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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशअब घर बैठे जान सकेंगे गोआश्रय स्थलों का ब्योरा, गोसंरक्षण पोर्टल व मोबाइल एप लांच

अब घर बैठे जान सकेंगे गोआश्रय स्थलों का ब्योरा, गोसंरक्षण पोर्टल व मोबाइल एप लांच

गोआश्रय स्थलों में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के लिए सभी व्यवस्थाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने गुरुवार को इसके लिए गोसंरक्षण पोर्टल व मोबाइल एप लांच किया।

अब घर बैठे जान सकेंगे गोआश्रय स्थलों का ब्योरा, गोसंरक्षण पोर्टल व मोबाइल एप लांच
Srishti Kunjहिन्दुस्तान टीम,लखनऊFri, 30 Sep 2022 08:13 AM

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गोआश्रय स्थलों में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के लिए सभी व्यवस्थाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने गुरुवार को इसके लिए गोसंरक्षण पोर्टल व मोबाइल एप लांच किया। इसके माध्यम से लोग घर बैठे यह जान सकेंगे कि गोआश्रय स्थलों में कितना पैसा, भूसा व चारा है। उन्होंने यह भी बताया कि गौशालाओं में गोबर से एक लाख दीपक बनाए जाएंगे, जिसे दीपावली पर अयोध्या को जगमग करेंगे।

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री ने लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इसे लांच किया। उन्होंने छह माह की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। उन्होंने लोगों से अपील की है कि दीपावली पर वे अपने घरों पर गाय से गोबर से बने नौ-नौ दीपक जरूर जलाएं। अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास डॉ.रजनीश दुबे ने बताया कि रियल टाइम सूचना व अन्य कठिनाइयों को देखते हुए गो-आश्रय पोर्टल बनाने के साथ एंड्रॉइड मोबाइल एप बनाया गया है। अधिकारियों द्वारा स्थलीय सत्यापन के समय इस पर गोआश्रय स्थल से संबंधित सभी जरूरी जानकारियां मिलेंगी। पोर्टल के साथ मोबाइल एप ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन चलाने की सुविधा है। इसे बाद में नेट एरिया में आने पर सिंक किया जा सकेगा।

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मंत्री ने बताया कि इसके अलावा गोवंश के भरण-पोषण से संबंधित धनराशि को पीएफएमएस के माध्यम से जिलों, गोआश्रय स्थलों व सहभागियों के बैंक खाते में सीधे भेजा जा सकेगा। खाते में पैसा जाने के बाद एसएमएस अलर्ट की भी सुविधा है। मांग के अनुसार प्रदेश के 56 जिलों में 34.21 करोड़ रुपये भेजा गया। लंपी रोग के कारण निराश्रित गोवंश के संरक्षण कार्य को स्थगित किया है ताकि किसी रोगग्रस्त गोवंश से गोआश्रय स्थल के गोवंश प्रभावित न हो जाएं। 40 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों की स्थापना के लक्ष्य की शत प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित कर ली गई है। अब तक कुल 42810 गोवंश प्रभावित हुए, जिनमें 26318 को रोग मुक्त किया जा चुका है। प्रदेश में कुल 122.50 लाख वैक्सीन उपलब्ध हैं और 27.5 लाख वैक्सीन की मांग की गई है। सभी जिलों में गोवंश में टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा है। अब तक 5678400 का टीकाकरण हुआ है, इसे 10 अक्तूबर तक एक करोड़ करने का लक्ष्य है।

उत्तर प्रदेश में 520 मोबाइल वेटेरिनरी वाहन लिए गए हैं। 40,000 पशुओं के बीमा के लक्ष्य में 45965 (114.91 प्रतिशत) की प्रगति प्राप्त की गई है। 40 लाख पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान में 4474132 (111.85 प्रतिशत) की प्रगति मिली है। गोआश्रय स्थलों में लगभग नौ लाख गोवंश को संरक्षित करने के साथ 1.47 लाख गोवंश को सुपुर्दगी में प्रतिमाह भरण-पोषण धनराशि 900 रुपये प्रति गोवंश दिया गया। गोआश्रय स्थलों के निर्माण के लिए लेआउट व डिजाइन पीडब्लूडी के सहयोग से तैयार कराया गया है। 2000 गोवंश क्षमता के आश्रय स्थल के लिए 27 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। विकास खंड स्तरीय बृहद गो-संरक्षण केंद्रों की की स्थापना के बाद इनमें सीबीजी व सीएनजी प्लांट की स्थापना की जाएगी।

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