुलायम सिंह यादव ने डीपी यादव को 1,66,682 मतों से हराकर रिकार्ड जीत हासिल की थी।

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में डा.शफीकुर्रहमान बर्क ने अपने प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी को  1,74,826 मतों से हराकर मुलायम सिंह यादव का रिकार्ड तोड़ दिया था। सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क दावा कर रहे हैं कि वह अपना 2019 का रिकार्ड तोड़कर और अधिक मतों से जीत हासिल करेंगे।
 

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