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यूपी में कांग्रेस और सपा का गठबंधन खत्म? अखिलेश यादव ने अजय राय की सीट पर सुरेंद्र पटेल को उतारा

यूपी में भी इंडिया अलायंस के दलों के बीच बिखराव हो गया है। सपा और कांग्रेस का गठबंधन लगभग खत्म हो गया है। समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को तीसरी सूची जारी कर दी और अजय राय की सीट पर प्रत्याशी उतार दिया।

यूपी में कांग्रेस और सपा का गठबंधन खत्म? अखिलेश यादव ने अजय राय की सीट पर सुरेंद्र पटेल को उतारा
Yogesh Yadavलाइव हिन्दुस्तान,लखनऊTue, 20 Feb 2024 08:06 PM
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लोकसभा चुनाव के लिए बना विपक्षी दलों का इंडिया अलायंस यूपी में भी बिखर गया है। पहले रालोद दूर हुआ और अब लगता है सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की अंतिम आस भी खत्म हो गई है। समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को लोकसभा प्रत्याशियों की तीसरी सूची जारी कर दी। इसमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की सीट वाराणसी पर भी सपा ने प्रत्याशी का ऐलान कर दिया। कांग्रेस के लिए यूपी में अमेठी-रायबरेली के बाद वाराणसी ही ऐसी सीट थी जिसे वह किसी भी हालत में अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहती थी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का वाराणसी गृह जनपद भी है। वह पिछले तीन चुनावों से लगातार यहां से उतरते रहे हैं। पीएम मोदी के खिलाफ पिछले दोनों चुनावों में कांग्रेस ने अजय राय को ही टिकट दिया था।

समाजवादी पार्टी ने वाराणसी से पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल को उतारा है। सुरेंद्र सिंह पटेल यहां की रोहनिया सीट से विधायक रह चुके हैं। पहले भी सपा उन्हें लोकसभा के मैदान में उतार चुकी है। सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की स्थिति में यह पहले से साफ था कि वाराणसी की सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी। कांग्रेस की तरफ से अजय राय का उतरना भी लगभग तय है। हालांकि अभी तक कांग्रेस की तरफ से इसे लेकर कोई बयान नहीं आया है। कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने सपा की सूची जारी होने से कुछ देर पहले तक कहा था कि दोनों दलों के बीच बातचीत चल रही है। 

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अब जबकि सपा की तीसरी सूची जारी हो गई और सपा की डेडलाइन भी पार हो गई तो ऐसे में साफ हो गया है कि दोनों दलों के बीच गठबंधन खत्म हो गया है। सपा ने सोमवार को कांग्रेस को 17 सीटों का आफर देते हुए मंगलवार तक की डेडलाइन दी थी। कहा था कि उनकी पेशकश को स्वीकार कर लेने के बाद ही अखिलेश यादव रायबरेली में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होंगे। रायबरेली से यात्रा भी गुजर गई और सपा की लिस्ट भी आ गई तो मान लिया गया है कि दोनों दलों के बीच गठबंधन खत्म हो गया है।

कांग्रेस को दी गई 17 सीटों में वाराणसी भी शामिल थी
सपा ने हाल ही में कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडेय को 17 सीटों की सूची भेजी थी। इसमें अमेठी, रायबरेली के साथ ही वाराणसी का भी नाम था। अब वाराणसी से अपना प्रत्याशी दे दिया है। इसके अलावा अमरोहा भी लिस्ट में था। वहां से भी आज की लिस्ट में प्रत्याशी उतारा है। इसके अलावा कानपुर, फतेहपुर सीकरी, बासंगांव, सहारनपुर, प्रयागराज, महाराजगंज, झांसी, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मथुरा, हाथरस, बाराबंकी व देवरिया सीटें 17 नामों में शामिल थीं।

कांग्रेस से कहा था कि यह सीटें स्वीकार करने का निर्णय ले और इंडिया गठबंधन के काम को गति प्रदान करें। कांग्रेस की मांग बलिया, बिजनौर व मुरादाबाद के लिए भी थी। कांग्रेस इस बात से पहले से नाराज थी कि सपा ने उसकी दावेदारी वाली फर्रुखाबाद, लखनऊ व खीरी सीट पर पहले ही प्रत्याशी उतार दिए। हालांकि सपा ने कांग्रेस को पहले यह आफर किया था कि 17 सीटों के अलावा कुछ जगह कांग्रेस के प्रत्याशी सपा के सिंबल पर लड़ सकते हैं। इसे कांग्रेस ने माना नहीं। लखनऊ सीट पर कांग्रेस ने आचार्य प्रमोद कृष्ण को चुनाव लड़ाया था लेकिन अब कांग्रेस से बाहर हो गए हैं। कांग्रेस की मंशा इस सीट को पाने की थी लेकिन सपा ने पहले ही यहां से अपने पुराने नेता रविदास मेहरोत्रा को टिकट दे दिया।

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