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उत्तर प्रदेशलोस अध्‍यक्ष ओम बिड़ला ने गोरखनाथ मंदिर में किया दर्शन, वैदिक मंत्रोच्‍चार के बीच की पूजा-अर्चना

मुख्‍य संंवाददाता,गोरखपुर Published By: Ajay Singh
Sat, 20 Feb 2021 02:07 PM
लोस अध्‍यक्ष ओम बिड़ला ने गोरखनाथ मंदिर में किया दर्शन, वैदिक मंत्रोच्‍चार के बीच की पूजा-अर्चना

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को गोरक्षनाथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने गुरु गोरक्षनाथ एवं अखण्ड ज्योति का दर्शन किया। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान मंदिर में उनका अभिनंदन भी किया गया। प्रस्थान करते समय प्रधान पुजारी महंत कमलनाथ ने  योगी कमलनाथ अंगवस्त्र प्रदान कर अभिनंदन किया। स्मृति स्वरूप तीन खण्डों में प्रकाशित महंत अवेद्यनाथ स्मृति ग्रंथ प्रदान किया। 

ओम बिरला 10 बजे के करीब गोरखनाथ मंदिर पहुंचे जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वेदपाठी बालकों ने उनका स्वागत किया। मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर यूपी सिंह, मंदिर सचिव द्वारिका तिवारी, डॉ प्रदीप राव ने उनका स्वागत किया। गुरु गोरखनाथ का दर्शन और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर माथा टेकने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर कक्ष में उन्होंने गोरक्षनाथ मंदिर का प्रसाद मठ्ठा ग्रहण किया। विज़िटर बुक में गोरखनाथ मंदिर आने का विवरण भी लिखा। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष के साथ सांसद रवि किशन शुक्ला, सांसद कमलेश पासवान, सांसद जगदम्बिका पाल समेत भाजपा और हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।  असल में ओम बिरला शनिवार को बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। एयरपोर्ट पर उनका स्वगात किया गया जिसके बाद वे मंदिर दर्शन के लिए आए। पुन: सड़क मार्ग से बस्ती के लिए प्रस्थान कर गए। जहां वे बस्ती महोत्सव को संबोधित करेंगे एवं शास्त्री चौक पर 100 फीट ऊंचे राष्ट्रध्वज को फहराएंगे। पुन: दिल्ली लौट जाएंगे। 

मंदिर के सामाजिक सरोकारों की सराहना की
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मीडिया कर्मियों से भी बात की। कहा कि आज गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में दर्शन करने का मौका मिला। यह मंदिर हमारी आस्था का केंद्र है। ये हमें आध्यात्मिक ज्ञान, प्रेरणा और संस्कार देने का काम भी करता है। मै राज्य के मुख्यमंत्री को विशेष रूप से योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस मंदिर को आध्यात्मिक रूप के साथ सामाजिक कार्यो के विविध कार्यो से भी जोड़ा है। मसलन स्कूल, कालेज, गोशाला, अस्पताल, उनकी कोशिश समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण की भी है। यह सब कुछ गोरक्षपीठ के माध्यम से सीखा जाना जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज भी पूरे देश में नाथ संप्रदाय भारतीय संस्कृति और धर्म को बचाने में जुटा है, नाथ संप्रदाय को भी इसके लिए साधुवाद देता हूं। आज भी गांव के अंदर मंदिर, संस्कृति, संस्कार, स्थान बचे हैं, उनमें नाथ संप्रदाय का बड़ा योगदान है। 

मेरी कोशिश कि संसद का सत्र सुचारू चले
पत्रकारों के जवाब में ओम बिरला ने कहा कि संसद का सत्र हमारे संवैधानिक दायित्व को पूरा करता है। मेरी कोशिश होती है कि संसद का सत्र सुचारू रूप से और व्यवस्थित चले। सभी मान्य सदस्य अपने क्षेत्र की कठिनाईयों और समस्याओं को सदर के माध्यम से सरकार तक पहुंचाएं। और देश के विभिन्न मुद्दों पर भी भी चर्चा हो। हमारे देश की विशेष है कि चर्चा, संवाद, सहमति, अहसमति, विचारधाराओं और विभिन्न क्षेत्रों के बाद भी देश के हित के मुद्दे पर सब सामूूहिक रूप से निर्णय लेते हैं। ये सदन किसान आंदोलन महंगाई समेत सभी मुद्दों के लिए है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि हर गंभीर मुद्दे पर सदन में चर्चा हो। सभी मान्य सदस्य अपने अपने बातें सदन में रखें। पेट्रोल-डीजल और गैस के बढ़ते दामों पर लगाम लगाने के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि ये काम संसद का नहीं है। संसद काम काम इन मुद्दों पर चर्चा कराने का है।

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