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Hindi News उत्तर प्रदेशप्रति किमी टोल वसूलने के पायलट प्रोजेक्ट में कानपुर हुआ शामिल, नए हाईवे पर ट्रायल

प्रति किमी टोल वसूलने के पायलट प्रोजेक्ट में कानपुर हुआ शामिल, नए हाईवे पर ट्रायल

प्रति किमी टोल वसूलने के पायलट प्रोजेक्ट में कानपुर शामिल हुआ है। कानपुर में नए बने कानपुर-अलीगढ़ फोरलेन हाईवे पर भी इसका ट्रायल होगा।

प्रति किमी टोल वसूलने के पायलट प्रोजेक्ट में कानपुर हुआ शामिल, नए हाईवे पर ट्रायल
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Deep Pandeyसुहेल खान,कानपुरSat, 15 Jun 2024 06:34 AM
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एनएचएआई के हाईवे नेटवर्क पर टोल प्लाजा बैरियर खत्म कर प्रति किमी की दर से टोल वसूलने की कवायद में कानपुर भी शामिल किया गया है। कानपुर में नए बने कानपुर-अलीगढ़ फोरलेन हाईवे पर भी इसका ट्रायल होगा। एनएचएआई ने पहले चरण में दिल्ली-गुरुग्राम के बीच द्वारका एक्सप्रेस वे समेत अन्य हाईवे पर ट्रायल हो चुका है। फास्टैग में टोल कटने की तकनीकी समस्याएं, टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम और कम दूरी पर भी पूरा टोल चुकाने की शिकायतें भी दूर हो जाएंगी।

कम यात्रा करने पर भी 60 किमी का देना होता है टोल 
अभी तक एनएचएआई के राष्ट्रीय राजमार्ग पर औसत हर 60 किमी पर एक टोल प्लाजा होता है। इसमें 60 किमी की यात्रा न करने पर भी पूरा टोल टैक्स देना पड़ता है। अब ‘जितनी दूरी उतना ही टोल व्यवस्था’ के तहत सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम के जरिये टोल लेने की तैयारी कर रहा है। इसमें प्रति किमी की दर से टोल फीस तय की जाएगी, टोल रोड पर वाहन जितना चलेगा, उतना ही टोल उसके फास्टैग वॉलेट से कटेगा।

इस तरह करेगा काम
ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) के तहत वाहन में लगे जीपीएस से वाहन की लोकेशन ट्रेस होगी। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पहले की तरह फास्टैग से जुड़ी रहेगी। जीएनएसएस के जरिये वाहन की एनएचएआई हाईवे की लोकेशन और तय की गई दूरी का डाटा सर्वर पर रहेगा। बैंक के सर्वर से फास्टैग दूरी के हिसाब से टोल कटेगा। यानी जैसे ही एनएच पर वाहन आएगा, मीटर ऑन हो जाएगा, जैसे ही वाहन टोल हाईवे से हटेगा। उस दूरी का आंकलन होगा और टोल कट जाएगा। अभी कई एक्सप्रेस वे पर प्रति किमी के हिसाब से टोल लिया जाता है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर भी यूपीडा प्रति किमी के हिसाब से टोल लेता है। 

इन दिक्कतों से मिलेगी राहत
- एनएचएआई के जगह-जगह टोल वसूली के लिए लगने वाले टोल प्लाजा बैरियर की जरूरत नहीं होगी।
- टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम और आए दिन टोल को लेकर मारपीट की घटनाएं भी रुकेंगी।
- टोल प्लाजा पर स्कैनर से फास्टैग रीड न होने, वॉलेट में पैसा होने पर बैलेंस न दिखाने की दिक्कतें नहीं होंगी।
- आटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरों से स्कैनिंग में दिक्कतों से एक से अधिक बार टोल कटने की खामी नहीं होगी।

एनएचएआई पीडी अमन रोहिल्ला ने बताया कि  प्रति किमी की दर से टोल वसूलने का परीक्षण अलग-अलग हाईवे पर हो रहा है। कई चरणों की प्रक्रिया के बाद और विशेषज्ञों की रायशुमारी के बाद मंत्रालय इस पर फैसला लेगा। कानपुर की आउटर रिंग रोड पर प्रति किमी के हिसाब से ही एनचएआई टोल वसूलने की तैयारी कर रहा है।