ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशLakhimpur kheri seat Result 2022: नई सरकार में बढ़ सकता है यूपी के इन दो विधायकों का कद, मंत्री बनने की उम्मीद

Lakhimpur kheri seat Result 2022: नई सरकार में बढ़ सकता है यूपी के इन दो विधायकों का कद, मंत्री बनने की उम्मीद

यूपी में भाजपा सरकार-टू के गठन में खीरी जिले को महत्व मिल सकता है। जिले के दो विधायकों का कद बढ़ सकता है। लगातार दूसरी बार जिले की आठो सीटों पर भगवा फहराया है। इससे भाजपा के जिला पदाधिकारियों के साथ...

Lakhimpur kheri seat Result 2022: नई सरकार में बढ़ सकता है यूपी के इन दो विधायकों का कद, मंत्री बनने की उम्मीद
Dinesh Rathourलखीमपुर-खीरी। संवाददाताThu, 10 Mar 2022 11:46 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

यूपी में भाजपा सरकार-टू के गठन में खीरी जिले को महत्व मिल सकता है। जिले के दो विधायकों का कद बढ़ सकता है। लगातार दूसरी बार जिले की आठो सीटों पर भगवा फहराया है। इससे भाजपा के जिला पदाधिकारियों के साथ ही समर्थकों का उत्साह भी बढ़ा है। अब इस बात की उम्मीद लगाई जा रही है कि जिले के दो विधायकों का नई सरकार में कद बढ़ सकता है।

विधानसभा चुनाव से पहले जिले का तिकुनिया कांड पूरे देश में सुर्खियों में रहा। इसके बाद भी निघासन विधानसभा से भाजपा के प्रत्याशी शशांक वर्मा सबसे जिले की आठ विधानसभाओं में से सबसे ज्यादा सीटों पर जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। भाजपा के कद्दावर नेता रहे पूर्व मंत्री स्व. रामकुमार वर्मा के निधन के बाद इस सीट से उनके बेटे शशांक वर्मा को भाजपा ने चुनाव मैदान में उतारा। उपचुनाव में जीत दर्ज की।

इस चुनाव में शशांक वर्मा ने सबसे ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है। इसलिए उम्मीद लगाई जा रही है कि प्रदेश की नई सरकार में शशांक वर्मा का कद बढ़ सकता है। उधर गोला से पांचवीं बार विधायक अरविन्द गिरि बने हैं। अनुभव के मामले में सबसे आगे गिरि का  योगी सरकार-टू में कद बढ़ सकता है। वह मंत्री जितिन प्रसाद, बृजेश पाठक, डॉ दिनेश शर्मा के करीबी हैं। गिरि सपा से तीन बार और भाजपा से दो बार विधायक बन चुके हैं।

 तराई के खीरी जिले की प्रदेश सरकार के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका है। 2017 में तराई में जो भगवा फहराया वह उसका रंग इस चुनाव में और चटख हो गया। पार्टी के अन्दर इस बात की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है कि जिले से एक-दो विधायक मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं। हालांकि सरकार के गठन, मंत्रिमंडल के चुनाव के बाद यह सामने आएगा कि जिले के किस विधायक का ओहदा सरकार में बढ़ा है।
 

epaper