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18 अक्तूबर, 2020|7:53|IST

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कुशीनगर: दिन दहाड़े गोलियां बरसाकर डबल मर्डर से फैलाई थी दहशत, तीन आरोपी गिरफ्तार

कुशीनगर के पटहेरवा थाना क्षेत्र के समउर बाजार में शनिवार की शाम हुए डबल मर्डर के मामले में पुलिस ने घटना में शामिल तीनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। शूटरों ने भूमि विवाद में हुई हत्या के मामले में वांछित बिहार प्रांत निवासी युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृत युवक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने सात नामजद एवं अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पकड़े गये शूटरों के कब्जे से पिस्टल और कट्टा-कारतूस बरामद हुआ।

शनिवार को समउर बाजार में शराब भट्ठी के पास शाम को बाइक सवार तीन लोगों ने बिहार प्रांत के विजयीपुर थाना अंतर्गत ग्राम मझवलिया निवासी धर्मेन्द्र यादव को कनपट्टी पर सटाकर गोली मार दी। इस बीच वहां से गुजर रहे समउर निवासी रामदयाल चौहान ने अपराधियों से टोका टाकी की तो उन्होंने गोली मारकर उसकी भी हत्या कर दी और फायरिंग करते हुए बिहार की तरफ भाग निकले। बिहार प्रांत निवासी मृत धर्मेन्द्र के भाई की तहरीर पर पुलिस ने शनिवार की देर रात सात नामजद एवं अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पटहेरवा पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने थाना क्षेत्र के रामकोला चट्टी के पास से घटना में शूटर रहे अजय यादव, पंकज यादव और राजू यादव निवासी खुटहां थाना विजयीपुर जिला गोपालगंज बिहार को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पिस्टल और कट्टा-कारतूस बरामद किया। एसपी ने कहा कि इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने शूटरों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये देकर पुरस्कृत किया और डीआईजी स्तर से 50 हजार अतिरिक्त पुरस्कार दिये जाने की संस्तुति की। 

पुलिस टीम में ये रहे शामिल
शूटरों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में एसओ पटहेरवा अतुल्य पांडेय, एसआई गिरधारी पांडेय, रमेश पूरी, सिपाही श्रवण यादव, विनोद गुप्ता, जितेन्द्र पाल, सतवंत मल्ल, महेन्द्र यादव व दिनेश यादव शामिल रहे।

पहले सुलह का दिया भरोसा और फिर मार दी गोली
हत्या के मुकदमे से छुटकारा पाने के लिए विश्वास में लेकर सुलह समझौते की बात के बहाने मौत बनकर आये अपराधियों ने शराब का सेवन करते हुए बातचीत के दौरान आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। इस दौरान अपराधियों ने धर्मेन्द्र पर ताबड़तोड़ गोली चलायी और उसे मौत के घाट उतार दिया। विश्वास में धर्मेन्द्र को सुलह समझौते से मुकदमे से छुटकारा तो नहीं मिली अपितु जिंदगी से ही छुटकारा मिल गया।

बिहार के विजयीपुर थाना क्षेत्र के मझवलिया निवासी धर्मेन्द्र यादव गांव में ही बीते चार मई को अपने रिश्ते के चाचा रामभवन नामक व्यक्ति की पीट पीट कर की गई हत्या में आरोपी था और फरार चल रहा था। मृतक रामभवन के पुत्र अखिलेश की तहरीर पर विजयीपुर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराते हुए धर्मेन्द्र के पूरे परिवार को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में धर्मेन्द्र के माता पिता व पत्नी गोपालगंज जेल में बन्द हैं, जिसमें उनकी जमानत पर सोमवार 19 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने मृतक धर्मेन्द्र से फोन पर बात कर विश्वास में लेते हुए आपस में सुलह समझौता कर विवाद को हल कराने की पहल करने के लिए प्रेरित किया। 

अति विश्वास में आकर धर्मेन्द्र मिलने के लिए राजी हो गया। मिलने के लिए समउर बाजार का स्थान चुना। सूत्रों की मानें तो मुकदमे में सुलह समझौते के लिए मृतक धर्मेन्द्र यादव अपने मौसा के लड़के कटेया थाना क्षेत्र के दत्त पट्टी निवासी शारदानन्द के साथ बाइक से समउर पहुंचा। जबकि एक बाइक पर सवार तीन अपराधी समउर बाजार से तमकुही जाने वाली सड़क पर स्थित शराब भट्टी पर पहुंच गए। दोनों पक्ष एक दुकान में बैठकर शराब का सेवन करने के दौरान सुलह समझौते पर चर्चा करते रहे। सभी एक साथ दुकान से बाहर निकले इसी दौरान एक अपराधी ने पिस्टल निकालकर धर्मेन्द्र की कनपट्टी पर सटा कर गोली मार दी। यह देख उसके साथ रहा उसके मौसी का लड़का किसी तरह जान बचाकर भाग निकलने में कामयाब रहा। अपराधी धर्मेन्द्र को मौत के घाट उतारे जाने के बाद खेत से लौट रहे बंगला टोला निवासी बुजुर्ग रामदयाल चौहान द्वारा टोके जाने पर उसे भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया और भाग निकले।

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  • Web Title:kushinagar police booked three in double murder case