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20 अक्तूबर, 2020|10:46|IST

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Kumbh mela 2019: स्वामी अवधेशानंद बोले- है तो अर्धकुम्भ, स्वीकार है कुम्भ

Kumbh mela 2019

जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि अर्धकुम्भ को वास्तव में अर्धकुम्भ ही मानते हैं लेकिन इसकी कुम्भ की स्वीकार्यता उन्हें सहज स्वीकार है। मंगलवार को जूना अखाड़े की पेशवाई में शामिल होने के लिए जूना पीठाधीश्वर सोमवार को प्रयागराज आए। मेला क्षेत्र में अपने शिविर की तैयारियों का निरीक्षण करने के दौरान उन्होंने ‘हिन्दुस्तान' से अर्धकुम्भ का नाम कुम्भ किए जाने पर विचार रखे।

अर्धकुम्भ का नाम कुम्भ किए जाने पर उन्होंने कहा कि स्वीकार्यता भारतीय संस्कृति की पहचान है। जैसे अन्न को भगवान माना जाता है। अन्न भगवान थोड़े ही है, लेकिन स्वीकार है भगवान के रूप में। ऐसे ही अतिथि को देवता माना जाता है वो भी इंसान है, देवता नहीं। लेकिन भारतीय संस्कृति दोनों को इन रूपों में स्वीकार करती है।

उन्होंने कहा कि यह कुम्भ आस्था का महापर्व है। यूनेस्को ने कुम्भ को अमूर्त धरोहर घोषित किया है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। सामाजिक समरसता का कुम्भ भारत की एकता और अखडंता का साक्षी होगी। उन्होंने कहा कि वैभव हर पल शांति नहीं देता, प्रसन्नता पदार्थ नहीं विचार से मिलती है। सोमवार सुबह प्रयागराज आए जूना पीठाधीश्वर ने पहले मौजगिरि आश्रम में पूजन अर्चन कर पेशवाई की तैयारियों पर चर्चा की और शाम को सेक्टर 14 स्थित अपने प्लाट को देखने के लिए पहुंचे। इस दौरान भाजपा नेता राकेश शुक्ला मौजूद रहे।

हंस वाहन से जाएंगे शाही स्नान को-
जूना पीठाधीश्वर ने सोमवार को शिविर में खड़े हंस वाहन का निरीक्षण किया। इसी वाहन से वे पेशवाई और शाही स्नान के लिए जाएंगे।

जमीन पर तिरपाल, दो हजार श्रद्धालु रहेंगे साथ-
उनके शिविर में दो हजार श्रद्धालु मेला अवधि के दौरान रहेंगे। इसके साथ ही पूरे शिविर में जमीन पर तिरपाल बिछाई जाएगी। साथ ही घास का मैट बिछाया जाएगा। जिससे शिविरों में पानी और कीचड़ न जाए।

अफसरों से कहा-होगा भव्यता का प्रदर्शन-

जूना अखाड़े की पेशवाई की शुरूआत खिचड़ी, दही, पापड़ अचार खिलाकर की जाएग। इसके लिए मेला क्षेत्र में तैयारी पूरी की गई है। मौज गिरि आश्रम में इसकी तैयारी चल रही है।

फायर प्रूफ होगा पंडाल-

शिविर में एक हजार की क्षमता वाले प्रवचन पंडाल को बनाया जा रहा है। यह पंडाल फायर प्रूफ होगा। इसमें एक भी पिलर नहीं होगा। जिससे श्रद्धालुओं को यहां पर बैठने का मौका मिल सके।

आएंगे मोरारी बापू-
शिविर में पूजन के लिए कथा वाचक मोरारी बापू आएंगे। इसके साथ ही हर क्षेत्र के बड़े कथाकार और भजन गायकों को यहां लाया जाएगा।

खिचड़ी का खिलाएंगे प्रसाद-
जूना पीठाधीश्वर ने पुलिस के अधिकारियों को अपने शिविर की जानकारी दी। साथ ही कहा कि यहां से कुम्भ की भव्यता का प्रदर्शन होगा। कैसे साधु समाज संगम की रेती से भगवान की पूजा करता है। यह दिखाया जाएगा। इसलिए शिविर की तैयारियों को पूरा करें।

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  • Web Title:kumbh mela 2019 swami avdheshanand says this is a ardhkumbh