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कुशीनगर: बाढ़ से घिरे ग्रामीणों ने छह फुट काट दिया बांध, रोकने आई पुलिस पर बोला हमला, जमकर की पत्‍थरबाजी

हिन्‍दुस्‍तान टीम ,कुशीनगर Published By: Ajay Singh
Sat, 19 Jun 2021 06:39 PM
कुशीनगर: बाढ़ से घिरे ग्रामीणों ने छह फुट काट दिया बांध, रोकने आई पुलिस पर बोला हमला, जमकर की पत्‍थरबाजी

उत्‍तर प्रदेश के कुशीनगर में बाढ के पानी से घिरे खड्डा क्षेत्र के ग्रामीणों को बचाव का कोई रास्ता नहीं दिखा तो शनिवार को वे नौतार बांध काटने पहुंचे गए। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो लाठी-डंडा, फावड़ा-हंसिया लेकर पहुंचे ग्रामीण भिड़ गए। ईंट-पत्थर चलाने शुरू कर दिए। इससे पुलिस को पीछे हटना पड़ा। इस दौरान ग्रामीणों ने करीब छह फुट बांध काट दिया। 

बाल्मीकि गंडक बैराज से बुधवार को 4 लाख 12 क्यूसेक पानी बड़ी गंडक नदी में छोड़ा गया। इससे रेताक्षेत्र के गावों में बाढ़ आ गई। नदी का पानी तुर्कहा मौनी नाला के रास्ते छितौनी बांध के इस पार बसे खड्डा ब्लॉक के बसडीला जंगल रंजिता, बगही टोला, शाहपुर नौकाटोला, नौतार जंगल, मनमनटोला, माघी, भगवानपुर, लक्ष्मीपुर आदि गांवों में पहुंच गया। इससे लोगों के घरों में पानी पहुंच गया और सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। 

चार दिन बीत जाने के बाद भी गांवों व खेतों से पानी नहीं निकला तो इन गावों के सैकड़ों पुरुष व महिलाएं लाठी, डंडा, फावड़ा, हंसिया आदि लेकर शनिवार को सबसे पुराना नौतार जंगल बांध काटने पहुंच गए। सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इसकी सूचना हनुमानगंज पुलिस को दी। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो आक्रोशित ग्रामीण पथराव करने लगे। इस पर पुलिस ने पीछे हटते हुए सूचना अपने उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद एसडीएम अरविन्द कुमार, सीओ शिवाजी सिंह, तहसीलदार डॉ. संजीव राय, इंस्पेक्टर आरके यादव, एसओ पंकज गुप्ता सहित पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जल निकासी की व्यवस्था का आश्वासन देते हुए ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया मगर वे बांध काटने की जिद पर अड़े रहे। उनका कहना था कि आधा दर्जन से अधिक गांवों में भरे पानी की निकासी बंधा काटे बिना नहीं होगी। इस बीच ग्रामीणों ने लगभग छह फुट बांध काट दिया। इससे इन गावों में लगा बाढ़ का पानी उसपार जाने लगा है। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण व पुलिस प्रशासन के लोग मौके पर जमे हुए थे। 

लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया गया लेकिन वे नहीं माने। आखिरकार बांध काट दिया। पानी की निकासी के बाद सिंचाई विभाग को बांध की मरम्मत कराने को कहा गया है। ताकि इस रास्ते से आवागमन बहाल हो सके।
अरविन्द कुमार, एसडीएम

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