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UP पुलिस का गजब कारनामा; पहले खुद ही फंसाया फिर जेल भेजने का डर दिखाकर की लाखों की वसूली, 2 सस्पेंड

कानपुर पुलिस ने एक युवक को फर्जी केस में फंसाने के लिए उसके स्कूटी में आधा किलो चरस रखा। फिर छोड़ने के नाम पर उससे डेढ़ लाख की वसूली की। मामला सामने आने पर चौकी इंचार्ज समेत 2 को सस्पेंड कर दिया।

UP पुलिस का गजब कारनामा; पहले खुद ही फंसाया फिर जेल भेजने का डर दिखाकर की लाखों की वसूली, 2 सस्पेंड
Pawan Kumar Sharmaहिन्दुस्तान,कानपुरTue, 30 Jan 2024 02:28 PM
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यूपी पुलिस के कारनामें अक्सर सुर्खियों में रहता है। हालिया मामला कानपुर से सामने आया है। जहां चौकी प्रभारी और सिपाही ने एक शातिर के साथ मिलकर पहले ट्यूशन टीचर की स्कूटी में आधा किलो चरस प्लांट किया फिर उसे छोड़ने के नाम पर डेढ़ लाख की वसूली की। टीचर ने इस मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की। जिसके बाद डीसीपी सेंट्रल को जांच के आदेश दिए। एसीपी कर्नलगंज द्वारा की गई प्राथमिक जांच के आधार पर डीसीपी सेंट्रल ने चौकी इंचार्ज कपिल यादव और राहुल वर्मा को निलंबितत कर दिया। वहीं इस घटना की विस्तृत जांच एसीपी अनवरगंज को सौंपी गई।

ये मामला कोहना थाना क्षेत्र का है। गांधी पार्क डिप्टी पड़ाव के रहने वाले नितिन त्रिपाठी बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने के साथ-साथ बीटीसी भी कर रहे हैं। नितिन के अनुसार बीती 23 जनवरी को उनके दोस्त वासू सोनकर का फोन आया जिसने उनसे कुछ देर के लिए स्कूटी की मांग की और डिप्टी पड़ाव बुलाया। वह मौके पर पहुंचे तो वासू ने उससे मोतीझील तक चलने की बात कही। वह वासू के साथ चले गए। पीड़ित के अनुसार लाजपत भवन के पास वासू ने स्कूटी खड़ी कर दी और वॉशरूम जाने की बात कही और चला गया। वह सड़क किनारे खड़े होकर वासू का इंतजार कर रहे थे।

स्कूटी में रखा चरस रखकर युवक को फंसाया

आरोप है कि तभी दो पुलिसकर्मी कार से वहां पहुंचे और उन्हें पकड़कर कार में बैठा लिया और स्कूटी में आधा किलो चरस रख दिया। फिर नितिन को कोहना थाना लेकर गए जहां एक अंधेरे कमरे में बैठा दिया गया। पुलिस ने चरस पर पूछताछ की तो नितिन ने इनकार कर दिया। इस पर पुलिसकर्मियों ने उसे जेल भेजने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें छोड़ने के लिए दो लाख की मांग की। इस पर नितिन ने अपने भाई विपिन को फोन कर थाने बुलाया। बातचीत के बाद डेढ़ लाख में डील फाइनल हुई। उसके बाद पुलिस ने नितिन को छोड़ दिया। पीड़ित के मुताबिक थाने के कैमरे में सारी फुटेज मौजूद हैं। आरोपितों में शामिल सिपाही राहुल वर्मा कोहना थाने में ट्रांसफर के बाद भी लंबे समय से टिका है।

इस मामले में डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार ने बताया कि ये घटना बेहद गंभीर है। जो रिपोर्ट आई है उसमें कहा गया है कि किसी और थाना क्षेत्र की पुलिस ने किसी और इलाके से टीचर को उठाया। उसे कोहना थाने में रखा गया। वहां से बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी को सूचना दिए थाने से ही छोड़ दिया गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर रानीघाट चौकी इंचार्ज और सिपाही को निलंबित किया गया है। 

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