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16 अक्तूबर, 2020|4:54|IST

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कानपुर संजीत हत्याकांड: फिरौती के 30 लाख दिए थे या नहीं ? जांच करेंगे एडीजी बीपी जोगदंड

kanpur kidnapping case

कानपुर के बर्रा के लैब टेक्नीशियन संजीत यादव हत्याकांड में फिरौती के तीस लाख रुपये दिए जाने की जांच सरकार ने एडीजी पीएचक्यू वीपी जोगदण्ड को सौंपी है। वहां तुरंत कानपुर पहुंचकर इस मामले की जांच शुरू करेंगे। बता दें कि संजीत के परिजनों ने पहले कहा था कि पुलिस के  कहने पर उन लाेगों ने अपहरणकर्ताओं को तीस लाख की फिरौती दी थी, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाई। इसके बाद परिजनों ने अपना बयान बदल लिया। संजीत की बहन ने  बाद में कहा था कि उन लोगों को खाली बैग अपहरणकर्ताओं को दिया था। इस मामले में आईपीएस डिप्टी एसपी अपर्णा गुप्ता, तत्कालीन सीओ, एसओ और चौकी इंंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है। 

फर्जी आईडी पर जारी सिम का इस्तेमाल

बर्रा पुलिस ने बताया कि अपहरण से पहले संजीत के फोन पर जितने भी नंबर से बात हुई थी, उन सबकी जांच की गई। इनमें सामने आया है कि कई सिम फर्जी आईडी पर लिए गए हैं। एक नंबर दबौली के मोबाइल शॉप से रीचार्ज कराया गया था। यह सिम कार्ड मध्य प्रदेश के कटनी का था और किसी छोटू कौल के नाम पर रजिस्टर्ड था। बाकी अन्य नंबर के सिम की जांच की कड़ी में चकरपुर मंडी और दबौली के मिश्रीलाल चौराहे के पास से दो मोबाइल दुकानदारों को भी उठाकर पूछताछ की जा रही है।

 

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पिता चमनलाल की हालत बिगड़ी

बेटे की  हत्या के बारे में पता चलते ही पिता चमनलाल की तबीयत बिगड़ गई है। बहन कुसमा ने बताया कि जब से भाई गायब हुआ था वह पूरी-पूरी रात सो नहीं पाते हैं। भूख भी ठीक से नहीं लगती है। इससे वह काफी कमजोर भी हो गए हैं।

घटना के दिन संजीत की पिता से छह मिनट बात हुई

बर्रा विश्वबैंक निवासी राहुल यादव की बुआ के बेटे प्रदीप ने बताया कि घटना के दिन ही वह अछल्दा से यहां आया था। संजीत की उस दिन अपने पिता से भी मोबाइल पर 6 मिनट तक बात हुई थी। 

यह है पूरा मामला

22 जून की रात लैब टेक्नीशियन संजीत नौबस्ता स्थित हॉस्पिटल से बर्रा पटेल चौक के पास स्थित पैथालॉजी में सैंपल देने के लिए निकला था। सैंपल देकर उसे घर जाना था लेकिन रास्ते से लापता हो गया। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जब संजीत की कॉल डिटेल निकलवाई तो पता चला कि संजीत की बात राहुल नामक एक युवक, एक युवती सहित कई अन्य लोगों से हुई थी। पिता चमनलाल ने राहुल के खिलाफ बेटे के अपहरण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। 13 जुलाई को पिता ने पुलिस के कहने पर फिरौती के 30 लाख रुपए से भरा बैग भी अपहर्ताओं के कहने पर गुजैनी पुल से नीचे फेंक दिया था। इसके बावजूद अपहृत बेटा नहीं मिला। अब उसके हत्या होने की पुष्टि पुलिस ने कर दी है। 

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  • Web Title:Kanpur Sanjit massacre ADG BP JOGDAND to investigate whether ransom was given 30 lakhs Barra Kanpur Lab Technician