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19 अक्तूबर, 2020|2:21|IST

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Kumbh mela 2019: प्रवासी भारतीय करेंगे अक्षयवट के दर्शन

कुम्भ 2019: प्रवासी भारतीय करेंगे अक्षयवट के दर्शन

कुम्भ मेले के दौरान प्रयागराज आ रहे प्रवासी भारतीय अक्षयवट के दर्शन करेंगे। इसलिए अक्षयवट के प्रवेश के लिए तैयारियों को तेज किया जाएगा। खास मेहमानों को किले के दर्शन कराकर भारतीय संस्कृति को बताया जाएगा। प्रवासी भारतीयों के वाराणसी और प्रयागराज आगमन को लेकर सोमवार को वाराणसी में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बैठक ली। उन्होंने प्रयागराज में होने वाले कार्यक्रमों के बारे में जाना।

24 जनवरी को 50 लग्जरी बसों से प्रवासी भारतीयों को प्रयागराज लाया जाएगा। यहां पर अरैल में टेंट सिटी में खास मेहमान ठहरेंगे। यहां से अरैल घाट से क्रूज के जरिए संगम आएंगे। संगम स्नान करने के बाद किले में कैद अक्षयवट के दर्शन करेंगे। अक्षयवट के दर्शन के बाद हनुमान मंदिर और फिर संस्कृति ग्राम देखने जाएंगे। प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से एडीएम सीपी तिवारी बैठक में शामिल हुए। इलाहाबाद जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर छह से चार स्पेशल ट्रेनों से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

किले में कैद अक्षयवट को खोलने की तैयारियों को तेज कर दिया गया है। अक्षयवट में आम नागरिक जहां पातालपुरी वाले रास्ते से प्रवेश पाएंगे, वहीं वीवीआईपी को सरस्वती घाट वाले फोर्ट रोड चौराहे से प्रवेश दिया जाएगा। जिससे सुरक्षा में कोई परेशानी न हो। इसके लिए सोमवार को मेला प्रशासन ने सुरक्षा का खाका खींचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अक्षयवट खोलने के ऐलान को लेकर मेला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। सोमवार को मेला प्रशासन के अफसरों ने किले में बंद अक्षयवट का निरीक्षण किया।

प्रयागराज। पातालपुरी मंदिर परिसर में राधा-माधव मंदिर को स्थापित करने से पातालपुरी के पुजारियों में मेला प्रशासन के निर्णय को लेकर आक्रोश व्याप्त है। मेला प्रशासन पर तानाशाही करने का आरोप लगाते हुए पुजारियों ने इसकी शिकायत सीएम से करने की बात कही है। राधा माधव मंदिर के पुजारियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि मेला प्रशासन ने पातालपुरी के प्रमुख पुजारियों से लिखित लिए बिना पातालपुरी परिसर में मंदिर बनाना शुरू कर दिया। प्रधान पुरी रवींद्रनाथ योगेश्वर ने बताया कि राधा-माधव, राम-जानकी मंदिर पातापुरी परिसर के बजाय किले के बाहर स्थापित कराते तो विवाद न होता। पुजारी कविनाथ योगेश्वर ने कहा कि अगर मंदिर स्थापित की स्वीकृति लिखित में नहीं दी जाएगी तो कानून का सहारा लिया जाएगा।

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  • Web Title:Kumbh 2019 Overseas Indians will do darshan of