DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोरोना वैक्सीन की कमी बनी चुनौती, प्रशासन ने PMO से लगाई गुहार

उत्तर प्रदेशपीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोरोना वैक्सीन की कमी बनी चुनौती, प्रशासन ने PMO से लगाई गुहार

वाराणसी वरिष्ठ संवाददाताPublished By: Yogesh Yadav
Fri, 14 May 2021 09:07 PM
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोरोना वैक्सीन की कमी बनी चुनौती, प्रशासन ने PMO से लगाई गुहार

कोरोना संक्रमण के बाद अब टीकाकरण जिला प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। खासकर 18 वर्ष के ऊपर वालों का काफी कम टीकाकरण होने से लोगों में काफी नाराजगी है। पिछले हफ्ते कई केंद्रों पर लोगों ने हंगामा भी किया। जिला प्रशासन ने टीकाकरण न होने से लगातार बढ़ रहे असंतोष की शासन और पीएमओ को देते हुए जिले के लिए वैक्सीन आवंटन बढ़ाने की मांग की है। 
 जिले में टीकाकरण के लिए कुल 112 केंद्र बने हैं लेकिन वैक्सीन की कमी से 75 केंद्रों पर ही टीके लगाए जा रहे हैं। इनमें बीएचयू के सर सुंदरलाल और कबीरचौरा के मंडलीय अस्पताल में 500-500, ईएसआईसी अस्पताल और राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में अधिकतम 300-300 लोगों को टीका लग रहा है। बाकी सेंटरों पर औसत में 200 लों को टीके लग पा रहे हैं।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आवंटन मुसीबत 
टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और उसके बाद स्लॉट आवंटन मुसीबत बन रहा है। 45 वर्ष से ऊपर के लोग संक्रमण की डर से न तो सहज जनसेवा केंद्र पर पंजीकरण करा पा रहे हैं और न ही उनके पास खुद संसाधन हैं। ग्रामीणों के लिए यह बड़ी समस्या है। गांव के लोग कई किमी दूर चलकर किसी तरह पंजीकरण करा ले रहे हैं, लेकिन वैक्सीन की मात्रा कम होने से उन्हें समय व अस्पताल का आवंटन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उन्हें कई बार चक्कर लगाना पड़ रहा है।

लक्ष्य को जल्द पूरा करना चाह रहे अफसर
अधिकारी कोरोना संक्रमण पर लगभग नियंत्रण करने के बाद अब जल्द से जल्द टीकाकरण लक्ष्य को पाना चाह रहे हैं, लेकिन वैक्सीन का आवंटन कम होने से लोगों की नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है। टीकाकरण केंद्रों पर लगातार लोगों की नाराजगी को देखते  हुए जिलाधिकारी को एडीएम प्रशासन और पुलिस अधिकारी को लगाना पड़ा।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि वैक्सीन का आवंटन पहले की तुलना में थोड़ा कम हुआ है। वहीं, अब लोग टीकाकरण के प्रति जागरूक हो गए हैं। उपलब्ध वैक्सीन की तुलना में लगवाने वालों की संख्या बढ़ गयी है। केंद्र सरकार और प्रदेश शासन को इससे अवगत कराया गया है। 
 

संबंधित खबरें