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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशफिल्मी सितारों की तरह आम लोगों के दांत चमकाएगा केजीएमयू, खुलेगा सेंटर

फिल्मी सितारों की तरह आम लोगों के दांत चमकाएगा केजीएमयू, खुलेगा सेंटर

अब फिल्मी सितारों की तरह आम लोग के दांत भी चमकेंगे। लोगों की मुस्कान को और बेहतर बनाया जाएगा। इसके लिए केजीएमयू दंत संकाय में कॉस्मेटिक और एस्थेटिक डेंटिस्ट्री का सेंटर खोला जाएगा।

फिल्मी सितारों की तरह आम लोगों के दांत चमकाएगा केजीएमयू, खुलेगा सेंटर
Dinesh Rathourवरिष्ठ संवाददाता,लखनऊ।Fri, 05 Aug 2022 10:22 PM

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अब फिल्मी सितारों की तरह आम लोग के दांत भी चमकेंगे। लोगों की मुस्कान को और बेहतर बनाया जाएगा। इसके लिए केजीएमयू दंत संकाय में कॉस्मेटिक और एस्थेटिक डेंटिस्ट्री का सेंटर खोला जाएगा। इसका प्रस्ताव केजीएमयू प्रशासन को भेज दिया गया है। यह जानकारी केजीएमयू दंत संकाय के कंजरवेटिव डेंटिस्ट्री और एंडोडोंटिक्स विभाग के अध्यक्ष डॉ. एपी टिक्कू ने दी।

वह शुक्रवार को दंत संकाय के प्रेक्षागृह में कंपोजिट विनियर और दातों के रंग, रूप और आकृति को बनाने की तकनीक पर कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। डॉ. एपी टिक्कू ने बताया कि केजीएमयू में खुलने वाला यह प्रदेश का पहला सेंटर होगा। इसमें थ्री डी पिक्चर के जरिए व्यक्ति के चेहरे और उसके दांतो के साथ बेहतर मुस्कुराहट को आकार दिया जा सकेगा। ऑपरेशन के बाद होने वाले बदलाव को मरीज पहले ही देख सकेगा। एक करोड़ की लागत से आधुनिक लैब स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि दांतों में पीलापन, टूट-फूट या फिर दूसरी परेशानी की वजह से व्यक्ति खुलकर हंस नहीं पाता है।

सस्ती दर पर होगा इलाज

दांतों को संवारने की बात हो तो निजी संस्थानों में तीन से पांच लाख रुपये तक खर्च आता है। इसमें मुंह में सामने के करीब 16 दांतों को दुरुस्त किया जाता है। महंगा इलाज होने के कारण आम व्यक्ति इसका लाभ नहीं उठा पा रहे थे। अभी उच्च वर्ग या फिर सिनेमा जगत से जुड़े लोग ही यह इलाज करा पाते हैं। केजीएमयू यह इलाज बेहद सस्ती दर पर मुहैया कराया जाएगा। महज 40 से 50 हजार रुपये में मरीज इलाज करा सकेंगे।

खान-पान से बढ़ीं बीमारियां

डॉ. रमेश भारती ने कहा कि दांतों से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं। खानपान की वजह से यह समस्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि दांतों के इलाज की तकनीक में तेजी से बदलाव आया है। आधुनिक इलाज के तहत व्यक्ति को हू-ब-हू दांत लगाए जा सकेंगे। वहीं टेढ़े-मेढ़े दांतों को एकदम दुरुस्त किया जा सकता है। इससे व्यक्ति की मुस्कान बेहतर होती है।

मन मुताबिक मिलेगी मुस्कान

बंगलुरू के डॉ. दीपक मेहता ने कहा कि कंपोजिट रेसिन तकनीक से कास्मेटिक डेंटिस्ट्री में परेशानी का हल पाया जा सकता है। इसमें दांत के रंग, आकार और रूप को बेहतर किया जा सकता है। व्यक्ति एक बार की सिटिंग में ही मन मुताबिक मुस्कान हासिल कर सकते हैं। केजीएमयू के कुलपति डॉ. बिपिन पुरी ने कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में दंत संकाय के डीन डॉ. आरके सिंह, डॉ. पवित्र रस्तोगी समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
 

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