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Hindi News उत्तर प्रदेशपांचवे चरण का चुनाव प्रचार थमा, 20 मई को यूपी की 14 सीटों पर वोटिंग, जानिए कहां किस में मुकाबला

पांचवे चरण का चुनाव प्रचार थमा, 20 मई को यूपी की 14 सीटों पर वोटिंग, जानिए कहां किस में मुकाबला

UP Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर चुनाव प्रचार शनिवार की शाम को थम गया। सोमवार 20 मई को इन सीटों पर मतदान करवाया जाएगा।

पांचवे चरण का चुनाव प्रचार थमा, 20 मई को यूपी की 14 सीटों पर वोटिंग, जानिए कहां किस में मुकाबला
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,लखनऊSat, 18 May 2024 08:40 PM
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UP Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव के पांचवेंं चरण में उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर चुनाव प्रचार शनिवार की शाम को थम गया। सोमवार 20 मई को इन सीटों पर मतदान करवाया जाएगा। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए  पांचवें चरण के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान केन्द्रों एवं पोलिंग बूथ पर मतदाताओं एवं मतदान कर्मियों के लिए जरूरी सुविधाएं मुहैय्या कराने के निर्देश दिये गये है। पोलिंग पार्टियों के रवाना होने से पहले सभी मतदान कर्मियों को हीट स्ट्रोक से बचने और स्वास्थ्य के दृष्टिगत मेडिकल किट उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उपयोग की जा सके।

इन 14 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों और लखनऊ पूर्व विधानसभा उपचुनाव के लिए होने वाले मतदान को सकुशल, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढ़ंग से संपन्न कराने के लिए रविवार 19 मई को पोलिंग बूथों के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी। इसके लिए पाँचवे चरण लोकसभा सीटों से संबंधित सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को समय से पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पांचवें चरण में प्रदेश की 14 लोकसभा सीटों में मोहनलालगंज (सु.), लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, जालौन (सु.), झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी (सु.), बाराबंकी (सु.), फैजाबाद, कैसरगंज, गोंडा हैं। यह 14 लोकसभा सीटें प्रदेश के 21 जिलों लखनऊ, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर, जालौन, झांसी, कानपुर देहात, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, बाराबंकी, अयोध्या, गोंडा, बहराइच और बलरामपुर में आती हैं।

इस चरण में रक्षा मंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री स्मृति ईरानी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई राजनीतिक दिग्गजों की किस्मत तय होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं, जो 1991 से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गढ़ रहा है। उन्हें समाजवादी पार्टी (सपा) के मौजूदा विधायक रविदास मेहरोत्रा चुनौती दे रहे हैं। राजनाथ लखनऊ से दो बार 2014 और 2019 में चुने गए थे, जिसका प्रतिनिधित्व कभी पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी करते थे।

सबसे दिलचस्प चुनाव रायबरेली में देखने को मिल रहा है जहां कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह चुनौती दे रहे हैं। साल 2019 के चुनाव में राहुल गांधी अमेठी में बीजेपी की स्मृति ईरानी से हार गए। इस बार वह अपनी मां सोनिया गांधी के राज्यसभा के लिए नियुक्त होने के बाद कांग्रेस की एक और पारंपरिक सीट रायबरेली चले गए हैं। उनकी बहन और पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा राहुल के समर्थन में बड़े पैमाने पर प्रचार कर रही हैं।

अमेठी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का मुकाबला गांधी परिवार की करीबी और कांग्रेस उम्मीदवार से है किशोरी लाल शर्मा है। स्मृति ईरानी ने 2019 के आम चुनावों में इस सीट से राहुल गांधी को हराया था। वहीं, किशोरी लाल शर्मा का गांधी परिवार के साथ एक लंबा संबंध है और उन्होंने लगभग एक दशक तक रायबरेली में सोनिया गांधी के स्थानीय प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया। बता दें कि शर्मा की उम्मीदवारी की घोषणा नामांकन के आखिरी दिन की गई थी।

एक और दिलचस्प मुकाबला कैसरगंज सीट पर देखने को मिल रहा है, जहां मौजूदा बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को अंतरराष्ट्रीय पहलवानों से जुड़े विवाद में फंसने के बाद टिकट नहीं दिया गया है। बीजेपी ने बृजभूषण का टिकट काटकर उनके बेटे करण भूषण सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। चुनावी राजनीति में कदम रख रहे करण भूषण सिंह का मुकाबला सपा के भगत राम मिश्रा और बसपा के नरेंद्र पांडे से है। गौरतलब है कि बृजभूषण के बड़े बेटे प्रतीक भूषण पहले से ही गोंडा सदर सीट से विधायक हैं।

केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर मोहनलालगंज लोकसभा सीट से अपना तीसरा कार्यकाल चाह रहे हैं। उन्हें पूर्व मंत्री और सपा प्रत्याशी आरके चौधरी और बसपा प्रत्याशी राजेश कुमार से चुनौती मिल रही है। सपा में शामिल हुए चौधरी कभी मायावारी के नेतृत्व वाली बसपा के संस्थापक सदस्य थे।

झांसी में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार प्रदीप जैन आदित्य को मौजूदा बीजेपी सांसद अनुराग शर्मा से चुनौती मिल रही है। इस सीट पर बसपा ने नए चेहरे और छात्र नेता रवि प्रकाश मौर्य को मैदान में उतारा है।

गोंडा सीट पर दो बार के मौजूदा बीजेपी सांसद और मनकापुर इस्टेट के पूर्व युवराज कीर्ति वर्धन सिंह को एसपी उम्मीदवार श्रेया वर्मा से चुनौती मिल रही है। श्रेया भले ही चुनावी राजनीति में पदार्पण कर रही हैं, लेकिन वह पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा की पोती हैं।

यूपीए सरकार में केंद्रीय इस्पात मंत्री रहे बेनी शुरू में सपा के संस्थापक सदस्य थे और पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव के बहुत करीबी थे। बेनी बाद में सपा से अलग हो गये और कांग्रेस में शामिल हो गये।

फ़तेहपुर में मौजूदा बीजेपी सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी उम्मीदवार नरेश उत्तम पटेल चुनौती दे रहे हैं। मुलायम सिंह सरकार में उपमंत्री रहे सपा प्रत्याशी सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भी करीबी हैं।

भगवान राम मंदिर निर्माण के बाद बीजेपी के लिए अहम हो गई फैजाबाद सीट पर मौजूदा सांसद लल्लू सिंह दूसरा कार्यकाल चाह रहे हैं हालांकि, इस बार उन्हें मौजूदा विधायक और सपा के संस्थापक सदस्य अवधेश प्रसाद से चुनौती मिल रही है।

बाराबंकी में बीजेपी की राजरानी रावत के मुकाबले कांग्रेस ने तनुज पुनिया पर भरोसा जताया है। तनुज पुनिया, जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया के बेटे हैं, 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से हार गए।