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9 जुलाई, 2020|10:31|IST

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लॉकडाउन : एक सप्ताह में चालान की तुलना में ज्यादा सीज हुईं गाड़ियां

vehicle testing campaign

लॉकडाउन में मनमाने ढंग से फर्राटा भरने वाले वाहन सवारों पर पुलिस सख्त रवैया अपना रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने जितनी गाड़ियों का चालान नहीं किया, उससे कहीं अधिक संख्या में वाहन सीज किए। इस तरह पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर सीजर की ताबड़तोड़ कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोपहिया वाहन पर दो सवारी बैठने वालों को रोका जा रहा था। दस्तावेज न होने के कारण चालान या फिर सीज की कार्रवाई की जा रही है।

शहर में एक सप्ताह के भीतर पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के वाहनों को सीज करने पर तरजीह दी है। पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर करीब 521 वाहनों को सीज किया हैं जबकि 321 वाहनों के चालान किए हैं। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर राजधानी के सभी थानाक्षेत्रों में शाम पांच बजे से दो घंटे वाहन चेकिंग की जा रही है। इसके साथ ही दिनभर पुलिस कर्मी आने जाने वाले वाहनों पर निगाह रखे हुए हैं। 

दस्तावेज न होने पर होती है कार्रवाई 
एक सब इंस्पेक्टर का कहना है कि चेकिंग के दौरान दस्तावेज नहीं होते है तो ऐसे वाहनों को सीज कर दिया जाता है। दस्तावेजों में कमी या फिर नियमों के उल्लंघन करने पर चालान की कार्रवाई की जा रही है। 

थानों पर जगह कम पड़ी 
पुराने लखनऊ में पुलिस ने वाहनों को सीज करने की कार्रवाई शुरू की तो थानों में जगह कम पड़ गई। पुलिस ने सीज वाहनों को थानों के बाहर खड़ा करना शुरू कर दिया। 

लापरवाह चालकों को मोहल्लत नहीं  
राजाजीपुरम निवासी राजीव सिंह के मुताबिक तीन दिन पहले वह अपनी बाइक से मेडिकल स्टोर जा रहे थे। वह बिना हेल्मेट के थे और सिर्फ मास्क लगा रखा था। पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। दस्तावेज न होने पर पुलिस ने वाहन सीज करने की बात कही। इस पर उन्होंने घर से गाड़ी की आरसी और अन्य दस्तावेज लाने को कहा। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और बाइक सीज कर दी। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लापरवाह चालकों को कोई मोहल्लत नहीं दी जा रही है।

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  • Web Title:Lockdown: More seized vehicles in a week than challans