Kanpur made Dhanush Cannon joins Indian Army today in Jabalpur - ऐतिहासिक पल: कानपुर में बनी 'धनुष' तोप जबलपुर में सेना का हिस्सा बनी DA Image

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ऐतिहासिक पल: कानपुर में बनी 'धनुष' तोप जबलपुर में सेना का हिस्सा बनी

dhanush cannon

कानपुर के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि। आर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर और फील्ड गन फैक्ट्री में विकसित धनुष लंबे और कठिन परीक्षणों के बाद सेना का हिस्सा बन गई। जबलपुर स्थित गन कैरिज फैक्ट्री में आयोजित भव्य समारोह में स्वदेशी छह धनुष भारतीय सेना को सौंपी गईं।

भारतीय सेना को 34 साल बाद बोफोर्स तोप का विकल्प मिला है। अब धनुष को बोफोर्स से रीप्लेस किया जाएगा। बुधवार को आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के अध्यक्ष सौरभ कुमार ने हरी झंडी दिखाकर तोपों को रवाना किया। इस अवसर पर रक्षा उत्पादन सचिव डॉ. अजय कुमार, थल सेना के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल पीके श्रीवास्तव सहित सेना के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

आयुध निर्माणी बोर्ड के उप महानिदेशक गगन चतुर्वेदी ने बताया कि 155 एमएम और 45 कैलिबर की आधुनिक गन सिस्टम धनुष का विकास भारतीय सेना के साथ संयुक्त रूप से किया गया है। इस साल फरवरी में इसके बल्क उत्पादन की स्वीकृति मिली थी। भारतीय सेना ने पहले चरण में 114 तोपों का आर्डर फैक्ट्री को दिया है। सौ फीसदी स्वदेशी धनुष के निर्माण में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां सेव, बेल ने अहम भूमिका निभाई है। प्रतिरक्षा कर्मचारी आशीष पांडेय ने इस उपलब्धि पर कहा कि धनुष ने कानपुर की आर्डिनेंस फैक्ट्रियों की योग्यता का परचम फहराया है और हमारा सिर सम्मान से ऊंचा कर दिया है।

सेना को नई शक्ति देगा धनुष
दस साल से परीक्षणों के कठिन दौर से गुजर रही धनुष एक शानदार आर्टिलरी के रूप में उभरकर सामने आई है, जो दुनिया की किसी भी तोप को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। धनुष में कई नई खूबियां जोड़ी गई हैं। इसे इनर्शियल नेवीगेशन सिस्टम, ऑन बोर्ड बैलिस्टिक कम्प्यूटर, डाटरेक्ट डे एंड नाइट फायरिंग सिस्टम, मॉडर्न टारगेट सिस्टम और कम्युनिकेशन से लैस किया गया है, जो इस तोप को सेना के 'प्रोजेक्ट शक्ति' के अनुरूप बनाता है।

जहां दगेगा गोला, साफ हो जाएगा मैदान
धनुष की एक्यूरेसी सौ फीसदी है। ये तोप लगातार गोले दाग सकती है, वो भी लक्ष्य है। 38 किलोमीटर की रेंज वाली धनुष की ताकत अभी से दुश्मनों के कलेजे को कंपा रही है। 13 टन से कम वजन वाली तोप का गोला जिस स्थान पर गिरता है, 200 मीटर का इलाका साफ हो जाता है। इसकी एलीवेशन रेंज माइनस तीन डिग्री से 70 डिग्री तक है। ये 60 डिग्री आसानी से घूम सकती है। इसे 55 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी से लेकर माइनस 50 डिग्री की हाड़ कंपाते ठंडे इलाकों में तैनात किया जा सकता है।

बोफोर्स से कहीं बेहतर है धनुष 

  • हथियारों की दुनिया में मील का पत्थर बनी धनुष बोफोर्स तोप से कई गुना बेहतर है
  • धनुष का वजन बोफोर्स से 700 किलो ज्यादा, बैरल बोफोर्स की तुलना में 877 मिमी ज्यादा है
  • इस वजह से इसकी मारक क्षमता रेंज 27 किलोमीटर से बढ़कर 38 किलोमीटर हो गई है
  • बोफोर्स का सिस्टम मैनुअल है जबकि धनुष का फायर कंट्रोल सिस्टम कम्प्यूटर आपरेटेड है। 
  • बोफोर्स के डे नाइट कैमरा की तुलना में इसमें डे कैमरा, नाइट कैमरा, लेजर रेंज फाइंडर आदि हैÜ
  • धनुष की गन को दुनिया की किसी भी तोप के मुकाबले सबसे ज्यादा घुमाया जा सकता है
  • धनुष में इलेक्ट्रानिक साइटिंग सिस्टम के अलावा डे अंड नाइट साइट पर आधारित 
  • धनुष में आर्डिनेंस फैक्ट्री देहरादून द्वारा विकसित इनडायरेक्ट साइट सिस्टम लगा है।
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