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kumbh mela 2019:कुम्भ देखने आईं पाकिस्तान की यास्मीन,जानिए क्या है वजह

 kumbh mela 2019: कुम्भ देखने आईं पाकिस्तान की यास्मीन, जानिए क्या है वजह

प्रयागराज का कुम्भ दिव्य और भव्य होगा। विदेशों में इसका इतना प्रचार प्रयास हो गया है कि पाकिस्तान की यास्मीन भी प्रयागराज आ चुकी है। महानिर्वाणी अखाड़े की मेला क्षेत्र की छावनी में यास्मीन ने 'हिन्दुस्तान' से खास बातचीत में सनातन धर्म और कुम्भ पर अनुभव सांझा किए। 

Kumbh mela 2019: महानिवार्णी अखाड़े की निकली भव्य पेशवाई

अखाड़े में लगभग दर्जनभर विदेशी पर्यटक इंग्लैंड के स्वामी प्रेमानंद के साथ आए हैं। इनमें एक है पाकिस्तानी मूल की ब्रिटेन की नागरिक यास्मीन। यास्मीन ने बताया कि उसके पिता बशीर सिंध पाकिस्तान हैदराबाद के निवासी थे। उनका जन्म इंग्लैंड में हुआ। सनातन धर्म के बारे में यास्मीन ने कहा कि इस भारत में वो आत्यात्मिकता की तलाश में आई हैं। खुले विचारों की यास्मीन वैसे किसी धर्म में विशेष रुचि नहीं रखती हैं लेकिन अत्यात्मिकता की तलाश है। भारत की आध्यात्मिक शांति के बारे में सुन रखा है। इसलिए वो यहां पर आईं। यह भारत में यास्मीन का पहला कुम्भ होगा। अपने देश में कुम्भ का इतना अधिक प्रचार सुना कि वो खुद को रोक नहीं सकीं। संगम की रेती पर लेटे हुए साधु संत किस प्रकार से सिर्फ शांति की तलाश कर रहे हैं यह यास्मीन के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं है। वो यहां पर रहकर अखाड़ों के शाही स्नान की गवाह बनने की इच्छुक हैं।.

मुरादाबाद से आईं श्री महंत कुसुम गिरि ने बताया कि ब्रह्म मुहुर्त में स्नान और ईष्ट देव के पूजन के बाद कुछ देर ध्यान किया जाता है। उसके बाद प्रवचन और हरिभजन भी होता है। इन सबके बाद ही भोजन ग्रहण किया जाता है।

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  • Web Title:kumbh mela 2019 a pakistani women yasmeen came to see kumbh