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Hindi News उत्तर प्रदेशLok Sabha Election: गर्मी के मुकाबले सर्दी में बढ़ जाती है वोटिंग, 2014 में टूटा था रिकॉर्ड 

Lok Sabha Election: गर्मी के मुकाबले सर्दी में बढ़ जाती है वोटिंग, 2014 में टूटा था रिकॉर्ड 

Lok Sabha Election 2024: सर्दी के मौसम में होने वाले लोकसभा चुनाव में गर्मी की अपेक्षा ज्यादा वोट पड़ते हैं। वोट प्रतिशत अच्‍छा रहता है।1951 से 2019 तक हुए 17 LS चुनावों के आंकड़े इसके गवाह हैं।

Lok Sabha Election: गर्मी के मुकाबले सर्दी में बढ़ जाती है वोटिंग, 2014 में टूटा था रिकॉर्ड 
Ajay Singhप्रमुख संवाददाता,प्रयागराजSat, 04 May 2024 07:58 AM
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Lok Sabha Election: सर्दी के मौसम में होने वाले लोकसभा चुनाव में गर्मी की अपेक्षा ज्यादा वोट पड़ते हैं। 1951 से 2019 तक हुए 17 लोकसभा चुनावों के आंकड़े इस बात के गवाह हैं। जिले की दोनों संसदीय सीटों पर सबसे ज्यादा वोटिंग सर्दी के मौसम में हुए चुनावों के दौरान ही हुई। इस बार भी गर्मी के मौसम में ही चुनाव हो रहे हैं। पिछले चुनाव में प्रयागराज में 12 मई को वोट पड़े थे, इस बार 25 मई को पड़ेंगे।

जिले में सर्वाधिक मतदान 1984 के लोकसभा चुनाव में हुआ था। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद यह चुनाव शुरुआती सर्दी के मौसम यानी दिसंबर में हुआ था। जिले की दोनों सीटों पर 27 दिसंबर 1984 को वोट डाले गए थे। तब इलाहाबाद में 57.17 और फूलपुर में 61.03 प्रतिशत वोट पड़े थे। जो इन दोनों लोकसभा क्षेत्रों में अब तक का सर्वाधिक मत प्रतिशत है। 17 चुनावों में सर्वाधिक दस चुनाव सर्दी में हुए जबकि छह चुनाव गर्मी और एक चुनाव बारिश के मौसम में हुआ था।

पहले बात करते हैं सर्दी में हुए चुनावों की। सर्दी में हुए दस चुनावों में से पांच चुनाव ऐसे हैं, जिसमें इलाहाबाद में 50 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े थे। शेष पांच में से तीन चुनावों में 45 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था जबकि आजादी के बाद 1952 में हुए पहले चुनाव में सबसे कम 35.66 प्रतिशत वोट पड़े थे जबकि यह चुनाव मार्च में हुआ था, यह मौसम सर्द-गर्म का माना जाता है। इसमें न ज्यादा सर्दी होती है और न ही ज्यादा गर्मी रहती है। इसी तरह फूलपुर में सर्दी में हुए दस चुनावों में से चार चुनाव ऐसे रहे, जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। वहीं, एक चुनाव में 60 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई थी जबकि चार चुनावों में 40 प्रतिशत से अधिक मत पड़े थे। इस क्षेत्र में सबसे कम 38.62 प्रतिशत वोटिंग 1957 में हुए दूसरे लोकसभा चुनाव में हुई थी।

2014 के चुनाव में टूटा था रिकॉर्ड
अब बात करते हैं गर्मी के मौसम में हुए छह चुनावों की। इन छह में से पांच चुनाव (1991, 1996, 2004, 2014 और 2019) तो मई में हुए थे जबकि 2009 का चुनाव अप्रैल में हुआ था। गर्मी में हुए चुनावों में कम मतदान प्रतिशत का रिकॉर्ड 2014 के लोकसभा चुनाव में टूटा था। इस चुनाव में गर्मी में हुए चुनावों में सबसे ज्यादा वोट पड़े थे। सात मई 2014 को हुए मतदान में इलाहाबाद में 53.50 और फूलपूर में 50.20 प्रतिशत वोट पड़े थे। जबकि शेष पांच चुनावों में 2004 के फूलपुर और 2019 के इलाहाबाद सीट के चुनाव को छोड़ बाकी सभी चुनावों में 50 प्रतिशत से कम वोटिंग हुई थी।

बारिश में हुआ था 1999 का चुनाव
1998 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बनी सरकार संसद में एक वोट से गिर गई थी। इसके बाद 1999 में लोकसभा चुनाव कराया गया था। यह इकलौता ऐसा लोकसभा चुनाव है जो बारिश के मौसम यानी सितंबर में हुआ था। इस चुनाव में जिले की दोनों सीटों पर 18 सितंबर को वोट पड़े थे। जिसमें इलाहाबाद में 45.98 तो फूलपूर में 56.38 प्रतिशत वोट पड़े थे।

सर्दी में हुए चुनाव
चुनाव वर्ष जिले में मतदान इलाहाबाद का फूलपुर की तिथि मत प्रतिशत मत प्रतिशत

1952 27 मार्च 35.66 40.21

1957 25 फरवरी 51.50 38.62

1962 19 फरवरी 54.97 49.31

1967 15 फरवरी 51.84 49.18

1971 तीन जनवरी 46.54 47.76

1977 16 मार्च 54.15 53.42

1980 छह जनवरी 48.06 53.52

1984 27 दिसंबर 57.17 61.03

1989 24 नवंबर 44.65 54.39

1998 16 फरवरी 48.01 57.61

गर्मी में हुए चुनाव

1991 20 मई 40.58 47.80

1996 सात मई 37.10 47.90

2004 पांच मई 42.14 53.58

2009 23 अप्रैल 43.41 38.69

2014 सात मई 53.50 50.20

2019 12 मई 51.08 48.66

बारिश में हुआ चुनाव

1999 18 सितंबर 45.98 58.38