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स्कूल के बगल में शराब का ठेका, हाईकोर्ट पहुंचा पांच साल का बच्चा, आबकारी विभाग से जवाब-तलब

शिक्षा के मंदिर के पास मौजूद शराब ठेके को बंद कराने के लिए एक मासूम इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। पांच साल के इस बच्चे ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्कूल के पास खुले शराब ठेके के खिलाफ पीआईएल दाखिल...

स्कूल के बगल में शराब का ठेका, हाईकोर्ट पहुंचा पांच साल का बच्चा, आबकारी विभाग से जवाब-तलब
Dinesh Rathourप्रमुख संवाददाता,कानपुरSat, 24 Feb 2024 05:30 PM
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शिक्षा के मंदिर के पास मौजूद शराब ठेके को बंद कराने के लिए एक मासूम इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। पांच साल के इस बच्चे ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्कूल के पास खुले शराब ठेके के खिलाफ पीआईएल दाखिल की है। पीएलआई दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग से जवाब भी तलब किया है। बच्चे की तरफ से पैरवी करने वाले वकील का तर्क है कि स्कूल खुलने के बाद शराब ठेके का जो लाइसेंस रिन्यू हुआ वह अवैध है। इसपर कोर्ट ने पूछा कि जब स्कूल खुल गया था तो विभाग ने ठेके का लाइसेंस क्यों रिन्यू किया। 23 फरवरी को इस मामले में कोर्ट ने सवाल खड़ा करते हुए अगली सुनवाई के लिए 13 मार्च की तारीख दी है।

रतन सदन, आजाद नगर निवासी पांच साल के अथर्व दीक्षित ने अपने पिता प्रसून दीक्षित के जरिए हाईकोर्ट में दाखिल पीआईएल में आबकारी विभाग के प्रमुख सचिव, एक्साइज कमिश्नर लखनऊ, डीएम (लाइसेंसिंग अथॉरिटी) कानपुर नगर, आबकारी अधिकारी कानपुर नगर और शराब ठेका संचालक ज्ञानेन्द्र कुमार को पार्टी बनाया गया है। अथर्व की तरफ से एडवोकेट आशुतोष शर्मा ने कोर्ट के सामने दलील रखी। अथर्व आजाद नगर स्थित सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल में एलकेजी का छात्र है। पीआईएल के जरिए कोर्ट को जानकारी दी गई है कि स्कूल के बगल में ज्ञानेन्द्र कुमार का शराब ठेका है। इससे वहां पर कई गैरकानूनी गतिविधियां हो रही हैं।

कार्रवाई कैसे हो

पीआईएल में बताया गया कि स्कूल में भी अथर्व के पिता द्वारा शिकायत की गई मगर उन्होंने कार्रवाई को लेकर मजबूरी दिखा दी। इसके बाद अथर्व के पिता ने आईजीआरएस में शिकायत दर्ज कराई। 20 जुलाई 2023 को आबकारी अधिकारी ने इस मामले में रिपोर्ट दाखिल की। जिसमें उन्होंने स्कूल से 20-30 मीटर की दूरी पर ठेका होने की बात स्वीकार की। साथ ही कहा कि ठेका 30 साल पहले से हैं और स्कूल 2019 में स्थापित किया गया है।

एडवोकेट ने पूछा सवाल

अथर्व की तरफ से एडवोकेट आशुतोष शुक्ला ने मामले में सवाल उठाया कि स्कूल यदि बाद में खुला। तो उसके बाद तो ठेका अवैध हो गया। फाइनेंशियल ईयर छोड़कर उसका लाइसेंस कैसे रिन्यू हुआ। जिसके लिए एडवोकेट की तरफ से अथर्व के पिता द्वारा दाखिल आरटीआई का जवाब दाखिल किया गया। जिसमें यह कहा गया कि ठेके का लाइसेंस 2020-21, 2022-23 और 2023-24 में रिन्यू किया गया है।

इन कारणों से दाखिल की गई पीआईएल

  • स्कूल में 475 बच्चे हैं, ठेके के पास राधाकृष्ण अपार्टमेंट और पुष्प शांति अपार्टमेंट भी है। बच्चों और अपार्टमेंट में रहने वाले परिवारों को ठेके में आकर शराब पीने वालों से समस्या होती है। 
  • ठेके पर अराजकतत्वों का जमावड़ा रहता है, ठेका सुबह छह बजे ही खुल जाता है।
  • अथर्व और उसके साथी प्रतिदिन जब स्कूल जाते हैं तो उन्हें भद्दी-भद्दी बातें शराब पीने वालों से सुनने को मिलती हैं। कई बार शराब पीने वालों को सड़क पर लड़ते हुए भी देखा है। 
  • स्कूल से लौटने के दौरान भी खराब वातावरण का शिकार होना पड़ता है।

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