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यूपी में लाखों बिजली कनेक्शन वालों को लगने वाला है झटका, बदलने जा रही श्रेणी, जेब होगी हल्की

यूपी में लाखों बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगने वाला है। उनकी जेब हल्की होने वाली है। शहरी सीमा से लगें गांवों के बिजली उपभोक्ताओं को अब शहरी दर पर बिजली का बिल देना होगा। इसका आदेश जारी हो गया है।

यूपी में लाखों बिजली कनेक्शन वालों को लगने वाला है झटका, बदलने जा रही श्रेणी, जेब होगी हल्की
Yogesh Yadavहिन्दुस्तान,लखनऊSat, 15 Jun 2024 08:22 PM
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यूपी में लाखों बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगने वाला है। उनकी जेब हल्की होने वाली है। शहरी सीमा से लगें गांवों के बिजली उपभोक्ताओं को अब शहरी दर पर बिजली का बिल देना होगा। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निदेशक मंडल ने इस आशय का आदेश जारी किया है। शहरी सीमा से लगे वे ग्रामीण क्षेत्र जिसे शासन ने उच्चीकृत कर शहरी सीमा में लेने का फैसला लिया है, वहां के विद्युत फीडरों का ग्रामीण स्टेटस समाप्त कर शहरी फीडर घोषित करने का आदेश हुआ है। इन फीडरों से जुड़े सभी ग्रामीण उपभोक्ताओं से शहरी दर से बिजली बिल की वसूली की जाएगी।

इस फैसले से लाखों की तादाद में ग्रामीण विद्युत उपभोक्ता प्रभावित होंगे। पावर कारपोरेशन प्रबंधन के इस फैसले में वे सभी क्षेत्र आएंगे जिन्हें हाल के वर्षों में शासन ने नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत की सीमा में शामिल किया है। बताया तो यह भी जा रहा है कि इन गांवों के साथ ही वे गांव भी इसकी जद में आएंगे जो शहरी सीमा में शामिल नहीं हैं लेकिन शहर से लगे हुए हैं और फीडर स्टेटस बदले जाने से वे शहरी फीडर का हिस्सा होंगे। 

उपभोक्ता परिषद इस फैसले के खिलाफ लड़ाई लड़ेगा
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि निदेशक मंडल के इस फैसले के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। जब देश में विद्युत उपभोक्ता अधिकार कानून-2020 लागू हो गया है इसकी धारा 10 में सभी को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का प्रावधान है, फिर उत्तर प्रदेश में शहरी आपूर्ति और ग्रामीण आपूर्ति के आधार पर बिजली दरें लागू करने की बात क्यों हो रही है। प्रदेश में 2.85 करोड़ ग्रामीण विद्युत उपभोक्ता हैं।

परिषद ने इस मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है। परिषद ने कहा आज भी गांव में फीडरों से जुड़े क्षेत्रों का दायरा बहुत बड़ा है। सब स्टेशनों का कार्यक्षेत्र भी बड़ा है। ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरीके से कृषि पर आधारित है ऐसे में केवल शहरी शिड्यूल से बिजली देकर उन्हें अमीर किस श्रेणी में लाना पूरी तरह असंवैधानिक है।

यूपीपीसीएल के चेयरमैन डा. आशीष कुमार गोयल यह आदेश सिर्फ उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है जो शहरी सीमा से लगे हैं और जिन्हें शासन ने शहरी सीमा में शामिल कर लिया है। ऐसे क्षेत्रों के विद्युत फीडर को शहरी फीडर घोषित किए जाने का आदेश है। इन क्षेत्रों को शहरी क्षेत्रों के मुताबिक बिजली भी देने का आदेश है।