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जानिए गांवों में राशन बांटने को लेकर क्या बोले सीएम योगी, किसे मिलेगा फ्री में चावल और गेहूं

लखनऊ। विशेष संवाददाताPublished By: Amit Gupta
Thu, 17 Jun 2021 06:54 PM
जानिए गांवों में राशन बांटने को लेकर क्या बोले सीएम योगी, किसे मिलेगा फ्री में चावल और गेहूं

कोरोना महामारी के चलते लगाए कोरोना कर्फ्यू में योगी सरकार ने शहरी क्षेत्रों में गरीबों को तीन महीने तक फ्री राशन देने का निर्णय लिया था जो अब तक जारी है। सीएम योगी ने शहरी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी जरूरतमंदों को राशन देने की योजना बनाई है। इसके लिए सीएम ने निगरानी समितियों को गांवों में भ्रमण कर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने कहा है कि निगरानी समितियां गांवों में जाकर देखें कि हर जरूरतमंद को राशन मिल रहा है या नहीं। सीएम योगी ने आदेश दिया है कि गरीब, निराश्रित और अन्य पात्र लोगों को राशन जरूर मिले। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने गुरुवार को टीम-9 की वर्चुअल बैठक में दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोरोना प्रबंधन में निगरानी समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। कोरोना महामारी के दृष्टिगत प्रदेश की स्थिति हर दिन के साथ बेहतर होती जा रही है। ज्यादातर जिलों में संक्रमण के नए केस इकाई में आ रहे हैं, तो 10-12 जनपदों में नए केस नहीं मिल रहे। वर्तमान में कुल एक्टिव केस घटकर 6,019 रह गए हैं। 3,049 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। यह स्थिति संतोषप्रद है लेकिन हमें समझना होगा कि वायरस कमजोर पड़ा है, समाप्त नहीं हुआ। थोड़ी सी लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है। 

यूपी हर तरह की परिस्थिति का सामना करने को तैयार 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सभी तरह की परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार है। प्रदेश ऑक्सीजन जेनेरेशन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। कल 5 और प्लांट की स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में 441 ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की जा रही है। इनमें से लगातार प्रयासों से अब 100 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। 50 बेड से अधिक सभी अस्पताल ऑक्सीजन की जरूरत के लिहाज से आत्मनिर्भर होंगे। प्रदेश में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों के भवन निर्माण की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाए। गुणवत्ता और समयबद्धता पर फोकस रहे। 9 मेडिकल कॉलेजों में प्राचार्यों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इन कार्यों को यथासंभव शीघ्रता से पूरा किया जाए। 14 अन्य प्रस्तावित नए मेडिकल कॉलेजों में अगले सत्र से पठन-पाठन शुरू करने के लक्ष्य को देखते हुए आवश्यक तैयारियां समय से पूरी की जाएं।


 

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