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16 सितम्बर, 2020|3:36|IST

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'लव जिहाद' की जांच के लिए कानपुर पुलिस ने बनाई एसआईटी

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शादी के बहाने जबरन धर्म परिवर्तन के कई मामलों में आरोपों की जांच के लिए कानपुर पुलिस ने 9 सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। कानपुर से पिछले एक महीने में ‘लव जिहाद’ के कई सारे मामले सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया।

कानपुर के किदवई नगर से लव जिहाद का पहला मामला सामने आया था। सूत्रों ने बताया कि पिछले 40 दिनों में कानपुर दक्षिण के विभिन्न हिस्सों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं। जिसके बाद पुलिस अधिकारियों को जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। अब तक, एसआईटी के पास लव जिहाद के 15 मामले हैं।

आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल ने एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए 10 दिन का समय दिया था क्योंकि एक परिवार ने दावा किया कि उनकी बेटी लव जिहाद का शिकार हो गई। लड़की ने जुलाई में एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी की जिसके बाद लव जिहाद का मुद्द गरमाया। लड़की के परिवार ने लव जिहाद का आरोप लगाया, हालांकि दंपति ने जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों से इनकार करते हुए दिल्ली में तीस हजारी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

जब यह मामला तोड़ा ठंड़ा पड़ने लगा तो विश्व हिंदू परिषद लड़की के परिवार में शामिल हो गया और किदवई नगर में उनके कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन का आरोप लगाया कि लव जिहाद की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने उसी वक्त पुलिस को लव जिहाद के पांच और मामले बताए। एसपी कानपुर दक्षिण, दीपक भुकर ने कहा बताया कि हर दिन एक नया मामला आता है; जांच स्पष्ट रूप से 10 दिनों में पूरी नहीं हो सकती है, इसके लिए और समय की आवश्यकता होगी।

दिलचस्प बात यह है कि कथित लव जिहाद के ज्यादातर मामले जूही इलाके से सामने आए हैं। एक अधिकारी ने कहा कि अगर किसी भी इस्लामिक संगठन की कानपुर में 'लव जिहाद' रैकेट की फंडिंग में भूमिका है। अधिकारी ने दावा किया कि इस बात की काफी हद तक संभावना है कि कुछ इस्लामिक संगठन इस तरह के राष्ट्र विरोधी कृत्यों में शामिल मुट्ठी भर संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे हों। पुलिस यह पता लगाने के लिए साजिश के पहलू पर गौर कर रही है कि क्या इसमें शामिल युवकों को विदेश से पैसे भेजे जा रहे हैं।

जिस थानों में लव जिहाद के मामले दर्ज किए गए वहां से एसआईटी डिटेल तो ले ही रही बल्कि यह भी पता लगा रही है कि वे वे कहां और कैसे मिले थे, क्या मुस्लिम युवा अपनी असली पहचान छिपाते थे और क्या कोई बिचौलिए शामिल थे? एसआईटी उनके दोस्तों और रिश्तेदारों के भी डिटेल ले रही है, जिनसे पूछताछ के बाद शामिल युवकों के कॉल डिटेल की जांच की जाएगी।

प्रमुख मामलों में जांच टीम एक मुस्लिम युवक के मामले का पीछा कर रही है, जिसने आर्यन मल्होत्रा ​​बनकरनौबस्ता की एक नाबालिग हिंदू लड़की के साथ दुर्व्यवहार किया। उसने हिंदू परिवार के घर में एक कमरा किराए पर लिया था और दो साल से रह रहे थे।

एसएचओ नौबस्ता कुंज बिहारी मिश्रा ने कहा कि युवकों को बलात्कार के आरोप में जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने दो आधार कार्ड बरामद किए थे, एक उसका मूल नाम और नकल नाम है हालांकि दोनों में एक ही तस्वीर थी। पीड़ित ने कहा है कि उसे धोखा दिया गया था। इसी तरह, जाजमऊ के एक शादीशुदा व्यक्ति ने साकेत नगर में एक हिंदू महिला से शादी की इसी तरह के मामले पनकी, बर्रा, जूही से भी आए हैं। कुछ मामले पांच से छह साल पुराने हैं।

विहिप के कानपुर क्षेत्र के सह मंत्री दीन दयाल गौड़ ने कहा कि वह और अन्य लोग आईजी कानपुर से मिले थे क्योंकि उन्हें लगा कि ये मामले महज प्रेम प्रसंग नहीं बल्कि और भयावह हैं। उन्होंने कहा कि वे हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने के लिए एक अच्छी तरह से रची साजिश का परिणाम थे। हमारे इनपुट के अनुसार उनमें से अधिकांश नाबालिक है।

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  • Web Title:Kanpur police set up SIT to investigate Love Jihad cases