Kamlesh murder case : There was 10-minute delay otherwise STF would have been caught both killers - कमलेश हत्याकांड : 10 मिनट देर हो गई, वरना STF के शिकंजे में होते दोनों हत्यारे DA Image
15 नबम्बर, 2019|12:55|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कमलेश हत्याकांड : 10 मिनट देर हो गई, वरना STF के शिकंजे में होते दोनों हत्यारे

kamlesh murder case

कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में एसटीएफ से 10 मिनट की देरी हो गई, वरना दोनों हत्यारे एसटीएफ की पकड़ में होते। हालातों को देखें तो ऐसा लगा कि हत्यारों को इस बात का अंदेशा था कि उनके आसपास एसटीएफ की टीम है, इसीलिए जब वह रेलवे स्टेशन पहुंचे तो उन्हें पता चला कि दिल्ली के लिए चार ट्रेने आधे घंटे बाद की है तो उन्होंने इंतजार नहीं किया और सारे हत्यारे रेलवे स्टेशन से बाहर चले गए।

कमलेश तिवारी की हत्या करने वाले पलिया से शाहजहांपुर में पहुंचे तो ट्रेन के वक्त पर थे, उन्हें कई ट्रेनें दिल्ली जाने के लिए मिल सकती थीं। वह रेलवे स्टेशन के अंदर तक गए जरूर, लेकिन वह ट्रेन पर बैठे नहीं। हालांकि जब दोनों हत्यारे पैराडाइज होटल के आगे से पैदल गुजरे, उस वक्त अमृतसर से गोरखपुर जाने के लिए ट्रेन खड़ी थी। पैराडाइज होटल के आगे से गुजरते वक्त उस ट्रेन ने चलने के लिए सीटी बजाई थी। इसके बाद दिल्ली जाने के लिए हत्यारों को तीन ट्रेनें मिल सकती थीं, लेकिन हत्यारों को खतरे का आभास था, पकड़े जाने का डर था इसलिए उन्होंने ट्रेन का इंतजार रेलवे स्टेशन पर नहीं किया। वह रुके नहीं और स्टेशन रोड से चले गए।

कमलेश हत्याकांड:पुलिस के हत्थे चढ़ा हत्यारोपियों की मदद करने वाला शख्स

कमलेश के हत्यारे ट्रेन से ही दिल्ली की ओर जाना चाहते थे, तभी तो वह इनोवा गाड़ी से शाहजहांपुर रविवार रात ऐसे वक्त पर पहुंचे, तब दिल्ली जाने के लिए उन्हें एक नहीं चार ट्रेनें मिल सकती थीं। पर हत्यारों को मुरादाबाद में ट्रेन रोक कर कुछ संदिग्धों से हुई पूछताछ की जानकारी थी, ऐसा लगता है, इस कारण उन्होंने ट्रेन का इंतजार नहीं किया। वह रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड की ओर पैदल गए।

रविवार रात इनोवा गाड़ी से उतर कर कमलेश के हत्यारे रेलवे स्टेशन पर दिल्ली जाने वाली ट्रेनों की जानकारी लेने गए थे। वहां उन्हें पता लगा कि 12 बजकर 27 मिनट से लेकर रात एक बजे तक चार ट्रेनें दिल्ली के लिए हैं। पर कमलेश तिवारी के हत्यारों को डर था कि अगर वह ट्रेन का इंतजार करेंगे तो पकड़े जाएंगे। अगर उनकी लोकेशन ट्रेन में भी मिली तो पुलिस ट्रेन रुकवाकर उन्हें पकड़ सकती है। इसीलिए उन्होंने शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के बाहर गाड़ी छोड़ दी।

कमलेश की हत्या के दौरान घायल हुए हत्यारे ने बरेली में कराया था इलाज

वहीं एक ठेले पर दोनों ने सिगरेट पी। इसके बाद वह पैदल ही बस स्टैंड की ओर चले गए। पैराडाइज होटल के सामने से गुजरने पर उनकी तस्वीरें सीसीटीवी में कैद हो गईं, लेकिन इसके बाद आगे कोई ऐसा सीसीटीवी लगा नहीं मिला, जिसमें कमलेश के हत्यारों की रिकार्डिंग हुई हो।

चौकन्ने थे, बॉडीलेंग्वेज से फिट हैं हत्यारे
कमलेश की हत्या करने वाले शाहजहांपुर में रेलवे स्टेशन की ओर से बस स्टैंड की ओर सीसीटीवी फुटेज में जाते हुए दिखाई दिए थे। दोनों ही हत्यारे बलिष्ठ शरीर के थे। वह बेहद चौकन्ने थे। कसरत करने वाले लग रहे थे। एक तो टीशर्ट, जींस पहने थे। दूसरा शर्ट और जींस पहने हुआ था।

वाराणसी : गंगा में विसर्जित हुई कमलेश तिवारी की अस्थियां 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Kamlesh murder case : There was 10-minute delay otherwise STF would have been caught both killers