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कानपुर किडनैपिंग केस : बहन का रिश्ता देखने गया था युवक, अभी तक नहीं मिला कोई सुराग

हिन्दुस्तान टीम, कानपुर।Published By: Shivendra Singh
Fri, 17 Jul 2020 12:37 PM
कानपुर किडनैपिंग केस : बहन का रिश्ता देखने गया था युवक, अभी तक नहीं मिला कोई सुराग

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बर्रा-5 निवासी लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण के मामले में बर्रा पुलिस और सर्विलांस सेल पूरी तरह फेल रही। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भरोसे में लेकर अपहर्ताओं को फिरौती के 30 लाख दिलवा दिए लेकिन बेटे को मुक्त नहीं करा सकी। वहीं, युवक को मुक्त कराने में नाकाम बर्रा इंस्पेक्टर रणजीत राय को एसएसपी ने गुरुवार को निलंबित कर दिया।

किडनैप हुए संजीत यादव के पिता चमनलाल ने बताया कि रुचि का पहला रिश्ता राहुल के साथ तय किया गया था। बाद में कुछ दिक्कतों के कारण रिश्ता टूट गया था। इसके बाद भी राहुल लगातार बेटी से बात करता था। उसने बातों-बातों में पूरे परिवार को धमकाया भी था। 22 जून को संजीत बेटी के लिए दूसरा रिश्ता देखने गए थे। यह नहीं पता था कि उसी रात बेटे का अपहरण हो जाएगा।

22 दिन बाद भी अपहृत युवक का पता नहीं
पुलिस की टीम 22 दिन से संजीत को खोज रही थी। अभी तक लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पाई है कि किडनैपर्स कहां से फोन कर रहे हैं। रणजीत राय को निलंबित करने के बाद उनकी जगह सर्विलांस सेल के प्रभारी रहे हरमीत सिंह को बर्रा थाने की जिम्मेदारी दी गई है।

गुजैनी पुल पर मिले युवक से क्या मिला सुराग 
चमनलाल का कहना है कि सोमवार देर रात जब वह अपहर्ताओं के बुलावे पर जब वह फिरौती की रकम देने गए थे। इस दौरान गुजैनी पुल पर डीसीएम के पीछे खड़े एक युवक को पुलिसकर्मियों ने पकड़ा था। पुलिस को पकड़े गए उस युवक से कोई सुराग मिला या नहीं अभी तक इसका भी पता नहीं चल सका है। 

स्वॉट टीम पर भरोसा नहीं, नए अधिकारी से हो जांच 
रुचि का कहना है कि एसटीएफ उसके भाई को बरामद कर नहीं पाई वहीं स्वॉट टीम के प्रभारी दिनेश यादव ने भी उस पर बयान देने का दबाव डाला था। ऐसे में अब उसे स्वॉट टीम पर भी भरोसा नहीं है। मामले की जांच किसी नए और तेजतर्रार अधिकारी से कराई जाऊ। 

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