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25 फरवरी, 2021|5:37|IST

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कानपुर : जिसकी वजह से शहीद हुए आठ पुलिसकर्मी, वह रह चुका है थाने में घुसकर मंत्री की हत्या का आरोपी

यूपी के कानपुर में जिस बदमाश को पकड़ने में आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए और कई घायल है उस पर 60 से ज्यादा मुकदमे दर्ज है। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर अपने चचेरे भाई पर जानलेवा हमला करने का भी आरोप है। बताया जा रहा है भाई को मारने के लिए उसने जेल में बैठकर पूरे साजिश रची थी। वहीं 19 साल पहले 2001 में उस पर थाने में घुसकर राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप था। इस हत्याकांड का कोई गवाह न मिलने पर बरी हो गया था। 

जेल में रहते जीता था चुनाव : 

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की यूपी के चारों राजनीतिक दलों में पकड़ है। 2002 के जब मायावती सूबे की मुख्यमंत्री थीं तब इसका सिक्का बिल्हौर, शिवराजपुर, रिनयां, चौबेपुर के साथ ही कानपुर नगर में चलता था। जेल में रहने के दौरान शिवराजपुर से नगर पंचयात का चुनाव जीत गया। बसपा सरकार के एक कद्दावर नेता से इसकी करीबी जगजाहिर थी। इस दौरान विकास ने अपना खुद का एक बड़ा गैंग खड़ा कर लिया था। इसके ऊपर 60 से से ज्यादा मामले दर्ज हैं जो डीटू गैंग के सरगना मोनू पहाड़ी से भी ज्यादा हैं।

इन घटनाओं में भी विकास का नाम आया
वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था। इसके अलावा कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास की जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप है। वर्ष 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपित है।

कहलाता था शिवली का डॉन

यही नहीं पंचायत और निकाय चुनावों में इसने कई नेताओं के लिए काम किया और उसके संबंध प्रदेश की सभी प्रमुख पार्टियों से हो गए. 2001 में विकास दुबे ने बीजेपी सरकार में एक दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला को थाने के अंदर घुसकर गोलियों से भून डाला था। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर के बाद शिवली के डॉन ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया और कुछ माह के बाद जमानत पर बाहर आ गया। 

लखनऊ में एसटीफ ने पकड़ा था :
विकास दुबे पुलिस से बचने के लिए लखनऊ स्थित अपने कृष्णा नगर के घर पर छिपा हुआ था। शासन ने कुख्यात हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने के लिए लखनऊ एसटीएफ को लगाया था। कुछ समय पहले ही एसटीएफ ने उसे कृष्णा नगर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब एक बार फिर जेल से निकलने के बाद ये फरार हो गया।

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  • Web Title:Kanpur Due to which eight policemen were martyred in kanpur he has remained accused of killing the minister santosh shukla by entering the police station