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कानपुर में बच्चे का अपहरण, पुलिस की सर्तकता पर बदमाशों ने 500 रुपये का नोट डालकर बस से किया रवाना

पिता मनजीत शुक्ला की गोद में बेटा आदित्य शुक्ला उर्फ नंदू।

बाइक सवार बदमाशों ने सोमवार को स्कूल जा रहे हॉस्टल संचालक के बेटे का अपहरण कर लिया। बच्चे के पिता से पांच करोड़ की फिरौती मांगने पर घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने दोपहर तक इतना दबाव बना दिया कि अपहर्ता कौशांबी के सैनी मोड़ पर बच्चे की जेब में 500 रुपये का नोट डालकर उसे रोडवेज बस में बैठाकर भाग निकले। पुलिस ने रास्ते में ही बच्चे को अपने कब्जे में ले लिया।

काकादेव स्थित रानीगंज निवासी हॉस्टल संचालक मनजीत शुक्ला का बेटा आदित्य शुक्ला उर्फ नंदू (8) जवाहर नगर स्थित ओंकारेश्वर सरस्वती इंटर कॉलेज में कक्षा तीन का छात्र है। मां प्रतिभा के मुताबिक सुबह 8 बजे नंदू अपने चचेरे भाई रुद्राक्ष शुक्ला, शाश्वत और अक्षत के साथ ई-रिक्शा से स्कूल जा रहा था। चालक अशोक बच्चों को काफी समय से स्कूल ले जाता और छोड़ता है। लाजपत नगर स्थित गुरुद्वारे के पास बाइक सवार दो बदमाश पीछे से पहुंचे और ई-रिक्शा रुकवाकर नंदू के बारे में पूछा। सभी बच्चों ने खुद को नंदू बताया तो वह एक को ले जाने लगे। तभी नंदू ने अपना परिचय दे दिया तो बदमाशों ने उसे उठा लिया। ई-रिक्शा चालक और बाकी बच्चों ने विरोध किया तो बदमाशों ने तमंचा निकालकर नंदू की कनपटी से सटा दिया और उसे बाइक पर बैठाकर निकल गए।  
अशोक ने कुछ दूर तक उनका पीछा किया। जब सभी भाग गए तो वह सीधे नजीराबाद थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। इधर घटना के बाद अपहर्ताओं ने नंदू के पिता को फोन कर पांच करोड़ की फिरौती मांगी। पुलिस ने तत्काल फोन को सर्विलांस और लिसनिंग पर लेकर बदमाशों की लोकेशन पता कर ली। पुलिस का इतना दबाव बढ़ गया कि अपहर्ताओं ने नंदू को सैनी मोड़ के पास कानपुर की ओर आ रही रोडवेज बस में बैठा दिया और उसकी जेब में पांच सौ रुपए भी डाल दिए। 
बस में बच्चे के रोने पर कंडक्टर ने उससे घटना की जानकारी ली। कंडक्टर ने एक यात्री से नंदू के परिजनों को फोन कराया। इसके बाद एसपी साउथ और आईजी क्राइम ब्रांच के नेतृत्व से एक टीम बच्चे को बरामद करने के लिए रवाना हो गई। पुलिस फतेहपुर के लोधीगंज तिराहे के पास से बच्चे को बरामद कर देर रात शहर लौट आई।
 

कार से लेकर भागे बदमाश
बच्चे के मिल जाने के बाद एसएसपी अखिलेश कुमार मीणा ने बताया कि बदमाशों ने घटनास्थल से कुछ दूरी पर बाइक छोड़ दी और कालेरंग की कार से भाग निकले। कार में बच्चे के मुंह पर टेप लगा दिया गया और हाथ-पैर बांध दिए गए थे। कार से ही बच्चे को लेकर सैनी मोड़ तक पहुंचे थे।
 

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी लिया संज्ञान
नंदू के अपहरण की घटना का घटना केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी का संज्ञान लिया। संघ के लोगों ने मिली जानकारी पर राजनाथ सिंह ने तुरंत राज्य सरकार से इस संबंध में बात की थी। नंदू की मां प्रतिभा शुक्ला का कहना है कि हमें तो बेटा वापस चाहिए था। इस लिहाज से जहां-जहां हो सकता था वहां-वहां फोन किए गए। इसी दौरान बीएनएसडी इंटर कॉलेज के अर्थशास्त्र के शिक्षक और भाजपा के शिक्षक प्रकोष्ठ के नेता दिवाकर मिश्रा को फोन किया था। उनकी बेटी के साथ मेरी बेटी आंचल पढ़ती है। ओंकारेश्वर शिक्षा निकेतन के प्रधानाचार्य राम मिलन सिंह भी पूरे वक्त साथ रहे। बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अंगद सिंह ने भी मदद की। 

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  • Web Title:Kidnapping of child kidnappers carried bus by putting 500 rupees note