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Hindi News उत्तर प्रदेशअखिलेश यादव ने सेट कर दी कांग्रेस, RLD की लिमिट; बोले- गठबंधन हुआ तो 65 नहीं तो 80 सीटों पर लड़ेगी सपा

अखिलेश यादव ने सेट कर दी कांग्रेस, RLD की लिमिट; बोले- गठबंधन हुआ तो 65 नहीं तो 80 सीटों पर लड़ेगी सपा

लोकसभा चुनवा के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गठबंधन की स्थिति में सीटों का गणित सार्वजनिक कर दिया है। अखिलेश ने बुधवार को बता दिया कि गठबंधन हुआ तो रालोद और कांग्रेस को कितनी सीटें दी जाएंगी।

अखिलेश यादव ने सेट कर दी कांग्रेस, RLD की लिमिट; बोले- गठबंधन हुआ तो 65 नहीं तो 80 सीटों पर लड़ेगी सपा
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊWed, 01 Nov 2023 08:20 PM
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लोकसभा चुनाव से पहले एमपी विधानसभा चुनाव में सीटों को लेकर सपा और कांग्रेस में तकरार इंडिया गठबंधन में टूट की कगार तक पहुंच चुकी है। अखिलेश ने कांग्रेस को चेताया भी था कि जिस तरह का व्यवहार अब हो रहा है उसी तरह का लोकसभा चुनाव में होगा। उनका इशारा यूपी में सीटों के बंटवारे को लेकर था। अब बुधवार को अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन हुआ तो 65 नहीं तो सभी 80 सीटों पर सपा लड़ेगी। इस बयान से अखिलेश ने साफ कर दिया है कि जयंत की रालोद और कांग्रेस को सपा 15 से ज्यादा सीटें नहीं देने जा रही है। 

अखिलेश ने बुधवार को नवगठित राज्य कार्यकारिणी की बैठक का शुभारंभ करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सपा अपने बूते भी भाजपा को हराने में सक्षम है। पिछली बार बेइमानी न होती तो यूपी में सपा की सरकार होती। मध्य प्रदेश में सीट बटवारें में कांग्रेस के साथ हुए विवाद को बैठक में रखते हुए उन्होंने कहा कि हम लोगों ने मध्य प्रदेश से केवल छह सीटें मांगी थीं, जहां हम लोग मजबूत हैं, लेकिन वह पीछे हट गए और हमारी सिटिंग सीट पर भी प्रत्याशी उतार दिया। हमने वहां प्रत्याशी उतारे हैं और वहां प्रचार भी करने जाएंगे। उन्होंने (कांग्रेस) जो वहां  किया, हम यहां यूपी में मजबूत हैं, हम भी देखेंगे।
 
भाजपा को हटाने के लिए अभी से जुट जाएं
अखिलेश ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए कार्यकर्ता पूरी तैयारी के साथ अभी से जुट जाएं। देश में लोकतंत्र और संविधान बचाने का यह अंतिम चुनाव होगा। समाजवादी पीडीए भाजपा के एनडीए को सत्ता से हटाएगा। भाजपा इस चुनाव में समाजवादी पीडीए के सामने कहीं टिक नहीं सकेगी। भाजपा सरकार शासन-प्रशासन का दुरुपयोग कर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश करेगी। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इसकी निगरानी में लग जाएं। पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के हक व अधिकार की बात करें।  

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा के पास गिनाने या दिखाने को अपना कोई काम नहीं है। भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण बिजली की बदहाली है। भाजपा सरकार ने एक भी यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं किया। भाजपा राज में हर स्तर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।

मध्य प्रदेश में क्या हुआ विवाद

सपा ने कांग्रेस से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में छह सीटें मांगी थी। कांग्रेस ने देने का आश्वासन भी दिया। सपा और कांग्रेस के बीच कई बैठकें भी हुईं। लेकिन पिछली बार सपा की जीती हुई सीट पर भी कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी उतार दिया। इसी के बाद दोनों दलों के बीच रार शुरू हो गई। सीटों को लेकर धमकाने तक की बयानबाजी होने लगी। सपा ने रायबरेली और अमेठी में भी प्रत्याशियों को उतारने की बातें कह दीं।

इसी के बाद कांग्रेस ने सपा पर दबाव बनाने के लिए यूपी में मायावती से गठबंधन की चर्चाओं को हवा दी। इसी बीच अखिलेश यादव के आज के बयान से तय हो गया है कि यूपी में कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन की गुंजाइश अभी जिंदा है। हालांकि कांग्रेस और रालोद को 15 सीटों तक सीमित रखने की अखिलेश की कोशिश कितनी सफल होती है, यह मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद ही साफ हो सकेगा। 

अखिलेश ने इस दौरान बूथ प्रबंधन पर जोर दिया। इसके साथ ही गुटबाजी खत्म करने को कहा गया।राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को विधानसभा वार प्रभारी बनाया गया। अब राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारी विधानसभा में पार्टी को मजबूत करेंगे।

बैठक में पीडीए का मुद्दा भी उठा। पीडीए में ए का मतलब अगड़ा, आदिवासी और आधी आबादी बताया गया। समाजवादी पार्टी ने पदाधिकारियों को वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए। कटे या काटे गए नाम को जुड़वाने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रो. रामगोपाल और शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद रहे।